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डॉक्टरों ने दाई से करवाई डिलीवरी, प्रसूता की मौत
पुवायां/शाहजहांपुर।
Updated Thu, 27 Aug 2015 11:53 PM IST
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प्रसूूता गीता और उसके नवजात शिशु की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि बृहस्पतिवार को पुवायां से रेफर होकर जिला महिला अस्पताल पहुंची 30 वर्षीय प्रसूता बसंती देवी की मौत के कारण ने स्वास्थ्य मकहमे पर और बड़ा दाग लगा दिया। आरोप है कि पुवायां के सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रसूता की डिलीवरी खुद न करवाकर दाई से करवाई। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। उसने बच्चे का जन्म तो दे दिया पर अधिक ब्लीडिंग होता देख डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। प्रसूता के पति रामरतन ने पुवायां अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, डॉक्टरों को कहना है कि बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे बसंती को नार्मल डिलीवरी हुई। इसके बाद ब्लीडिंग होने लगी तो प्रसूता को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लापरवाही का आरोप निराधार है।
पुवायां के गांव लखोहा निवासी रामरतन ने अपनी पत्नी बंसती देवी को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार की रात करीब 9 बजे पुवायां के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रसूता के पति रामरतन का कहना है कि बसंती का जननी सुरक्षा कार्ड बना हुआ था। बुधवार शाम 7 बजे उसे दर्द शुरू हुआ तो 102 एम्बुलेंस से उसे लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित सरकारी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। रात भर उसे दर्द होता रहा। गुरुवार सुबह करीब दस बजे उसे तेज दर्द होने लगा तो डॉक्टरों ने एक दाई बुलाकर उसकी डिलीवरी करवा दी। इससे उसकी हालत और बिगड़ने लगी। तेज ब्लीडिंग होता देख डॉ. रेणू मीणा ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां रास्ते में बसंती की मौत हो गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दाई से डिलीवरी कराने की हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आती है तो हम इसकी जांच कराएंगे और सख्त कार्रवाई की जाएगी....
डॉ. रामकुमार, अस्पताल अधीक्षक, पुवायां
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पुवायां के गांव लखोहा निवासी रामरतन ने अपनी पत्नी बंसती देवी को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार की रात करीब 9 बजे पुवायां के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रसूता के पति रामरतन का कहना है कि बसंती का जननी सुरक्षा कार्ड बना हुआ था। बुधवार शाम 7 बजे उसे दर्द शुरू हुआ तो 102 एम्बुलेंस से उसे लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित सरकारी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। रात भर उसे दर्द होता रहा। गुरुवार सुबह करीब दस बजे उसे तेज दर्द होने लगा तो डॉक्टरों ने एक दाई बुलाकर उसकी डिलीवरी करवा दी। इससे उसकी हालत और बिगड़ने लगी। तेज ब्लीडिंग होता देख डॉ. रेणू मीणा ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां रास्ते में बसंती की मौत हो गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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दाई से डिलीवरी कराने की हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आती है तो हम इसकी जांच कराएंगे और सख्त कार्रवाई की जाएगी....
डॉ. रामकुमार, अस्पताल अधीक्षक, पुवायां