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पल भर में सोने की लंका हो गई राख
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डुमरियागंज क्षेत्र के बढ़नीचाफा में आयोजित रामलीला में लंका दहन का मंचन करते कलाकार। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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पल भर में सोने की लंका हो गई राख
डुमरियागंज/भवानीगंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बढ़नीचाफा नगर में आदर्श श्री रामलीला समिति के बैनर तले आयोजित 11 दिवसीय रामलीला के आठवें दिन मंगलवार की रात कलाकारों ने लंका दहन का मंचन किया। उपस्थित दर्शक जय श्रीराम, जय हनुमान का नारा लगाने लगे।
रामलीला की शुरुआत में प्रभु श्री राम सुग्रीव को किष्किंधा का राजा नियुक्त कर सीता की खोज में आगे बढ़ते हैं। हनुमान जी के स्मरण कराने पर सुग्रीव भी सेना में शामिल हो जाते हैं। रावण द्वारा पुष्पक विमान से सीता को लंका ले जाने की जानकारी होने पर सब चिंतित हो जाते हैं कि विशाल समुद्र को पार कैसे किया जाए? तभी सुग्रीव के महामंत्री जामवंत हनुमान जी को उनकी ताकत का अहसास कराते हैं।
हनुमान जी प्रभु की आज्ञा से वायु मार्ग से लंका पहुंचे और माता सीता के दर्शन कर प्रभु श्रीराम के बारे में बताते हैं। वहां राक्षसों से उनका युद्ध होता है। रावण के आदेश पर हनुमान को बंदी बना दरबार में उपस्थित किया जाता है। जहां दंड के रूप में हनुमान की पूछ में आग लगा दी जाती है। हनुमानजी पूरी लंका में आग लगा देते हैं। लंका दहन का दृश्य देखकर उपस्थित दर्शक खुशी से झूम उठते हैं और जय श्रीराम, जय हनुमान का नारा लगाने लगते हैं। इस दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष राम कुमार कसौधन, मनीष श्रीवास्तव, धर्मराज वर्मा, काशीनाथ गुप्ता, अजय गुप्ता, विकास चौहान, संजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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डुमरियागंज/भवानीगंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बढ़नीचाफा नगर में आदर्श श्री रामलीला समिति के बैनर तले आयोजित 11 दिवसीय रामलीला के आठवें दिन मंगलवार की रात कलाकारों ने लंका दहन का मंचन किया। उपस्थित दर्शक जय श्रीराम, जय हनुमान का नारा लगाने लगे।
रामलीला की शुरुआत में प्रभु श्री राम सुग्रीव को किष्किंधा का राजा नियुक्त कर सीता की खोज में आगे बढ़ते हैं। हनुमान जी के स्मरण कराने पर सुग्रीव भी सेना में शामिल हो जाते हैं। रावण द्वारा पुष्पक विमान से सीता को लंका ले जाने की जानकारी होने पर सब चिंतित हो जाते हैं कि विशाल समुद्र को पार कैसे किया जाए? तभी सुग्रीव के महामंत्री जामवंत हनुमान जी को उनकी ताकत का अहसास कराते हैं।
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हनुमान जी प्रभु की आज्ञा से वायु मार्ग से लंका पहुंचे और माता सीता के दर्शन कर प्रभु श्रीराम के बारे में बताते हैं। वहां राक्षसों से उनका युद्ध होता है। रावण के आदेश पर हनुमान को बंदी बना दरबार में उपस्थित किया जाता है। जहां दंड के रूप में हनुमान की पूछ में आग लगा दी जाती है। हनुमानजी पूरी लंका में आग लगा देते हैं। लंका दहन का दृश्य देखकर उपस्थित दर्शक खुशी से झूम उठते हैं और जय श्रीराम, जय हनुमान का नारा लगाने लगते हैं। इस दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष राम कुमार कसौधन, मनीष श्रीवास्तव, धर्मराज वर्मा, काशीनाथ गुप्ता, अजय गुप्ता, विकास चौहान, संजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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