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तीन महीने से नहीं मिला धन
Updated Mon, 10 Dec 2018 09:47 PM IST
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बजट के अभाव में रुक गया प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण
जिले में 2122 लोगों का बन रहा है पीएम आवास
शासन ने 1458 अन्य लोगों को भी दिया है नया आवंटन
फोटो है
उदयभान त्रिपाठी
संतकबीरनगर। केंद्रीय बजट से बनने वाले गरीबों के प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य धनाभाव के चलते रुक गया है। इस वर्ष चयनित 2122 लोग अक्तूबर के बाद से ही अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों का मिलाकर जिन 1458 नए लोगों का आवास बनना है, उन्हें अभी पहली किस्त ही नहीं मिली। बजट के अभाव में इन गरीबों का सपना अधूरा रह गया और लोग जाड़े की रात झोपड़ी में काट रहे हैं।
वर्ष 2011 में बनी स्थाई पात्रता सूची में 45 हजार गरीबों का नाम था। इन्हें ही वार्षिक बजट के हिसाब से आवास आवंटन हो रहा है। वर्ष 2018-19 के लिए जिले में 2122 लोगों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिया गया है। इन सभी को प्रथम किस्त में 40 हजार रुपये भेज दिए गए हैं। इनमें से लगभग 1100 लोगों को तीसरी किस्त भी मिल चुकी है और उनके घर या तो पूर्ण हो चुके हैं या फिर पूर्ण हो रहे हैं। लेकिन शेष करीब दो हजार लोगों को अपनी दूसरी व तीसरी किस्त का इंतजार है। धनाभाव के चलते इनके सपनों का घरा अधूरा रह गया है। इसके अलावा वर्ष 2016-17 के 16, 2017-18 के 1339 व 2018-19 व 103 नए लाभार्थियों को भी आवास आवंटन का स्वीकृति पत्र दिया गया है, लेकिन बजट के अभाव में अभी इन्हें पहली किस्त नहीं मिल पाई है।
परेशान लाभार्थी काट रहे चक्कर
सरकारी मदद के साथ-साथ अपनी जमा पूंजी जोड़कर सपनों का घर बनाने में जुटे गरीब रुपये के लिए आए दिन जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। सांथा, धर्मसिंहवा, पौली और धनघटा आदि क्षेत्रों से जिला मुख्यालय आने-जाने में ही इन लोगों का 150 रुपये किराया के साथ-साथ पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। यहां आने पर पता चलता है कि बजट की डिमांड हुई है, लेकिन अभी तक शासन से आवंटन नहीं मिला है।
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बजट मिलते ही उपलब्ध कराई जाएगी किस्त : पीडी
डीआरडीए के परियोजना निदेशक प्रमोद कुमार यादव का कहना है कि 2122 लाभार्थियों में दूसरी व तीसरी किस्त भेजने के लिए एक करोड़ 23 लाख 282 रुपये की जरूरत है। अक्तूबर महीने से अब तक कोई बजट नहीं मिला है, जिसके चलते दिक्कत आई है। इसके अलावा नए चयनित 1456 लाभार्थियों को अभी पहली किस्त का धन भेजा जाना है। बजट मिलते ही सभी के खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
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जिले में 2122 लोगों का बन रहा है पीएम आवास
शासन ने 1458 अन्य लोगों को भी दिया है नया आवंटन
फोटो है
उदयभान त्रिपाठी
संतकबीरनगर। केंद्रीय बजट से बनने वाले गरीबों के प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य धनाभाव के चलते रुक गया है। इस वर्ष चयनित 2122 लोग अक्तूबर के बाद से ही अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों का मिलाकर जिन 1458 नए लोगों का आवास बनना है, उन्हें अभी पहली किस्त ही नहीं मिली। बजट के अभाव में इन गरीबों का सपना अधूरा रह गया और लोग जाड़े की रात झोपड़ी में काट रहे हैं।
वर्ष 2011 में बनी स्थाई पात्रता सूची में 45 हजार गरीबों का नाम था। इन्हें ही वार्षिक बजट के हिसाब से आवास आवंटन हो रहा है। वर्ष 2018-19 के लिए जिले में 2122 लोगों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिया गया है। इन सभी को प्रथम किस्त में 40 हजार रुपये भेज दिए गए हैं। इनमें से लगभग 1100 लोगों को तीसरी किस्त भी मिल चुकी है और उनके घर या तो पूर्ण हो चुके हैं या फिर पूर्ण हो रहे हैं। लेकिन शेष करीब दो हजार लोगों को अपनी दूसरी व तीसरी किस्त का इंतजार है। धनाभाव के चलते इनके सपनों का घरा अधूरा रह गया है। इसके अलावा वर्ष 2016-17 के 16, 2017-18 के 1339 व 2018-19 व 103 नए लाभार्थियों को भी आवास आवंटन का स्वीकृति पत्र दिया गया है, लेकिन बजट के अभाव में अभी इन्हें पहली किस्त नहीं मिल पाई है।
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परेशान लाभार्थी काट रहे चक्कर
सरकारी मदद के साथ-साथ अपनी जमा पूंजी जोड़कर सपनों का घर बनाने में जुटे गरीब रुपये के लिए आए दिन जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। सांथा, धर्मसिंहवा, पौली और धनघटा आदि क्षेत्रों से जिला मुख्यालय आने-जाने में ही इन लोगों का 150 रुपये किराया के साथ-साथ पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। यहां आने पर पता चलता है कि बजट की डिमांड हुई है, लेकिन अभी तक शासन से आवंटन नहीं मिला है।
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बजट मिलते ही उपलब्ध कराई जाएगी किस्त : पीडी
डीआरडीए के परियोजना निदेशक प्रमोद कुमार यादव का कहना है कि 2122 लाभार्थियों में दूसरी व तीसरी किस्त भेजने के लिए एक करोड़ 23 लाख 282 रुपये की जरूरत है। अक्तूबर महीने से अब तक कोई बजट नहीं मिला है, जिसके चलते दिक्कत आई है। इसके अलावा नए चयनित 1456 लाभार्थियों को अभी पहली किस्त का धन भेजा जाना है। बजट मिलते ही सभी के खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा।