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Saharanpur News: जीवित लोगों के मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के प्रकरण में पंचायत सहायक साबिर गिरफ्तार
Sat, 22 Aug 2026 12:56 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 22 Aug 2026 12:56 AM IST
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गंगोह। गांव खानपुर गुर्जर में जीवित व्यक्तियों के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर महिलाओं को विधवा पेंशन दिलाने के मामले में पुलिस ने आरोपी पंचायत सहायक साबिर को गिरफ्तार कर लिया। मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी गौरव शर्मा भी आरोपी हैं।
बता दें, कि गांव निवासी जाबिर, शराफत चौधरी और जुल्फकार ने मुख्य विकास अधिकारी से इस मामले की शिकायत कर जांच की मांग की थी। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी धीरेंद्र कुमार और दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी अजय कुमार की दो सदस्यीय समिति ने छह और सात अगस्त को मामले की जांच की थी। समिति ने 12 अगस्त को अपनी जांच रिपोर्ट सीडीओ कार्यालय को सौंपी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) कुशलपाल सिंह ने 18 अगस्त को कोतवाली में तहरीर दी थी। तहरीर के अनुसार जांच में पंचायत सहायक साबिर पर पंचायत सचिव की आईडी का दुरुपयोग कर जीवित व्यक्तियों के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने, महिलाओं को विधवा पेंशन का अनुचित लाभ दिलाने, कथित अवैध वसूली और बैंक ऋण से संबंधित धोखाधड़ी के आरोप सामने आए।
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वहीं ग्राम पंचायत अधिकारी गौरव शर्मा पर संवेदनशील ऑनलाइन पोर्टल की आईडी और पासवर्ड पंचायत सहायक से साझा करने सहित अन्य आरोप लगाए गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर गौरव शर्मा और साबिर के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। सीओ शशि प्रकाश शर्मा ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर वांछित आरोपी साबिर को सरकारी अस्पताल के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
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बता दें, कि गांव निवासी जाबिर, शराफत चौधरी और जुल्फकार ने मुख्य विकास अधिकारी से इस मामले की शिकायत कर जांच की मांग की थी। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी धीरेंद्र कुमार और दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी अजय कुमार की दो सदस्यीय समिति ने छह और सात अगस्त को मामले की जांच की थी। समिति ने 12 अगस्त को अपनी जांच रिपोर्ट सीडीओ कार्यालय को सौंपी।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) कुशलपाल सिंह ने 18 अगस्त को कोतवाली में तहरीर दी थी। तहरीर के अनुसार जांच में पंचायत सहायक साबिर पर पंचायत सचिव की आईडी का दुरुपयोग कर जीवित व्यक्तियों के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने, महिलाओं को विधवा पेंशन का अनुचित लाभ दिलाने, कथित अवैध वसूली और बैंक ऋण से संबंधित धोखाधड़ी के आरोप सामने आए।
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वहीं ग्राम पंचायत अधिकारी गौरव शर्मा पर संवेदनशील ऑनलाइन पोर्टल की आईडी और पासवर्ड पंचायत सहायक से साझा करने सहित अन्य आरोप लगाए गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर गौरव शर्मा और साबिर के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। सीओ शशि प्रकाश शर्मा ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर वांछित आरोपी साबिर को सरकारी अस्पताल के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।