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Sitapur News: तीन साल से मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था अस्पताल
Mon, 07 Sep 2026 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:17 AM IST
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महमूदाबाद। पर्वतपुर चौराहे पर मेडिकल स्टोर की आड़ में करीब तीन साल से संचालित हो रहे अवैध अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय जिम्मेदारों को इतने लंबे समय तक अस्पताल के संचालन की भनक तक नहीं लगी। दो मौतों के बाद जांच हुई तो मेडिकल स्टोर की आड़ में अस्पताल संचालित होने का मामला सामने आया। इसके बाद विभाग ने अस्पताल को सील कर कागजी कार्रवाई पूरी कर दी।
सदरपुर क्षेत्र के बसावनपुर निवासी सावित्री (30) को प्रसव पीड़ा होने पर बृहस्पतिवार को यहां लाया गया था। परिजनों के मुताबिक, गलत इलाज के चलते नवजात की मौत हो गई। इसके अगले दिन शुक्रवार को सावित्री ने भी दम तोड़ दिया। जच्चा-बच्चा की मौत से आक्रोशित परिजनों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। डीएम के निर्देश पर हुई जांच में विद्या मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध अस्पताल संचालित होने की पुष्टि हुई। मामले में अस्पताल संचालक अजय सिंह और स्टाफ नर्स पुष्पा देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
इनसेट
फेल हुए स्वास्थ्य विभाग का सूचना तंत्र
शहर से लेकर गांवों तक अवैध अस्पतालों का जाल फैला है। मेडिकल स्टोर का सहारा लेकर बड़ी संख्या में क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। ऐसे मेडिकल स्टोर पर जो डॉक्टर बैठते हैं वह दवाइयां भी उसी मेडिकल की लिखते हैं। जिससे मेडिकल स्टोर वालों की खूब कमाई होती है। कुछ इसी तरह मेडिकल स्टोर चल रहा था।
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इनसेट
आशा-बहुओं के भी शामिल होने की चर्चा
पर्वतपुर चौराहे पर विद्या मेडिकल स्टोर पर करीब तीन साल से प्रसव केंद्र चल रहा था। गर्भवती महिलाओं का बिना उपकरण प्रसव किया जाता रहा। इसको लेकर क्षेत्र में आशा बहुओं के भी इस खेल में शामिल होने की चर्चा है। सूत्रों की माने की अजय के परिवार में एक महिला सदस्य खुद स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी हुई हैं। जिसके दम पर ही आरोपी अजय ने मेडिकल स्टोर के बगल में कमरा प्रसव केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया।
इनसेट
चल रही है जांच
अस्पताल को बंद कराकर प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। इस मामले में जांच चल रही है जो भी दोषी होगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुखरंजन समद्दर, सीएमओ
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सदरपुर क्षेत्र के बसावनपुर निवासी सावित्री (30) को प्रसव पीड़ा होने पर बृहस्पतिवार को यहां लाया गया था। परिजनों के मुताबिक, गलत इलाज के चलते नवजात की मौत हो गई। इसके अगले दिन शुक्रवार को सावित्री ने भी दम तोड़ दिया। जच्चा-बच्चा की मौत से आक्रोशित परिजनों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। डीएम के निर्देश पर हुई जांच में विद्या मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध अस्पताल संचालित होने की पुष्टि हुई। मामले में अस्पताल संचालक अजय सिंह और स्टाफ नर्स पुष्पा देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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फेल हुए स्वास्थ्य विभाग का सूचना तंत्र
शहर से लेकर गांवों तक अवैध अस्पतालों का जाल फैला है। मेडिकल स्टोर का सहारा लेकर बड़ी संख्या में क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। ऐसे मेडिकल स्टोर पर जो डॉक्टर बैठते हैं वह दवाइयां भी उसी मेडिकल की लिखते हैं। जिससे मेडिकल स्टोर वालों की खूब कमाई होती है। कुछ इसी तरह मेडिकल स्टोर चल रहा था।
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आशा-बहुओं के भी शामिल होने की चर्चा
पर्वतपुर चौराहे पर विद्या मेडिकल स्टोर पर करीब तीन साल से प्रसव केंद्र चल रहा था। गर्भवती महिलाओं का बिना उपकरण प्रसव किया जाता रहा। इसको लेकर क्षेत्र में आशा बहुओं के भी इस खेल में शामिल होने की चर्चा है। सूत्रों की माने की अजय के परिवार में एक महिला सदस्य खुद स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी हुई हैं। जिसके दम पर ही आरोपी अजय ने मेडिकल स्टोर के बगल में कमरा प्रसव केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया।
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चल रही है जांच
अस्पताल को बंद कराकर प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। इस मामले में जांच चल रही है जो भी दोषी होगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुखरंजन समद्दर, सीएमओ