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धर्मगुरु भी आयरन गोली खाने की सलाह देंगे
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धर्मगुरु भी आयरन गोली खाने की सलाह देंगे
एनीमिया मुक्ति के लिए चलेगा जागरूकता अभियान
कार्यक्रम को लेकर स्वास्थ्य विभाग का खाका तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिले में एनीमिया मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। दिसंबर के अंत में स्कूली बच्चे रैली निकाल कर लोगों को एनीमिया से बचाव की जानकारी देंगे। इसके अलावा धर्मगुरु भी आयरन की गोली खाने की सलाह देंगे। जिले के प्रत्येक स्कूल में दो शिक्षकों को नोडल बनाकर छात्रों को एनीमिया के प्रति जागरूक किया जाएगा।
शिक्षा व बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को भी कार्यों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। शिक्षा विभाग दिसंबर के अंत में जिले से लेकर ब्लॉक स्तरीय रैली निकाल कर लोगों को जागरूक करेगा। शिक्षक हर सोमवार को छात्रों को आयरन की गोली उपलब्ध कराकर खाने के लिए प्रेरित करेंगे। स्वास्थ्य विभाग एनीमिया मुक्ति में धर्मगुरुओं का भी सहारा लेगा। धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर एनीनिमिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके बाद धर्मगुरु धार्मिक स्थलों से लोगों को खून की कमी दूर करने के लिए आयरन की गोली खाने की सलाह देंगे। इस संबंध में सीएमओ डॉ. सीमा राय ने बताया कि एनीमिया की रोकथाम के लिए शिक्षकों के साथ साथ धर्मगुरुओं की मदद मांगी गई है ताकि लोग जागरूक हो सकें।
इस उम्र के लोग खाएंगे दवा
प्लान इंडिया के कंसल्टेंट उप्पल दुबे ने बताया कि आयरन की गोली खाने वालों की चार कैटेगरी बनाई गई है। 6 माह से 59 माह तक के बच्चों को आयरन फोलिका एसिड (आईएफए) सीरप दी जाएगी। जबकि पांच साल से नौ साल तक के बच्चों को पिंक गोली, 10 से 19 साल तक के बच्चों को नीली ब्लू गोली। वहीं, गर्भवती, धात्री व गर्भधारण के उम्र की महिला को लाल गोली खाने के लिए दी जाएगी।
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एनीमिया मुक्ति के लिए चलेगा जागरूकता अभियान
कार्यक्रम को लेकर स्वास्थ्य विभाग का खाका तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिले में एनीमिया मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। दिसंबर के अंत में स्कूली बच्चे रैली निकाल कर लोगों को एनीमिया से बचाव की जानकारी देंगे। इसके अलावा धर्मगुरु भी आयरन की गोली खाने की सलाह देंगे। जिले के प्रत्येक स्कूल में दो शिक्षकों को नोडल बनाकर छात्रों को एनीमिया के प्रति जागरूक किया जाएगा।
शिक्षा व बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को भी कार्यों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। शिक्षा विभाग दिसंबर के अंत में जिले से लेकर ब्लॉक स्तरीय रैली निकाल कर लोगों को जागरूक करेगा। शिक्षक हर सोमवार को छात्रों को आयरन की गोली उपलब्ध कराकर खाने के लिए प्रेरित करेंगे। स्वास्थ्य विभाग एनीमिया मुक्ति में धर्मगुरुओं का भी सहारा लेगा। धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर एनीनिमिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके बाद धर्मगुरु धार्मिक स्थलों से लोगों को खून की कमी दूर करने के लिए आयरन की गोली खाने की सलाह देंगे। इस संबंध में सीएमओ डॉ. सीमा राय ने बताया कि एनीमिया की रोकथाम के लिए शिक्षकों के साथ साथ धर्मगुरुओं की मदद मांगी गई है ताकि लोग जागरूक हो सकें।
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इस उम्र के लोग खाएंगे दवा
प्लान इंडिया के कंसल्टेंट उप्पल दुबे ने बताया कि आयरन की गोली खाने वालों की चार कैटेगरी बनाई गई है। 6 माह से 59 माह तक के बच्चों को आयरन फोलिका एसिड (आईएफए) सीरप दी जाएगी। जबकि पांच साल से नौ साल तक के बच्चों को पिंक गोली, 10 से 19 साल तक के बच्चों को नीली ब्लू गोली। वहीं, गर्भवती, धात्री व गर्भधारण के उम्र की महिला को लाल गोली खाने के लिए दी जाएगी।
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