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कमरे में फंदे से लटकर युवक ने दे दी जान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Nov 2017 11:28 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के बड़गो गांव में मौत मामले की पुलिस ने जांच की।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के बड़गों गांव में एक युवक ने बंद कमरे में फंदे से लटक कर जान दे दी। शुक्रवार को घटना की जानकारी होने पर परिवार और आस-पास के लोग पहुंच गए। बाद में सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और शव को कब्जे में ले लिया।
बड़गो गांव निवासी रामनाथ प्रजापति (35) पुत्र गनेश प्रजापति की लाश शुक्रवार को उसके छोटे भाई लक्ष्मण ने घर के कमरे में फंदे से लटकती देखी और शोर मचाया। उसके बाद आस-पास के लोग जुट गए और फाटक तोड़ कर शव को बाहर निकलवाया। बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
चौकी इंचार्ज कलेक्ट्रेट धर्मेंद्र तिवारी ने बताया कि रामनाथ प्रजापति का गांव में मकान है। जबकि उसका दूसरा मकान उप कृषि निदेशक कार्यालय भवन के पास है। पूरा परिवार कृषि उप निदेशक कार्यालय वाले मकान पर रहता है। जबकि रात में रामनाथ और उसकी पत्नी संजू सोने के लिए जाते थे।
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परिजनों के मुताबिक, रामनाथ की दिमागी हालत ठीक नहीं था। उसका उपचार गोरखपुर में मानसिक रोग विशेषज्ञ के यहां चल रहा था। गुरुवार की रात पत्नी संजू की तबीयत खराब हो गई। इसकी वजह से गांव वाले मकान पर रामनाथ अकेले सोने गया था। शुक्रवार को जब वह अपने नए वाले मकान पर नहीं पहुंचा तो उसका छोटा भाई लक्ष्मण ढूंढते हुए गांव वाले मकान पर पहुंचा।
जहां कमरा बंद होने पर पहले उसे खुलवाने के लिए भाई रामनाथ से गुहार लगाई। उसके बाद झरोखे से फंदे से भाई की लटकती लाश देख कर शोर मचाया तो लोग जुट गए। घर के लोग दिगामी हालत ठीक नहीं होने की वजह से आत्महत्या की बात बता रहे हैं। घटना से रामनाथ की पत्नी संजू का रो-रो कर बुरा हाल था। पांच भाईयों में वह दूसरे नंबर पर था। उसके पास ढाई साल का एक बेटा है। घटना से परिजन और गांव के लोग गमगीन हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
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बड़गो गांव निवासी रामनाथ प्रजापति (35) पुत्र गनेश प्रजापति की लाश शुक्रवार को उसके छोटे भाई लक्ष्मण ने घर के कमरे में फंदे से लटकती देखी और शोर मचाया। उसके बाद आस-पास के लोग जुट गए और फाटक तोड़ कर शव को बाहर निकलवाया। बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
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चौकी इंचार्ज कलेक्ट्रेट धर्मेंद्र तिवारी ने बताया कि रामनाथ प्रजापति का गांव में मकान है। जबकि उसका दूसरा मकान उप कृषि निदेशक कार्यालय भवन के पास है। पूरा परिवार कृषि उप निदेशक कार्यालय वाले मकान पर रहता है। जबकि रात में रामनाथ और उसकी पत्नी संजू सोने के लिए जाते थे।
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परिजनों के मुताबिक, रामनाथ की दिमागी हालत ठीक नहीं था। उसका उपचार गोरखपुर में मानसिक रोग विशेषज्ञ के यहां चल रहा था। गुरुवार की रात पत्नी संजू की तबीयत खराब हो गई। इसकी वजह से गांव वाले मकान पर रामनाथ अकेले सोने गया था। शुक्रवार को जब वह अपने नए वाले मकान पर नहीं पहुंचा तो उसका छोटा भाई लक्ष्मण ढूंढते हुए गांव वाले मकान पर पहुंचा।
जहां कमरा बंद होने पर पहले उसे खुलवाने के लिए भाई रामनाथ से गुहार लगाई। उसके बाद झरोखे से फंदे से भाई की लटकती लाश देख कर शोर मचाया तो लोग जुट गए। घर के लोग दिगामी हालत ठीक नहीं होने की वजह से आत्महत्या की बात बता रहे हैं। घटना से रामनाथ की पत्नी संजू का रो-रो कर बुरा हाल था। पांच भाईयों में वह दूसरे नंबर पर था। उसके पास ढाई साल का एक बेटा है। घटना से परिजन और गांव के लोग गमगीन हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।