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विद्युत निगम में कई साल से हो रहा है गोलमाल, जांच शुरू

Sat, 22 Dec 2018 12:14 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 22 Dec 2018 12:14 AM IST
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विद्युत निगम में कई साल से हो रहा है गोलमाल, जांच शुरू
सहारनपुर। विद्युत निगम में रसीदों में फर्जीवाड़ा कर गोलमाल किए जाने का मामला वर्षों से चल रहा था। सिर्फ छह महीने की रसीदों की जांच में ही 72 लाख रुपये के गबन का खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद न सिर्फ पिछले चार वर्षों के अभिलेखों की जांच शुरू हो गई है, बल्कि बेहट के साथ देवबंद, नकुड़ और गंगोह में भी जांच बैठा दी गई है।
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विद्युत निगम में विद्युत वितरण खंड बेहट के उपखंड मुजफ्फराबाद में पिछले छह माह में ही 72 लाख रुपये के गबन किए जाने का खुलासा हुआ है। इस माम ले में टीजीटू सुशील कुमार और नीरज कुमार को निलंबित किया गया। जिससे महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने इस प्रकार का मामला पकड़ में आने के बाद उपखंड मुजफ्फराबाद के पिछले चार साल के रिकार्ड को खंगालने के आदेश दिए हैं। जिसमें कई अन्य कर्मचारी भी फंस सकते हैं। गबन की धनराशि भी लाखों से बढ़कर करोड़ों तक पहुंच सकती है। वहीं, संदिग्ध माने जा रहे देवबंद, नकुड़ और गंगोह में भी जांच शुरू करा दी है। मामले की जांच संबंधित अधिशासी अभियंता को सौंपी गई हैं। अधीक्षण अभियंता (देहात) वीके शर्मा का कहना है कि सिर्फ छह माह की रसीदों की जांच में ही 72 लाख रुपये का गबन पकड़ा गया है। इसलिए पिछले रिकार्ड की जांच शुरू करा दी गई है। देवबंद, नकुड़ और गंगोह में भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
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इस प्रकार किया गया गबन
अधीक्षण अभियंता वीके शर्मा ने बताया कि टीजीटू को दूर दराज के गांवों से वसूली के लिए रसीद बुक आवंटित की जाती है। रसीद बुक के नंबरों से जमा और भुगतान किया जाता है। आरोपी कर्मचारियों ने किसी से कम पैसे का भुगतान लेकर रसीद काट दी। उसके बाद उस रसीद में हेराफेरी कर धनराशि बढ़ाकर दूसरे उपभोक्ता के नाम से कटी दिखा दी। दूसरे व्यक्ति से पैसे लेकर अपनी जेब में रख लिए। जब उस नंबर की रसीद चढ़ाई तो दूसरे व्यक्ति के खाते से बकाया राशि कम कर दी। जबकि उसे कोई रसीद ही नहीं दी गई। उपभोक्ता सिर्फ अपने खाते में बकाया कम हो जाने से ही संतुष्ट होता रहा। लेकिन जब अभिलेखों में जांच की गई तो संबंधित उपभोक्ता के खाते में बकाया ही रहा। जिससे मामला पकड़ में आ गया।
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