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नौ महीने में भी दर्ज नहीं किया खतौनी में नाम
Updated Tue, 16 Jan 2018 12:14 AM IST
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शामली। छोटे छोटे कार्यों को करने में भी लेखपाल लटकाते हैं और लोगों को भटकने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण गांव अंबेहटा रिदान के दो किसान हैं। जो अपनी पैतृक कृषि भूमि में नाम खतौनी में दर्ज कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं। शिकायत मिलने पर अपर जिलाधिकारी ने एसडीएम ऊन को जांच करने का आदेश दिया है।
सोमवार को ऊन तहसील क्षेत्र के गांव अंबेहटा रिदान निवासी कय्यूम और यासीन कलक्ट्रेट पहुंचे। एडीएम को शिकायत पत्र देकर कय्यूम ने बताया कि उसके पिता यूसुफ का इंतकाल अप्रैल 2017 में हुआ था। परिवार में उसकी मां और दो भाई हैं। उसी दौरान उन्होंने खतौनी में अपने नाम दर्ज कराने के लिए ऊन तहसील में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे जांच के लिए लेखपाल के पास भेज दिया गया था। आरोप है कि हल्का लेखपाल ने इस कार्य के लिए उनसे दो हजार रुपये सुविधा शुल्क भी ले लिया, लेकिन खतौनी में नाम दर्ज नहीं किया। वह बार बार चक्कर कटवा रहा है। वहीं, अंबेहटा रिदान गांव के ही यासीन ने बताया कि कृषि भूमि उसकी मां फरमूदन के नाम पर दर्ज थी।
मां फरमूदन का 2017 में इंतकाल हो गया, जिसके बाद से वह कई बार खतौनी में अपना और अपने भाइयों का नाम दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दे चुका है, लेकिन लेखपाल आनाकानी कर रहा है। एडीएम ने दोनों ही प्रकरणों पर एसडीएम ऊन विनोद कुमार सिंह को जांच करने का आदेश दिया। साथ ही नियमानुसार दोनों किसानों की समस्या का समाधान करने तथा लापरवाही और मनमानी करने वाले लेखपाल के खिलाफ जांच उपरांत कार्रव।ाई करने का आदेश दिया है।
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सोमवार को ऊन तहसील क्षेत्र के गांव अंबेहटा रिदान निवासी कय्यूम और यासीन कलक्ट्रेट पहुंचे। एडीएम को शिकायत पत्र देकर कय्यूम ने बताया कि उसके पिता यूसुफ का इंतकाल अप्रैल 2017 में हुआ था। परिवार में उसकी मां और दो भाई हैं। उसी दौरान उन्होंने खतौनी में अपने नाम दर्ज कराने के लिए ऊन तहसील में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे जांच के लिए लेखपाल के पास भेज दिया गया था। आरोप है कि हल्का लेखपाल ने इस कार्य के लिए उनसे दो हजार रुपये सुविधा शुल्क भी ले लिया, लेकिन खतौनी में नाम दर्ज नहीं किया। वह बार बार चक्कर कटवा रहा है। वहीं, अंबेहटा रिदान गांव के ही यासीन ने बताया कि कृषि भूमि उसकी मां फरमूदन के नाम पर दर्ज थी।
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मां फरमूदन का 2017 में इंतकाल हो गया, जिसके बाद से वह कई बार खतौनी में अपना और अपने भाइयों का नाम दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दे चुका है, लेकिन लेखपाल आनाकानी कर रहा है। एडीएम ने दोनों ही प्रकरणों पर एसडीएम ऊन विनोद कुमार सिंह को जांच करने का आदेश दिया। साथ ही नियमानुसार दोनों किसानों की समस्या का समाधान करने तथा लापरवाही और मनमानी करने वाले लेखपाल के खिलाफ जांच उपरांत कार्रव।ाई करने का आदेश दिया है।
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