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शिक्षको ने बच्चों की ड्रेस के पैसे नाकाफी बताते हुए डीएम को दिया ज्ञापन
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:31 AM IST
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शामली। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने ड्रेस के बजट को कम बताते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
बृहस्पतिवार को पूर्व माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों ने कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बच्चों की ड्रेस के लिए मिलने वाली धनराशि कम है। संघ के जिलाध्यक्ष योगेश कुमार राठी ने बताया कि शासन द्वारा परिषदीय स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस वितरित कराने के लिए 200 रुपये प्रति ड्रेस दिया जाता है। इतनी रकम में अच्छी ड्रेस बन पानी मुश्किल है। ड्रेस के पैसे में बढ़ोतरी कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि जैसे प्राथमिक स्कूल और उच्च प्राथमिक स्कूल के बच्चों के मिड-डे मील में अंतर है ऐसे ही ड्रेस के बजट में भी अंतर होना चाहिए। शिक्षकों की मांग है कि जिस प्रकार शासन स्तर से बच्चों को किताबें और बैग आदि उपलब्ध कराएं जाते है, उसी प्रकार से ड्रेस भी उपलब्ध कराई जाएं। इस दौरान महामंत्री खलील अहमद, मंत्री अरविंद कुमार, प्रवीण शर्मा, बिजेंद्र मलिक, इदरीश, पीयूष कुमार आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को पूर्व माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों ने कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बच्चों की ड्रेस के लिए मिलने वाली धनराशि कम है। संघ के जिलाध्यक्ष योगेश कुमार राठी ने बताया कि शासन द्वारा परिषदीय स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस वितरित कराने के लिए 200 रुपये प्रति ड्रेस दिया जाता है। इतनी रकम में अच्छी ड्रेस बन पानी मुश्किल है। ड्रेस के पैसे में बढ़ोतरी कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि जैसे प्राथमिक स्कूल और उच्च प्राथमिक स्कूल के बच्चों के मिड-डे मील में अंतर है ऐसे ही ड्रेस के बजट में भी अंतर होना चाहिए। शिक्षकों की मांग है कि जिस प्रकार शासन स्तर से बच्चों को किताबें और बैग आदि उपलब्ध कराएं जाते है, उसी प्रकार से ड्रेस भी उपलब्ध कराई जाएं। इस दौरान महामंत्री खलील अहमद, मंत्री अरविंद कुमार, प्रवीण शर्मा, बिजेंद्र मलिक, इदरीश, पीयूष कुमार आदि मौजूद रहे।