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कुल्लू: उत्सव संपन्न होने के बाद देवालय लौटे आदि ब्रह्मा, सप्तऋषि और नैणा माता
Ankesh Dogra
Updated Wed, 28 Oct 2026 12:17 PM IST
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उत्सव संपन्न होने के बाद अस्थायी शिविरों में विराजमान देवी-देवताओं की बुधवार को अपने-अपने देवालयों में वापसी हो गई। इस दौरान आदि ब्रह्मा खोखण, सप्तऋषि मौहल और नैणा माता भुलंग सहित देवी-देवता पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपने धामों की ओर रवाना हुए।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब साढ़े 11 बजे आदि ब्रह्मा खोखण, सप्तऋषि मौहल और नैणा माता भुलंग ने अपने देवालयों के लिए प्रस्थान किया। रवाना होने से पहले अस्थायी शिविर में देवी-देवताओं का आपसी मिलन हुआ। इसके बाद विदाई की रस्म पूरी की गई।
देवी-देवताओं की रवानगी के दौरान पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि गूंजती रही। ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों के साथ देवी-देवता अपने-अपने देवालयों की ओर रवाना हुए।
उत्सव के समापन के साथ ही अस्थायी शिविरों में चल रही देव परंपराओं का यह चरण पूरा हो गया और देवी-देवता अपने मूल स्थानों पर लौट गए।
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