{"_id":"594eba004f1c1ba3228b47c9","slug":"111498331648-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाभी की हत्या के आरोप में दस वर्ष का कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
भाभी की हत्या के आरोप में दस वर्ष का कारावास
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:44 AM IST
विज्ञापन
भाभी की हत्या के आरोप में दस वर्ष का कारावास
सहारनपुर। भाई की पत्नी की हत्या के आरोप में दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश ने एक व्यक्ति को 10 वर्ष का कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि तीतरो के ग्राम डूमर किशनपुर निवासी ताराचंद 5 दिसंबर 2015 की शाम को अपनी पत्नी संतरा के साथ मारपीट कर रहा था। तभी ताराचंद के भाई यशपाल की पत्नी मंजू उसे बचाने के लिए पहुंच गई। इसी दौरान ताराचंद ने डंडा उठाकर संतरा पर प्रहार किया। लेकिन बीच में मंजू आ गई और डंडा उसके सिर में लगा। जिससे मंजू की मौत हो गई। इस संबंध में यशपाल ने थाना में मामला दर्ज कराया। मामला अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद्र भारती के न्यायालय में चला। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद ताराचंद को हत्या का दोषी पाया। न्यायाधीश ने आरोपी ताराचंद को 10 साल का कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न दिए जाने पर एक वर्ष का कारावास बढ़ाए जाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
सहारनपुर। भाई की पत्नी की हत्या के आरोप में दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश ने एक व्यक्ति को 10 वर्ष का कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि तीतरो के ग्राम डूमर किशनपुर निवासी ताराचंद 5 दिसंबर 2015 की शाम को अपनी पत्नी संतरा के साथ मारपीट कर रहा था। तभी ताराचंद के भाई यशपाल की पत्नी मंजू उसे बचाने के लिए पहुंच गई। इसी दौरान ताराचंद ने डंडा उठाकर संतरा पर प्रहार किया। लेकिन बीच में मंजू आ गई और डंडा उसके सिर में लगा। जिससे मंजू की मौत हो गई। इस संबंध में यशपाल ने थाना में मामला दर्ज कराया। मामला अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद्र भारती के न्यायालय में चला। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद ताराचंद को हत्या का दोषी पाया। न्यायाधीश ने आरोपी ताराचंद को 10 साल का कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न दिए जाने पर एक वर्ष का कारावास बढ़ाए जाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन