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Siddharthnagar News: डिहाइड्रेशन के बढ़ रहे मरीज, ओपीडी और इमरजेंसी में बढ़ी भीड़

Sat, 05 Sep 2026 03:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 05 Sep 2026 03:00 AM IST
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Increasing number of patients suffering from dehydration, increased crowd in OPD and Emergency
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मरीजों के स्वास्थ्य ​की जाराकरी लेते डॉ. गौरव दूबे। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। मौसम की उठा-पटक का असर अब सेहत पर भी नजर आने लगा है। कभी बारिश तो कभी तपिश लोगों को बीमार बना रही है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और कमजोरी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
हालत यह है कि रोजाना इमरजेंसी में 8 से 10 मरीज गंभीर स्थिति में पहुंच रहे हैं, जबकि ओपीडी में 10 से 15 मरीज पेट संबंधी शिकायत, चक्कर, उल्टी और शरीर में पानी की कमी की परेशानी लेकर इलाज कराने पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में पिछले कुछ दिनों से गर्मी की समस्या से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ओपीडी में जहां मेडिसिन और फिजिशियन के कक्ष में मरीज पहुंच रहे हैं।
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वहीं, इमरजेंसी के बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि 28 घंटे में आठ से 10 मरीज उल्टी-दस्त के शिकार वाले पहुंच रहे हैं। इन्हें चार से 24 घंटे तक भर्ती करना पड़ रहा है। वहीं, ओपीडी में आने वाले मरीजों में पाया जा रहा है कि अचानक उल्टी दस्त और पेट में दर्द शुरू हो गया। कुछ तो गलत खानपान की हिस्ट्री सामने आ रही है।
वहीं, कुछ मरीजों में अचानक यह समस्या होने की बात सामने आ रही है, जिन्हें दवा देने के साथ ही स्वच्छ पानी और ताजा भोजन और तरल पदार्थ के सेवन की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक तेज धूप, पर्याप्त पानी न पीना, बाहर का दूषित भोजन और लापरवाही डिहाइड्रेशन का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में इसका खतरा सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। डिहाइड्रेशन होने पर शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी हो जाती है।
शुरुआत में कमजोरी, मुंह सूखना, चक्कर आना और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर मरीज की हालत गंभीर भी हो सकती है। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंच रहे कई मरीजों को तत्काल ग्लूकोज और फ्लूड चढ़ाना पड़ रहा है। मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि उल्टी दस्त के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इमरजेंसी के साथ ही ओपीडी में भी मरीज आ रहे हैं। अभी गर्मी बढ़ने के साथ बीमारी और बढ़ेगी।

मरीजों को इलाज के साथ ही बचाव की सलाह दी जा रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि इससे बचने के लिए कि बिना जरूरत तेज धूप में बाहर न निकलें, अधिक से अधिक पानी पीएं और बाहर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें। डॉक्टरों ने कहा कि अगर लगातार उल्टी-दस्त, तेज कमजोरी या पेशाब कम होने जैसी शिकायत हो तो तुरंत अस्पताल पहुंचकर जांच करानी चाहिए।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. एके झा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों का मौजूद सुविधाओं में बेहतर इलाज किया जाता है।
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