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Mandi: श्रमिक कल्याण बोर्ड की मदद से साकार हो रहा कामगारों का पक्का घर का सपना
निर्माण श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार अनेक कदम उठा रही है। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को अपना घर बनाने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। मंडी जिला में श्रमिक कल्याण बोर्ड द्वारा पात्र 30 पंजीकृत कामगारों को घर बनाने के लिए लगभग 40 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इस योजना की लाभार्थी सरकाघाट क्षेत्र के नाल्टा सरसेहड़ा गांव की सुनीता कुमारी बताती हैं कि वर्ष 2019 से उनका नाम श्रमिक कल्याण बोर्ड में दर्ज है। उन्होंने श्रमिक कल्याण बोर्ड, सरकाघाट के कार्यालय में घर बनाने के लिए आवेदन किया। कुछ समय बाद उनके बैंक खाते में अपना पक्का मकान बनाने के लिए 1.50 लाख रुपए की सहायता राशि प्राप्त हुई। साथ ही खंड विकास कार्यालय की ओर से भी तीन किस्तों में डेढ़ लाख रुपए प्राप्त हुए। कुल तीन लाख रुपए की इस सहायता से आज उन्होंने अपना मकान तैयार कर लिया है। गरीबों को अपना पक्का मकान बनाने के लिए इस तरह की योजनाएं चलाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का तहेदिल से धन्यवाद किया है। नाल्टा सरसेहड़ा गांव की ही एक अन्य लाभार्थी रामप्यारी ने बताया कि श्रमिक कल्याण बोर्ड में वर्ष 2018 से उनका नाम पंजीकृत है। पंचायत प्रधान से पता चला कि सरकार द्वारा श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। आवेदन के कुछ समय बाद उन्हें डेढ़ लाख रुपए की सहायता राशि प्राप्त हुई। विकास खंड कार्यालय की ओर से भी डेढ़ लाख रुपए की तीन किस्तों में मिले। इस वित्तीय मदद से वे अपने पक्के मकान का सपना पूरा कर पाई हैं, जिसके लिए उन्होंने सुक्खू सरकार का धन्यवाद किया है। सरकाघाट तहसील के लुकाणू गांव के सुखदेव बताते हैं कि उनकी धर्मपत्नी मीरा देवी वर्ष 2020 से श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हैं। उन्हें भी मकान बनाने के लिए सहायता राशि प्राप्त हुई है। वे बताते हैं कि मकान का निर्माण पूरा कर लिया है और अपनी बेटी की शादी भी इसी पक्के मकान से संपन्न करवाई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार जताते हुए वे कहते हैं कि सरकार की मदद से आज रहने के लिए पक्की छत मिल सकी है। जिला श्रम अधिकारी अनिल ठाकुर ने बताया कि श्रमिक कल्याण बोर्ड की इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को बोर्ड के साथ पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना चाहिए। पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिनों तक काम किया होना चाहिए। कोई हितधारक जो पहले से ही या तो प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नामांकित हो, उसे अपने गृह निर्माण के लिए डेढ़ लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि पात्र श्रमिक अपनी पंचायत अथवा तहसील कल्याण अधिकारी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ उन्हें आधार कार्ड, पंजीकरण कार्ड, बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र (अढ़ाई लाख रुपए से कम) सहित ग्रामीण विकास विभाग/खंड विकास अधिकारी से स्वीकृति संलग्न करनी होगी।
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