{"_id":"6aaf64762fe8354c330ed150","slug":"video-20th-annual-shri-ganesh-mahotsav-dharamshala-visarjan-chamunda-dham-september-25-2026-09-20","type":"video","status":"publish","title_hn":"कांगड़ा: 20वें वार्षिक श्री गणेश महोत्सव में उमड़ी श्रद्धा, 25 सितंबर को चामुंडा धाम में होगा विसर्जन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांगड़ा: 20वें वार्षिक श्री गणेश महोत्सव में उमड़ी श्रद्धा, 25 सितंबर को चामुंडा धाम में होगा विसर्जन
Ankesh Dogra
Updated Sun, 20 Sep 2026 10:13 AM IST
Link Copied
कोतवाली के गीता भवन मंदिर में 20वां वार्षिक श्री गणेश महोत्सव इन दिनों श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। वर्ष 2006 से लगातार आयोजित हो रहे इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद ले रहे हैं।
महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर है। सुबह और शाम विशेष आरती का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही हर शाम हिमाचल प्रदेश के जाने-माने गायक भक्ति गीतों और भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में डुबो रहे हैं।
इस धार्मिक आयोजन का संचालन एकदंत समिति के प्रधान राकेश वर्मा के नेतृत्व में किया जा रहा है। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
मंदिर के पुजारी सुंदर रत्न भारद्वाज ने बताया कि 11 दिवसीय श्री गणेश महोत्सव का समापन 25 सितंबर को होगा। समापन दिवस पर सुबह भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना और हवन किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
भंडारे के बाद दोपहर 2 बजे के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को चामुंडा धाम ले जाया जाएगा। वहां शाम 5 बजे से पहले पूरे विधि-विधान के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु भगवान गणेश को भावपूर्ण विदाई देंगे।
महोत्सव के दौरान हर शाम आयोजित होने वाली भजन संध्या श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रसिद्ध गायक भगवान गणेश की महिमा का गुणगान कर रहे हैं।
सुबह की आरती से लेकर शाम की भजन संध्या तक मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। स्थानीय लोग परिवार के साथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना में हिस्सा ले रहे हैं।
पुजारी सुंदर रत्न भारद्वाज ने बताया कि यह महोत्सव उस व्यापक गणेश उत्सव परंपरा का हिस्सा है, जिसे लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने सार्वजनिक रूप से आगे बढ़ाया था। महाराष्ट्र में सार्वजनिक गणेश उत्सव ने धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक एकजुटता और सामुदायिक भागीदारी को भी बढ़ावा दिया।
गीता भवन मंदिर में आयोजित यह महोत्सव भी पिछले दो दशकों से लगातार श्रद्धा और सामुदायिक भागीदारी के साथ आयोजित किया जा रहा है।
अब 25 सितंबर को पूजा, हवन और भंडारे के बाद गणेश प्रतिमा को चामुंडा धाम ले जाया जाएगा। वहां विधि-विधान से विसर्जन के साथ 11 दिवसीय महोत्सव का समापन होगा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।