उतराखंड की सीमा से सहारनपुर में लाया जा रहा है खनन

Meerut Bureau Updated Fri, 08 Dec 2017 12:38 AM IST
ख़बर सुनें
उत्तराखंड की सीमा से लाया जा रहा है खनन
सहारनपुर। खनन और परिवहन पर पूरी तरह रोक के बावजूद भी उत्तराखंड की सीमा से सहारनपुर में बड़े पैमाने पर अवैध खनन लाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत या लापरवाही के चलते रोक हटने से पहले ही अवैध खनन एक बार फिर धड़ल्ले से सहारनपुर में आने लगा है। सहारनपुर में सक्रिय गैंग उत्तराखंड से बड़े पैमाने पर हर रोज सैकड़ों वाहनों का परिवहन बिना किसी आदेश के करा रहा है। सबसे अहम बात यह है कि उत्तराखंड से सहारनपुर में आने तक में सहारनपुर के कई थानों पर यह वाहन बेरोक टोक निकल रहे हैं। परिवहन की आड़ में सुंदरपुर जोन में अवैध खनन की आशंकाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।
अवैध खनन की शिकायत पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने करीब दो साल पहले सहारनपुर में खनन पूरी तरह से बंद कर दिया था। बावजूद इसके सहारनपुर में गुपचुप तरीके से अवैध खनन अफसरों की शह पर होता रहा। हालांकि प्रशासनिक सख्ती के बाद अवैध खनन पर पूरी तरह से लगाम लगाने का दावा किया गया। इस बीच करीब दो महीने पहले प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने खनन जोन में छापेमारी कर बड़ेे पैमाने पर अवैध खनन पकड़ा था। उस वक्त बेेहट थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया था। एनजीटी में लगातार सुनवाई जारी है और पिछले चार दिसंबर को एनजीटी ने राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद ई टेंडरिंग की प्रक्रिया को शुरू करने का निर्देश दिया था। इसी की आड़ में अब सहारनपुर में खनन का परिवहन रात के अंधेरे में शुरू कराया जा रहा है। अवैध खनन से जुड़े एक गैंग ने उत्तराखंड की सीमा से जुड़े स्टोन क्रशर से खनन सामग्री की आपूर्ति सहारनपुर में शुरू करा दी है। सूत्रों की मानें तो हर दिन 100 से ज्यादा वाहन बिहारीगढ़ और फतेहपुर थानों की सीमा से सहारनपुर और इसी रास्ते से आगे भी भेजे जा रहे हैं। यहां बता दें कि खनन पर चल रही एनजीटी में सुनवाई की अगली तारिख 14 दिसंबर तय की गई है। इस दौरान एनजीटी की ओर से खनन को लेकर कोई भी आदेश नहीं दिया गया है।
---------------------------------
बेहट क्षेत्र ही अवैध खनन का बड़ा गढ़
हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित बेहट क्षेत्र ही अवैध खनन की शिकायतें हमेशा मिलती रहती है। बेहट क्षेत्र में ही पिछले कई वर्षों से पट्टे जारी किए जा रहे थे। इन्हीं क्षेत्र में बड़े पैमाने पर स्टोन क्रशर भी स्थित है। सबसे अहम बात यह है कि जिले की सीमा से लगते हरियाणा और उत्तराखंड में खनन क्षेत्र बिल्कुल सटा हुआ है। ऐसे में यह पूरा क्षेत्र खनन का गढ़ बना रहता है।
--------------------------------
सीबीआई भी कर रही है अवैध खनन की जांच
अवैध खनन को लेकर सहारनपुर में सीबीआई जांच भी जारी है। करीब चार महीने पहले सीबीआई टीम ने यहां पिछले पांच साल में हुए अवैध खनन की जांच की थी। उस दौरान भी बड़े पैमाने पर अवैध खनन की पुष्टि की गई थी। इसके बाद प्रशासन ने भी अवैध खनन कार्रवाई कर ऐसा करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ रिकवरी जारी की गई। इसके बाद बसपा एमएलसी सहित बकाएदारों की संपत्ति भी कुर्क की गई हैं।
----------------------------
किसी भी सूरत में अवैध खनन और परिवहन को नहीं होने दिया जाएगा। थाना स्तर इसकी समीक्षा की जाएगी और ऐसा करने वालों को चिह्नित किया जाएगा। अवैध खनन और परिवहन की पुष्टि होने पर ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बबलू कुमार, एसएसपी

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all crime news in Hindi. Stay updated with us for all breaking hindi news.

Spotlight

Most Read

Chandigarh

मोहालीः वन अधिकारियों पर हमला करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, चौंकाने वाला खुलासा

न्यू चंडीगढ़ मुल्लांपुर स्थित गांव स्यूंक में जंगलात विभाग के ब्लॉक अफसर व अन्य अधिकारियों पर हमला करने के केस को जिला पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है।

21 जून 2018

Related Videos

देख नहीं सकते लेकिन बेटे को पढ़ाने के लिए कर रहे हैं ये काम

वैसे तो मां बाप के लिए सारे दिन खास होते हैं लेकिन फादर्स डे के मौके पर हम आपको दिखाते हैं एक ऐसे पिता की कहानी जो भले ही आंखों से देख ना सकें लेकिन बेटे के सपने को पूरा करने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं।

17 जून 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen