फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   बारिश में गिरी कोठरी, बुजुर्ग महिला की मौत, पांच घायल

बारिश में गिरी कोठरी, बुजुर्ग महिला की मौत, पांच घायल

Sat, 25 Aug 2018 01:06 AM IST
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:06 AM IST
विज्ञापन
बारिश में गिरी कोठरी, बुजुर्ग महिला की मौत, पांच घायल
सभी एक ही परिवार के, जिला अस्पताल में भर्ती, हरगांव थाना क्षेत्र की घटना
विज्ञापन

हरगांव/झरेखापुर (सीतापुर)। हरगांव थाना क्षेत्र में बारिश से एक कोठरी ढह गई। इससे उसके भीतर सो रही एक बुजुर्ग महिला की दबकर मौत हो गई। जबकि उसकी बहू, तीन पौत्री व एक पौत्र जख्मी हो गया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हरगांव के ग्राम परसेहरामाल निवासी राजेश चौकीदार है। वह किसानी व मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है। उसका परिवार मिट्टी की कच्ची कोठरी में रहता था। गुरुवार की रात राजेश की मां राजरानी (60), पत्नी संगीता देवी (40), पुत्री अंशिका उर्फ अंशी (21), लक्ष्मी (12), रिंकी (3) व पुत्र सचिन (7) कोठरी में सो रहे थे।
विज्ञापन


रात को बारिश होने लगी। रात्रि के अंतिम पहर में अचानक कोठरी की छत दीवार समेत ढह गई और उसके अंदर सो रहे सभी लोग दब गए। कोठरी ढहने व परिवार की चीख सुनकर ग्रामीणों की नींद खुल गई। गांव के लोग जब घर के बाहर निकलकर आए, तब उन्हें राजेश की कोठरी ढही दिखी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक राजरानी, संगीता, अंशिका, लक्ष्मी, रिंकी व सचिन घायल हो चुके थे। ग्रामीण घायलों को लेकर जिला अस्पताल भागे। लेकिन राजरानी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जबकि अन्य घायलों को भर्ती कर लिया है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम प्रभाकांत अवस्थी व तहसीलदार दिनेश सिंह अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। एसडीएम ने पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा राहत कोष से मदद दिलाने का आश्वासन भी दिया। वहीं अस्पताल प्रशासन को घायलों का बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए।

अधूरा प्रधानमंत्री आवास, इसलिए कोठरी में बसर कर रहा था परिवार
झरेखापुर/सीतापुर। राजेश की कोठरी ढह गई, उसकी मां राजरानी की मौत हो गई और पत्नी-बच्चे घायल हो गए। जिसके बाद परिवार अस्पताल पहुंच गया। ऐसा नहीं कि राजेश के पास पक्का मकान नहीं है। सरकारी सूची में उसका प्रधानमंत्री आवास दर्ज है।

जबकि हकीकत यह है कि उसका आवास आज भी अधूरा है, जो रहने योग्य नहीं है। बता दें कि गुरुवार रात जब राजेश की कोठरी ढही, तब यह जानकारी ली गई, कि इतना गरीब होने के बावजूद उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ क्यों नहीं मिला।

इस पर प्रधान संतोष कुमार ने बताया कि 2011 की सूची के अनुसार छह माह पूर्व उसे प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिया गया है। आवास बनकर तैयार हो गया है। जब आवास की हालत देखी गई, तो गांव से कुछ दूरी पर एक खेत में महज एक कमरा ही नजर आया।

जबकि शौचालय व रसोई नहीं दिखी। इसका कारण क्या रहा, इस बाबत राजेश भी कुछ नहीं बता पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उसका सरकारी आवास दुरुस्त होता तो शायद परिवार को ऐसी घटना का सामना न करना पड़ता।


बच्चों के पास स्कूली कपड़े
राजेश की माली हालत का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह अपने बच्चों के लिए ढंग के कपड़े तक नहीं खरीद सकता था। बच्चे गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। हाल ही में सरकारी ड्रेस जब बांटी गई, तब बच्चों के तन ढके। हादसा जब हुआ, तब भी बच्चे स्कूल ड्रेस पहन कर ही सो रहे थे।

चार लाख की दी जाएगी मदद
पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये की आर्थिक मदद जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी। पीड़ित के पास प्रधानमंत्री आवास अधूरा है।
-प्रभाकांत अवस्थी, एसडीएम सदर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed