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फसली नुकसान के सदमे से दो किसानों की मौत
शाहजहांपुर
Updated Thu, 09 Apr 2015 08:32 PM IST
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बेमौसम बारिश और आंधी से हुई फसलों की बरबादी ने बृहस्पतिवार को जिले के दो और किसानों की बलि ले ली। निगोही क्षेत्र के गांव ढकिया तिवारी में पहले से कर्ज में डूबे 55 वर्षीय सुंदर लाल फसली नुकसान का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके। उधर, खुदागंज क्षेत्र के गांव जलालपुर में 34 साल के अरबाज खां उर्फ चन्नू ने एक एकड़ खेत में सिर्फ दो क्विंटल गेहूं हाथ लगा देख दम तोड़ दिया।
निगोही। गांव ढकिया तिवारी निवासी सुंदर लाल के हिस्से में चार बीघा कृषि खेती है। उन्होंने गांव के ही गौरीशंकर का चार एकड़ खेत 72 हजार रुपये में पटके पर लिया था। खेत स्वामी को 36 हजार रुपये एडवांस दिए और बकाया 36 हजार रुपये फसल कटने पर देना तय हुआ। यही नहीं, सुन्दरलाल ने ग्रामीणों से ब्याज पर 60 हजार रुपये कर्ज लेकर गेहूं की फसल पर लगाया था।
खेती पर लगाई गई लागत से गेहूं की फसल लहलहा कर तैयार हो गई, लेकिन तेज अंधड़ के साथ हुई बारिश से सुंदर लाल की फसल धराशायी हो गई। सुंदर लाल ने सोचा कि गिरे हुए गेहूं से लागत निकल आएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बुधवार की शाम सुंदर लाल गेहूं के खेत पर गए। उन्होंने कई बालियां हथेलियों से मसलीं, लेकिन गेहूं का दाना कम निकलने पर सन्न रह गए। वह घर लौटे और पेट पकड़कर बिस्तर पर अचेत गिर गए। घरवालों ने उन्हें सुबह अस्पताल ले जाने की योजना बनाई, लेकिन उनका रात में ही प्राणांत हो गया। जानकारी पाकर तिलहर के तहसीलदार लालता प्रसाद तिवारी भी मौकेपर पहुंचे और माना कि सुंदर लाल को काफी फसली नुकसान हुआ था।
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खुदागंज। क्षेत्र के गांव जलालपुर निवासी अरबाज खां उर्फ चन्नू पुत्र इसरार खां बारिश से गेहूं की फसल की बर्बादी देखकर एक सप्ताह से परेशान थे। बुधवार की शाम वह खेत से गेहूं काटकर घर लाए। एक एकड़ खेत में सिर्फ दो क्विंटल गेहूं देखकर वह भरोसा नहीं कर पाए। इस उम्मीद में दोबारा खेत पर गए कि शायद फसल का कुछ हिस्सा कटने से रह गया हो। वहां खेत खाली देख घर लौटे और आंगन में बिखरे गेहूं के ढेर पर गिरकर दम तोड़ दिया। तिलहर के एसडीएम पद्म सिंह के अनुसार चन्नू की मौत की जानकारी पाकर जांच के लिए राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को मौके पर भेजा गया है।
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निगोही। गांव ढकिया तिवारी निवासी सुंदर लाल के हिस्से में चार बीघा कृषि खेती है। उन्होंने गांव के ही गौरीशंकर का चार एकड़ खेत 72 हजार रुपये में पटके पर लिया था। खेत स्वामी को 36 हजार रुपये एडवांस दिए और बकाया 36 हजार रुपये फसल कटने पर देना तय हुआ। यही नहीं, सुन्दरलाल ने ग्रामीणों से ब्याज पर 60 हजार रुपये कर्ज लेकर गेहूं की फसल पर लगाया था।
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खेती पर लगाई गई लागत से गेहूं की फसल लहलहा कर तैयार हो गई, लेकिन तेज अंधड़ के साथ हुई बारिश से सुंदर लाल की फसल धराशायी हो गई। सुंदर लाल ने सोचा कि गिरे हुए गेहूं से लागत निकल आएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बुधवार की शाम सुंदर लाल गेहूं के खेत पर गए। उन्होंने कई बालियां हथेलियों से मसलीं, लेकिन गेहूं का दाना कम निकलने पर सन्न रह गए। वह घर लौटे और पेट पकड़कर बिस्तर पर अचेत गिर गए। घरवालों ने उन्हें सुबह अस्पताल ले जाने की योजना बनाई, लेकिन उनका रात में ही प्राणांत हो गया। जानकारी पाकर तिलहर के तहसीलदार लालता प्रसाद तिवारी भी मौकेपर पहुंचे और माना कि सुंदर लाल को काफी फसली नुकसान हुआ था।
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खुदागंज। क्षेत्र के गांव जलालपुर निवासी अरबाज खां उर्फ चन्नू पुत्र इसरार खां बारिश से गेहूं की फसल की बर्बादी देखकर एक सप्ताह से परेशान थे। बुधवार की शाम वह खेत से गेहूं काटकर घर लाए। एक एकड़ खेत में सिर्फ दो क्विंटल गेहूं देखकर वह भरोसा नहीं कर पाए। इस उम्मीद में दोबारा खेत पर गए कि शायद फसल का कुछ हिस्सा कटने से रह गया हो। वहां खेत खाली देख घर लौटे और आंगन में बिखरे गेहूं के ढेर पर गिरकर दम तोड़ दिया। तिलहर के एसडीएम पद्म सिंह के अनुसार चन्नू की मौत की जानकारी पाकर जांच के लिए राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को मौके पर भेजा गया है।