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Basti News: सुबह स्टेटस में लिखी शांति और प्रेम की बात, शाम को हमेशा के लिए खामोश हो गए एसओ
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बस्ती के सिविल लाइन चौकी पर पहुंचे मृतक थानाध्यक्ष के रोते बिलखते परिजन
बस्ती। फंदे से लटककर जान देने वाले थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह के व्हाट्सएप पर सुबह लगे स्टेटस ने अनगिनत सवाल छोड़ दिए हैं। इसमें उन्होंने लिखा था- ‘धन संपदा भी आवश्यक है, परंतु शांति और प्रेम से बढ़कर नहीं।’ इसके कुछ ही घंटे बाद उनकी मौत के बाद लोग इसे उनकी मनोदशा से जुड़ा कोई संकेत भी माना जा रहा है। हालांकि, यह महज एक सामान्य विचार था या कुछ और, इसका जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा।
सूर्य प्रकाश सिंह के साथी पुलिसकर्मी उन्हें मिलनसार और सहज स्वभाव का बताते हैं। ऐसे में उनके अचानक चले जाने की खबर से सहकर्मी स्तब्ध हैं। परिवार के लोग भी गहरे सदमे में हैं। सुबह मोबाइल पर लिखा गया संदेश अब उनके अपनों और साथियों के लिए ऐसी स्मृति बन गया है, जिसका अर्थ वे घटना के बाद नए सिरे से तलाश रहे हैं।
पुलिस के सामने अब यह भी सवाल है कि शनिवार सुबह लगाया गया स्टेटस उनकी किसी बात को लेकर पीड़ा का संकेत था या उन्होंने इसे सामान्य रूप से साझा किया था। मौत से कुछ घंटे पहले इसे लगाए जाने के कारण यह जांच के महत्वपूर्ण बिंदुओं में शामिल हो गया है।
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इनसेट
किसी बात को लेकर तनाव में थे एसओ
सूत्रों के अनुसार, सूर्य प्रकाश सिंह किसी बात को लेकर तनाव में थे। यह भी चर्चा है कि घटना से पहले उन्होंने काफी देर तक किसी व्यक्ति से फोन पर बातचीत की थी। हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस उनके सीयूजी और निजी मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाल रही है। आखिरी घंटों में किससे बातचीत हुई, कितनी देर हुई और घटना से पहले मोबाइल पर क्या गतिविधियां थीं, तकनीकी साक्ष्यों के जरिए इन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे।
इनसेट
छह माह में दूसरी घटना, फिर उठे सवाल
सूर्य प्रकाश सिंह की मौत ने करीब छह माह पहले हुई परशुरामपुर थानाध्यक्ष अजय गौड़ की मौत की घटना को भी फिर चर्चा में ला दिया है। पांच फरवरी को ड्यूटी के लिए निकले अजय गौड़ लापता हो गए थे। उनकी बाइक अमहट घाट के पास मिली थी। तलाश के बाद उनका शव अयोध्या सीमा के पास सरयू नदी में मिला था। उस समय उनकी मौत को लेकर कई आशंकाएं सामने आई थीं। बाद की जांच में डूबने से मौत की पुष्टि हुई थी। दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं और दोनों के बीच कोई सीधा संबंध फिलहाल सामने नहीं आया है। लेकिन छह माह के भीतर दो थाना प्रभारियों की असामान्य मौत ने पुलिस महकमे में एक बार फिर बेचैनी पैदा कर दी है।
इनसेट
पुलिस से ही सेवानिवृत हुए हैं बड़े भाई
सूत्रों के अनुसार सूर्य प्रकाश सिंह पांच भाई हैं। उनके बड़े भाई सत्य प्रकाश सिंह भी पुलिस विभाग में ही तैनात थे और कुछ दिन पहले ही वह सेवानिवृत हुए थे। उनके एक बेटा और दो बेटी हैं। बेटा मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का काम करता है। घटना की सूचना के बाद सभी लोग लखनऊ से बस्ती के लिए रवाना हो गए हैं। पूछताछ के लिए पुलिस भी परिजन का इंतजार कर रही है।
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सूर्य प्रकाश सिंह के साथी पुलिसकर्मी उन्हें मिलनसार और सहज स्वभाव का बताते हैं। ऐसे में उनके अचानक चले जाने की खबर से सहकर्मी स्तब्ध हैं। परिवार के लोग भी गहरे सदमे में हैं। सुबह मोबाइल पर लिखा गया संदेश अब उनके अपनों और साथियों के लिए ऐसी स्मृति बन गया है, जिसका अर्थ वे घटना के बाद नए सिरे से तलाश रहे हैं।
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पुलिस के सामने अब यह भी सवाल है कि शनिवार सुबह लगाया गया स्टेटस उनकी किसी बात को लेकर पीड़ा का संकेत था या उन्होंने इसे सामान्य रूप से साझा किया था। मौत से कुछ घंटे पहले इसे लगाए जाने के कारण यह जांच के महत्वपूर्ण बिंदुओं में शामिल हो गया है।
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किसी बात को लेकर तनाव में थे एसओ
सूत्रों के अनुसार, सूर्य प्रकाश सिंह किसी बात को लेकर तनाव में थे। यह भी चर्चा है कि घटना से पहले उन्होंने काफी देर तक किसी व्यक्ति से फोन पर बातचीत की थी। हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस उनके सीयूजी और निजी मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाल रही है। आखिरी घंटों में किससे बातचीत हुई, कितनी देर हुई और घटना से पहले मोबाइल पर क्या गतिविधियां थीं, तकनीकी साक्ष्यों के जरिए इन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे।
इनसेट
छह माह में दूसरी घटना, फिर उठे सवाल
सूर्य प्रकाश सिंह की मौत ने करीब छह माह पहले हुई परशुरामपुर थानाध्यक्ष अजय गौड़ की मौत की घटना को भी फिर चर्चा में ला दिया है। पांच फरवरी को ड्यूटी के लिए निकले अजय गौड़ लापता हो गए थे। उनकी बाइक अमहट घाट के पास मिली थी। तलाश के बाद उनका शव अयोध्या सीमा के पास सरयू नदी में मिला था। उस समय उनकी मौत को लेकर कई आशंकाएं सामने आई थीं। बाद की जांच में डूबने से मौत की पुष्टि हुई थी। दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं और दोनों के बीच कोई सीधा संबंध फिलहाल सामने नहीं आया है। लेकिन छह माह के भीतर दो थाना प्रभारियों की असामान्य मौत ने पुलिस महकमे में एक बार फिर बेचैनी पैदा कर दी है।
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पुलिस से ही सेवानिवृत हुए हैं बड़े भाई
सूत्रों के अनुसार सूर्य प्रकाश सिंह पांच भाई हैं। उनके बड़े भाई सत्य प्रकाश सिंह भी पुलिस विभाग में ही तैनात थे और कुछ दिन पहले ही वह सेवानिवृत हुए थे। उनके एक बेटा और दो बेटी हैं। बेटा मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का काम करता है। घटना की सूचना के बाद सभी लोग लखनऊ से बस्ती के लिए रवाना हो गए हैं। पूछताछ के लिए पुलिस भी परिजन का इंतजार कर रही है।