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मकसूदापुर पुल से नहर में कूदा वृद्ध

Thu, 15 Oct 2015 11:45 PM IST
मकसूदापुर/बंडा।
मकसूदापुर/बंडा। Updated Thu, 15 Oct 2015 11:45 PM IST
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Mksudapur sprung old canal bridge
पीलीभीत के कस्बा बिलसंडा के मोहल्ला हाथीखाना निवासी 58 वर्षीय नत्थूलाल ने बृहस्पतिवार को मकसूदापुर में पुल से शारदा नहर में छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की। लोगों ने उन्हें बमुश्किल नहर से निकालकर बचाया। वृद्ध को इलाज के लिए बिलसंडा भेजा गया है।
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बिलसंडा की ओर से एक वृद्ध टेपों में बैठकर आया और गांव मकसूदापुर में शारदा नहर पुल के पास उतर गया। वह कुछ देर शारदा नहर पुल के ऊपर बैठा रहा और बाद में उसने आत्महत्या के इरादे से नहर में छलांग लगा दी।
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वृद्ध को नहर में कूदते देख राहगीरों ने शोर मचाया तो तमाम लोग मौके पर जमा हो गए, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण कोई भी वृद्ध को बचाने के लिए नहर में कूदने का साहस नहीं कर सका। इस बीच गांव सिसोरा के वासुदेव अपनी पत्नी को दवा दिलाने के लिए उधर से निकले तो वृद्ध को डूबते देख उन्होंने नहर में छलांग लगा दी और नत्थूलाल को सकुशल बाहर निकाला।
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लोगों ने वृद्ध के पेट से पानी निकालकर उनके होश में आने पर जानकारी की तो वृद्ध अपना नाम और पता बताने के बाद फिर से बेहोश हो गए। बिलसंडा से 108 सेवा की एंबुलेंस बुलाकर वृद्ध को सरकारी अस्पताल भेज दिया गया। वृद्ध ने किस कारण से आत्महत्या करने की कोशिश की। इसकी जानकारी नहीं हो सकी है।
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पुल से पांच लोग कूद कर दे चुके हैं जान, तमाम बचाए गए
पुवायां। बंडा से बिलसंडा मार्ग पर शारदा नदी का मकसूदापुर पुल आत्महत्या के लिए प्रसिद्ध हो गया है। इस पुल से अब तक दर्जनों लोग नहर में कूदकर आत्महत्या का प्रयास कर चुके हैं। पांच लोग नहर में कूदकर जान दे चुके हैं। पिछले दो माह में चार लोग नहर में कूदकर जान देने का प्रयास कर चुके हैं।
20 अगस्त को गांव पसियापुर निवासी रामरानी ने पुल से नहर में छलांग लगा दी थी। लोगों ने उन्हें बमुश्किल बचाया था। रामरानी के अनुसार गले के कैंसर से पीड़ित होने के कारण उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया था। 29 अगस्त को गांव ऊधौपुर खखरा की एक किशोरी का परिवार के लोगों से झगड़ा हुआ तो वह सीधे मकसूदापुर पुल पर पहुंची और शारदा नहर में छलांग लगा दी। उसे भी राहगीरों ने काफी प्रयास के बाद नहर से निकालकर बचाया था। इसके बाद पांच सितंबर को बिलसंडा के पस्तोर की गंगादेवी ने बहू से विवाद के चलते नहर में कूदकर जान देने का प्रयास किया। लोगों ने उन्हें भी बचाया। 15 अक्तूबर को बिलसंडा के नत्थूलाल ने भी पुल से नहर में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया।

पुल से शारदा नहर में छलांग लगाने वाले कई लोगों को काफी प्रयास के बाद भी नहीं बचाया जा सका तो कई के शव ही नहीं मिले। कुछ माह पूर्व गांव मुड़िया छावन के जयराखन ने इसी पुल से नहर में छलांग लगा दी थी। लोगों ने उन्हें नहर में कूदते देखा था, लेकिन आज तक उनका शव नहीं मिल सका है। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व बंडा के साहब सिंह ने भी नहर में छलांग लगा दी थी। उनका शव बरामद हो गया था। कई अन्य लोग भी नहर में कूदकर जान दे चुके हैं।
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