जिले में शनिवार सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो स्कूली छात्राओं की जान चली गई, जबकि दो अन्य छात्राएं घायल हो गईं। हादसा दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर नोहटा थाना क्षेत्र के अभाना गांव में टेक यादव ढाबा और पेट्रोल पंप के पास हुआ। कोचिंग के बाद साइकिल से स्कूल जा रही चार छात्राओं को तेज रफ्तार निजी ट्रेवल्स की बस ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से छात्राओं को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दशोदा पटेल और आरुषि लोधी को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार मृत छात्राएं दशोदा पटेल और आरुषि लोधी, दोनों की उम्र करीब 13 वर्ष थी और वे कक्षा आठवीं में पढ़ती थीं। छात्राएं सुबह कोचिंग करने के बाद साइकिल से अभाना स्थित स्कूल जा रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार बस ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में नित्या सेन गंभीर रूप से घायल हुई, जबकि खुशी यादव को मामूली चोटें आईं। घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। बस की टक्कर के दौरान उसमें रखी केले की कैरेट गिरने से दमोह के सिविल वार्ड निवासी यात्री देवकरण शर्मा भी घायल हो गए। उनका भी अस्पताल में उपचार कराया गया।
बेटियों की मौत से परिवारों में मातम
दोनों छात्राओं की मौत की खबर मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। बेटियों के शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर दमोह विधायक जयंत मलैया, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से घटना की जानकारी ली और पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी। नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी ने भी अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई। राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने हादसे पर दुख जताते हुए पुलिस प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
दो घंटे तक हाईवे पर चक्काजाम
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने अभाना में दमोह-जबलपुर मार्ग पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर दिया। इससे मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और करीब दो किलोमीटर तक जाम लग गया। परिजनों की मांग थी कि बस चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने घटनास्थल पर स्पीड ब्रेकर बनाने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग भी रखी। ग्रामीणों का कहना था कि इस स्थान पर पहले भी हादसे हो चुके हैं, इसलिए सड़क पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के इंतजाम जरूरी हैं।
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बस में तोड़फोड़ की कोशिश
प्रदर्शन के दौरान बिशना खेड़ी के पास भी लोगों ने जाम लगाया और बस में तोड़फोड़ की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाइश देकर स्थिति संभाली। सूचना मिलने पर तहसीलदार धनीराम गौड़, तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर और नोहटा थाना प्रभारी अरविंद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद जाम खुलवाया गया और यातायात बहाल कराया गया।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिला परिवहन अधिकारियों को संबंधित बस जब्त करने तथा जिले में संचालित कंडम बसों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने बसों की गति सीमा और परिवहन नियमों के पालन की जांच कर सख्त कार्रवाई करने को कहा। कलेक्टर ने मृत छात्राओं के परिजनों के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए शासन स्तर से हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
छात्राओं की मौत के बाद सड़क सुरक्षा और यात्री बसों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि घटनास्थल पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित किया जाए। हादसे के बाद बस चालक और कंडक्टर के मौके से फरार होने की जानकारी भी सामने आई है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और हादसे के कारणों की जांच महत्वपूर्ण होगी।