कटनी जमीन सौदेबाजी केस: निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत खारिज, गिरफ्तारी का खतरा बढ़ा
कटनी जमीन सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत जिला अदालत ने खारिज कर दी। पुलिस उनकी और दो फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। अब हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद है।
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बहुचर्चित जमीन सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग के मामले में निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय, कटनी के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट क्रमांक-17) ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट के इस फैसले के बाद नेहा पच्चीसिया पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।
अदालत ने अग्रिम जमानत आवेदन क्रमांक BA/821/2026 पर सुनवाई के बाद मामले की गंभीरता और जांच में सामने आए तथ्यों को देखते हुए अग्रिम राहत देने से इनकार कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कमलेश शुक्ला ने दलीलें पेश कीं, लेकिन अभियोजन और एसआईटी की ओर से प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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कुठला थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद से निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया, मुख्य फाइनेंसर क्षितिज राज बारापात्रे और कागजी खरीदार मारूफ अहमद हनफी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है। उनकी तलाश में पुलिस और एसआईटी की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
मामले की जांच के लिए जबलपुर एएसपी अंजना तिवारी के नेतृत्व में आठ सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। टीम बैंक ट्रांजेक्शन, दस्तावेजी साक्ष्यों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, सीज किए गए सीएसपी कार्यालय को खोलकर वहां मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी जब्त किए जा सकते हैं।
अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद पुलिस और साइबर सेल की विशेष टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। अब नेहा पच्चीसिया के पास गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का विकल्प है। हाईकोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिलने की स्थिति में पुलिस फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती है।
