{"_id":"6aba2e2d31f62e744604b787","slug":"video-dharampur-mandi-four-day-training-camp-seven-panchayats-representatives-2026-09-28","type":"video","status":"publish","title_hn":"मंडी: धर्मपुर की सात पंचायतों के प्रतिनिधियों का चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू, बैठकों और ग्राम सभा के संचालन की मिली जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडी: धर्मपुर की सात पंचायतों के प्रतिनिधियों का चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू, बैठकों और ग्राम सभा के संचालन की मिली जानकारी
पंचायतों के कामकाज को बेहतर तरीके से समझने और ग्रामीण विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए धर्मपुर विकास खंड की सात पंचायतों के प्रतिनिधियों का चार दिवसीय बुनियादी प्रशिक्षण शिविर सोमवार से शुरू हो गया। शिविर का शुभारंभ विकास खंड अधिकारी धर्मपुर सौरभ ठाकुर ने किया।
प्रशिक्षण शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज व्यवस्था, ग्राम सभा, पंचायत बैठकों और इनके संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञों की ओर से प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों, दायित्वों और पंचायत की कार्यप्रणाली से संबंधित विषयों को विस्तार से समझाया जा रहा है।
शुभारंभ अवसर पर एसईवीपीओ बालम राम, सेवानिवृत्त जिला पंचायत अधिकारी हरि सिंह, एडवोकेट प्रताप सकलानी, पूर्व पंचायत सचिव दीपक वर्मा और सीओ सुरेश कुमार कौंडल विशेष रूप से मौजूद रहे।
प्रशिक्षण के पहले दिन सेवानिवृत्त जिला पंचायत अधिकारी हरि सिंह ने ग्राम सभा और पंचायत बैठकों के संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान खास तौर पर यह समझाया गया कि यदि ग्राम सभा या पंचायत बैठक के दौरान प्रधान और उपप्रधान दोनों मौजूद न हों तो ऐसी स्थिति में बैठक को किस तरह आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि ग्राम सभा में प्रधान और उपप्रधान की अनुपस्थिति की स्थिति में उपस्थित सदस्यों की सहमति से किसी सदस्य या अन्य उपयुक्त व्यक्ति को बैठक की अध्यक्षता की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
इसी तरह पंचायत बैठक के संबंध में भी प्रधान और उपप्रधान की गैरमौजूदगी में बैठक की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई।
हरि सिंह ने पंचायत प्रतिनिधियों को बैठक आयोजित करने, बैठक की कार्यवाही को व्यवस्थित तरीके से दर्ज करने और पंचायती राज संस्थाओं के कार्यों को नियमों के अनुरूप संचालित करने से जुड़े व्यवहारिक पहलुओं की जानकारी दी।
प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिनिधियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि पंचायतों के रोजमर्रा के कामकाज में आने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यवहारिक जानकारी उपलब्ध करवाना भी है।
चार दिवसीय शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों को ग्राम सभा की भूमिका, पंचायत बैठकों की प्रक्रिया, पंचायतों के दायित्वों और विकास कार्यों को नियमों के अनुसार संचालित करने सहित पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ जानकारी देंगे।
शिविर के शुभारंभ अवसर पर बीडीओ सौरभ ठाकुर ने पंचायत प्रतिनिधियों से प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण प्रतिनिधियों को पंचायत के कामकाज को बेहतर ढंग से समझने और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।