सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की करीब 250 छात्राओं ने सोमवार को विद्यालय और छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी। बतौली विकासखंड से छात्राएं करीब 20 किलोमीटर पैदल सफर तय कर कलेक्टर से मिलने के लिए निकलीं। बाद में प्रशासन ने उन्हें करीब 10 किलोमीटर बस से अंबिकापुर पहुंचाया। छात्राओं के इस सामूहिक कदम से एकलव्य विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई।
कलेक्टर से मिलने निकलीं छात्राएं, दो घंटे पॉलिटेक्निक कॉलेज में रहीं
अंबिकापुर पहुंचने के बाद छात्राओं को करीब दो घंटे तक पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में रखा गया। इसके बाद आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों के साथ उन्हें कलेक्टर कार्यालय ले जाया गया। यहां छात्राओं ने कलेक्टर अजीत बसंत से बंद कमरे में बातचीत की और स्कूल व हॉस्टल से जुड़ी परेशानियों की जानकारी दी।
एक महीने से बिजली संकट, पढ़ाई पर भी पड़ रहा असर
छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में करीब एक महीने से बिजली की समस्या बनी हुई है। इसके चलते छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं ने पानी और भोजन व्यवस्था को लेकर भी शिकायत की। उनका कहना है कि हॉस्टल में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
इसके अलावा छात्राओं ने फिजिक्स और केमिस्ट्री विषय के शिक्षकों के नियमित रूप से उपलब्ध नहीं होने की समस्या कलेक्टर के सामने रखी। छात्राओं के मुताबिक, शिक्षकों की कमी का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है।
प्राचार्य की कार्यप्रणाली पर भी छात्राओं ने उठाए सवाल
छात्राओं ने विद्यालय की प्राचार्य की कार्यप्रणाली को लेकर भी असंतोष जताया। उनका कहना है कि स्कूल की व्यवस्थाओं और प्राचार्य से संबंधित शिकायतें पहले भी अधिकारियों के संज्ञान में लाई गई थीं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से छात्राओं को जिला प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए पैदल मार्च करना पड़ा।
अमरजीत भगत ने सरकार और विधायक पर साधा निशाना
छात्राओं के कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के मामले में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने सरकार और क्षेत्रीय विधायक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एकलव्य विद्यालय की बच्चियों को अपनी समस्याएं लेकर पैदल चलना पड़े, इससे अधिक गंभीर स्थिति और क्या हो सकती है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक पर कटाक्ष करते हुए कहा, “बच्चे पैदल मार्च कर रहे हैं और विधायक रील बनाने में व्यस्त हैं।”
सरकारी छात्रावासों में मीडिया कवरेज पर रोक को लेकर भी भगत ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि “हॉस्टलों की कमियां सामने न आएं, इसलिए सरकार ने मीडिया कवरेज पर रोक लगाने का फरमान जारी किया है।” उन्होंने छात्राओं की समस्याओं का तत्काल निराकरण करने की मांग की।
'जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई'
छात्राओं से चर्चा के बाद कलेक्टर अजीत बसंत ने मीडिया से बातचीत में बताया कि छात्राओं ने मुख्य रूप से करीब एक महीने से बिजली नहीं होने, फिजिक्स और केमिस्ट्री के शिक्षकों के उपलब्ध नहीं होने तथा हॉस्टल में साफ-सफाई की कमी की शिकायत की है।
कलेक्टर ने बताया कि इन तीनों प्रमुख बिंदुओं की जांच के लिए एसी ट्राइबल को निर्देश दिए गए हैं। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।