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Sitapur News: खेतों में फिर दिखी बाघिन, दहाड़ सुनकर सहमीं महिलाएं
Mon, 07 Sep 2026 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:12 AM IST
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रसुलवापुरवा में बाघिन के दिखे पहचिह्न
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संदना। बाघिन की लगातार चहलकदमी से इलाके में दहशत बढ़ती जा रही है। रविवार सुबह रसुलवा गांव में खेतों की ओर गई महिलाओं ने बाघिन देखे जाने का दावा किया। महिलाओं के मुताबिक, खेतों में बाघिन की दहाड़ सुनाई दी। इसके बाद उन्होंने खेत से बाहर आकर शेखर के खेत में बाघिन को जाते हुए देखा और डरकर गांव की ओर भाग आईं। सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्हें बाघिन के पगचिन्ह दिखाई दिए। वहीं, इमलीपुरवा की गोशाला के पास भी बाघिन के ताजा पगचिन्ह मिलने से ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन की लगातार मौजूदगी के बावजूद वन विभाग की कार्रवाई कॉम्बिंग तक सीमित है। खेतों में जाने से ग्रामीण डर रहे हैं। मिश्रिख वन रेंज में 15 जुलाई को बाघिन ने किसान कमल किशोर की जान ले ली थी। इसके बाद से बाघिन लगातार क्षेत्र में सक्रिय है और बकरी व पड़वे का शिकार कर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है। अलग-अलग स्थानों पर उसके पगचिन्ह भी मिल चुके हैं। वन विभाग की ओर से बाघिन को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने, पड़वा बांधने, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और ड्रोन से तलाश जैसे प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन करीब डेढ़ माह बाद भी बाघिन पकड़ से बाहर है। इससे ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है।
बाक्स
कॉम्बिंग के साथ टीम कर रही निगरानी
रसुलवा गांव से बाघिन देखे जाने की सूचना मिली थी। मौके पर पगचिह्न मिले हैं। इसके अलावा इमलपुरवा में नंदी गोशाला के पास भी ताजा पगचिह्न मिले हैं। कॉम्बिंग के साथ टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है।
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- सिकंदर सिंह, मिश्रिख रेंजर
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ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन की लगातार मौजूदगी के बावजूद वन विभाग की कार्रवाई कॉम्बिंग तक सीमित है। खेतों में जाने से ग्रामीण डर रहे हैं। मिश्रिख वन रेंज में 15 जुलाई को बाघिन ने किसान कमल किशोर की जान ले ली थी। इसके बाद से बाघिन लगातार क्षेत्र में सक्रिय है और बकरी व पड़वे का शिकार कर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है। अलग-अलग स्थानों पर उसके पगचिन्ह भी मिल चुके हैं। वन विभाग की ओर से बाघिन को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने, पड़वा बांधने, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और ड्रोन से तलाश जैसे प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन करीब डेढ़ माह बाद भी बाघिन पकड़ से बाहर है। इससे ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है।
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कॉम्बिंग के साथ टीम कर रही निगरानी
रसुलवा गांव से बाघिन देखे जाने की सूचना मिली थी। मौके पर पगचिह्न मिले हैं। इसके अलावा इमलपुरवा में नंदी गोशाला के पास भी ताजा पगचिह्न मिले हैं। कॉम्बिंग के साथ टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है।
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- सिकंदर सिंह, मिश्रिख रेंजर