बालोद में जिला खनिज संस्थान न्यास शासी परिषद की बैठक लंबे इंतजार के बाद आयोजित हुई, लेकिन विकास कार्यों से ज्यादा यह बैठक राजनीतिक विवादों को लेकर चर्चा में रही। बैठक में सांसद की गैरमौजूदगी ने जहां सियासी चर्चाओं को हवा दी, वहीं कांग्रेस विधायकों ने खनिज न्यास मद से होने वाले कार्यों के आवंटन में भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्रशासन पर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने बैठक का बहिष्कार किया, जबकि विधायक संगीता सिन्हा ने खनिज न्यास मद की राशि और उसके खर्च की जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया।
सांसद की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
लंबे समय बाद बुलाई गई DMFT शासी परिषद की बैठक में सांसद की अनुपस्थिति चर्चा का प्रमुख विषय रही। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सांसद पूर्व में जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृत कार्यों की जांच की मांग करते रहे हैं। ऐसे में बैठक में उनकी गैरमौजूदगी को राजनीतिक नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, सांसद की ओर से बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर आधिकारिक तौर पर क्या कारण बताया गया है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
विधायक संगीता सिन्हा ने उठाए खर्च की जानकारी पर सवाल
बैठक के दौरान विधायक संगीता सिन्हा ने DMFT मद से मिलने वाली राशि और उसके उपयोग को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ पंचायतों के सरपंचों को भी यह जानकारी नहीं दी जा रही है कि किस मद में कितनी राशि खर्च की जा रही है।
विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि हमने साफ तौर पर पूछा कि कौन सी राशि कहां खर्च हो रही है। इसकी जानकारी न हमें दी जा रही है और न ही पंचायतों के सरपंचों को। आखिर प्रशासन क्या छुपाना चाह रहा है? उन्होंने सांसद की गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि अंदरूनी स्तर पर सब कुछ ठीक नहीं है।
कुंवर सिंह निषाद ने बैठक का किया बहिष्कार
वहीं कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने बैठक में शामिल होने के बजाय इसका बहिष्कार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में DMFT मद से विकास कार्यों को जानबूझकर रोका जा रहा है।विधायक ने कहा कि खनिज न्यास की तकनीकी परिधि का हवाला देकर उनके क्षेत्र में काम स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस बैठक में उनके विधानसभा क्षेत्र के विकास और जनता के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं हो, उसमें शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है।
DMFT फंड के आवंटन को लेकर बढ़ सकता है विवाद
बालोद में लंबे समय बाद हुई DMFT शासी परिषद की बैठक से जिले में नए विकास कार्यों को लेकर उम्मीदें थीं। हालांकि, बैठक के दौरान सामने आए राजनीतिक मतभेदों ने एक बार फिर जिला खनिज न्यास मद के कार्यों के आवंटन और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल सांसद की गैरमौजूदगी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि सांसद आज डौंडी क्षेत्र के दौरे पर थे। अब उनके बालोद आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वे बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए।
शासी परिषद की बैठक