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फैक्टरी गेट पर शव रखकर हंगामा, मुआवजे की मांग
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दहीचौकी स्थित फैक्टरी के बाहर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन करते मृतक अबुल कलाम आजाद के परिजन।
- फोटो : UNNAO
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सोनिक। परिजनों ने फैक्टरी गेट पर श्रमिक का शव रखकर दो घंटे हंगामा किया। यह लोग मुआवजे की मांग कर रहे थे। बाद में सदर विधायक के प्रतिनिधि ने दो लाख रुपये में समझौता कराकर परिजनों को शांत कराया।
माखी थानाक्षेत्र के गांव केसरीखेड़ा रुपऊ निवासी अबुल कलाम आजाद (20) पुत्र मोहम्मद रसीद दहीचौकी साइट नंबर एक में संचालित चर्म इकाई में श्रमिक था। शनिवार शाम सात बजे छुट्टी होने के बाद वह घर लौट रहा था। गाना सुनने के लिए उसने कान में हेड फोन लगा रखा था। सोनिक क्रासिंग के पास कानपुर-लखनऊ डाउन लाइन पर आ रही मालगाड़ी का हार्न उसे नहीं सुनाई दिया था। मालगाड़ी की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई थी। रविवार देर शाम पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन शव लेकर घर चले गए थे।
सोमवार सुबह नौ बजे परिजन शव लेकर आए और फैक्टरी गेट पर रखकर प्रबंधन से मुआवजे की मांग करने लगे। फैक्टरी के अंदर मौत न होने की बात कहते हुए प्रबंधतंत्र ने मुआवजा देने से इंकार कर दिया। गुस्साए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। दही चौकी प्रभारी प्रेमनारायण सरोज व औद्योगिक क्षेत्र चौकी प्रभारी अमित सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। हंगामा कर रहे परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। तभी किसी ने सदर विधायक पंकज गुप्ता को इसकी जानकारी दी। प्रतिनिधि के रूप में छोटे भाई नीरज गुप्ता मौके पर पहुंचे। परिजनों और प्रबंधतंत्र से वार्ता की।
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फैक्टरी प्रबंधन दो लाख रुपये मुआवजा देने के लिए राजी हुआ। इसके बाद हंगामा शांत हुआ और परिजन शव अंतिम संस्कार के लिए ले गए। औद्योगिक क्षेत्र चौकी प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि 10 हजार रुपये नगद दे दिए गए हैं। मृतक के पिता का बैंक में खाता न होने से खाता खुलवाने को कहा गया है। दो दिन में 1.90 लाख रुपये का चेक देने का आश्वासन दिया है।
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माखी थानाक्षेत्र के गांव केसरीखेड़ा रुपऊ निवासी अबुल कलाम आजाद (20) पुत्र मोहम्मद रसीद दहीचौकी साइट नंबर एक में संचालित चर्म इकाई में श्रमिक था। शनिवार शाम सात बजे छुट्टी होने के बाद वह घर लौट रहा था। गाना सुनने के लिए उसने कान में हेड फोन लगा रखा था। सोनिक क्रासिंग के पास कानपुर-लखनऊ डाउन लाइन पर आ रही मालगाड़ी का हार्न उसे नहीं सुनाई दिया था। मालगाड़ी की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई थी। रविवार देर शाम पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन शव लेकर घर चले गए थे।
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सोमवार सुबह नौ बजे परिजन शव लेकर आए और फैक्टरी गेट पर रखकर प्रबंधन से मुआवजे की मांग करने लगे। फैक्टरी के अंदर मौत न होने की बात कहते हुए प्रबंधतंत्र ने मुआवजा देने से इंकार कर दिया। गुस्साए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। दही चौकी प्रभारी प्रेमनारायण सरोज व औद्योगिक क्षेत्र चौकी प्रभारी अमित सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। हंगामा कर रहे परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। तभी किसी ने सदर विधायक पंकज गुप्ता को इसकी जानकारी दी। प्रतिनिधि के रूप में छोटे भाई नीरज गुप्ता मौके पर पहुंचे। परिजनों और प्रबंधतंत्र से वार्ता की।
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फैक्टरी प्रबंधन दो लाख रुपये मुआवजा देने के लिए राजी हुआ। इसके बाद हंगामा शांत हुआ और परिजन शव अंतिम संस्कार के लिए ले गए। औद्योगिक क्षेत्र चौकी प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि 10 हजार रुपये नगद दे दिए गए हैं। मृतक के पिता का बैंक में खाता न होने से खाता खुलवाने को कहा गया है। दो दिन में 1.90 लाख रुपये का चेक देने का आश्वासन दिया है।