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रामजानकी मंदिर से अष्टधातु की तीन मूर्तियां चोरी
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jan 2016 12:20 AM IST
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अमेठी के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र में सोमवार रात चोरों ने रामजानकी मंदिर का ताला तोड़कर डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की राम, लक्ष्मण और सीता की अष्टधातुओं की मूर्तियां पार कर दी।
मंगलवार सुबह गांव के लोग पूजा करने मंदिर पहुंचे तो घटना का पता चला। चोरी गई मूर्तियां 150 साल से भी अधिक पुरानी बताई जा रही हैं। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
सेमरौता गांव में राम जानकी मंदिर है। यहां राम, लक्ष्मण और सीता की अति प्राचीन मूर्तियां थी। सोमवार रात चोर मंदिर की बाउंड्री पर चढ़कर अंदर घुसे और फिर मंदिर के दरवाजे में लगा ताला तोड़कर तीनों मूर्तियां चोरी कर ले गए।
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मंदिर के व्यवस्थापक गिरीश चंद्र बाजपेई के मुताबिक मूर्तियां अष्टधातु की बनी थी और करीब 150 साल पुरानी थी। एक-एक मूर्ति की ऊंचाई करीब डेढ़ फिट है।
तीनों का वजन 50 किलोग्राम से ज्यादा है। उनका कहना है कि मूर्तियों की कीमत करीब डेढ़ करोड़ से भी अधिक है। एसओ दिनेश यादव ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
मंदिर इतना प्राचीन है कि इस बारे में सही जानकारी किसी के पास नहीं। कोई कहता है 700 वर्ष पुराना है तो कोई इसे 150 साल पुराना बता रहा है।
ग्रामीण राम मनोहर पांडेय, शंभू दयाल मिश्र, जगदीश, विनय कुमार सिंह समेत गांव के अन्य बुजुर्गों का कहना है कि गुलामी से पहले सेमरौता गांव चंदापुर रियासत का एक गांव था।
करीब 150 साल पहले यहां के राजा रहे चंद्रचूण सिंह के पूर्वजों द्वारा मंदिर की स्थापना की हुई बताई जाती है। लेकिन वे कौन से राजा थे, जिन्होंने मंदिर बनवाया, इसकी सही जानकारी किसी के पास नहीं है।
क्षेत्र में मूर्ति चोरी की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी चोर प्राचीन मंदिरों से जुड़ी भक्तों की आस्था को चोट पहुंचा चुके हैं।
गत वर्ष 27 अक्तूबर की रात मोहनगंज थाना क्षेत्र के बाबा का पुरवा मजरे फूला गांव स्थित बाबादास की कुटी मंदिर से चोर करोड़ों रुपये कीमत की राम, लक्ष्मण, भरत और सीता की मूर्तियां चोरी कर ले गए थे।
पुलिस न तो चोरों का पता लगा सकी और न ही मूर्तियां बरामद हुई। सेमरौता में हुई मूर्ति चोरी की दूसरी घटना से भक्तों में रोष है। लोगों का कहना है कि मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करनी चाहिए।
एसपी अमेठी हीरालाल का कहना है कि मंदिर से मूर्ति चोरी की यह दूसरी घटना संज्ञान में आई है। इससे पहले मोहनगंज थाना क्षेत्र में मूर्ति चोरी हुई थी।
सेमरौता से चोरी गई मूर्तियों की कीमत के बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। मूर्तियों को शीघ्र बरामद कर घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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मंगलवार सुबह गांव के लोग पूजा करने मंदिर पहुंचे तो घटना का पता चला। चोरी गई मूर्तियां 150 साल से भी अधिक पुरानी बताई जा रही हैं। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
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सेमरौता गांव में राम जानकी मंदिर है। यहां राम, लक्ष्मण और सीता की अति प्राचीन मूर्तियां थी। सोमवार रात चोर मंदिर की बाउंड्री पर चढ़कर अंदर घुसे और फिर मंदिर के दरवाजे में लगा ताला तोड़कर तीनों मूर्तियां चोरी कर ले गए।
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मंदिर के व्यवस्थापक गिरीश चंद्र बाजपेई के मुताबिक मूर्तियां अष्टधातु की बनी थी और करीब 150 साल पुरानी थी। एक-एक मूर्ति की ऊंचाई करीब डेढ़ फिट है।
तीनों का वजन 50 किलोग्राम से ज्यादा है। उनका कहना है कि मूर्तियों की कीमत करीब डेढ़ करोड़ से भी अधिक है। एसओ दिनेश यादव ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
मंदिर इतना प्राचीन है कि इस बारे में सही जानकारी किसी के पास नहीं। कोई कहता है 700 वर्ष पुराना है तो कोई इसे 150 साल पुराना बता रहा है।
ग्रामीण राम मनोहर पांडेय, शंभू दयाल मिश्र, जगदीश, विनय कुमार सिंह समेत गांव के अन्य बुजुर्गों का कहना है कि गुलामी से पहले सेमरौता गांव चंदापुर रियासत का एक गांव था।
करीब 150 साल पहले यहां के राजा रहे चंद्रचूण सिंह के पूर्वजों द्वारा मंदिर की स्थापना की हुई बताई जाती है। लेकिन वे कौन से राजा थे, जिन्होंने मंदिर बनवाया, इसकी सही जानकारी किसी के पास नहीं है।
क्षेत्र में मूर्ति चोरी की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी चोर प्राचीन मंदिरों से जुड़ी भक्तों की आस्था को चोट पहुंचा चुके हैं।
गत वर्ष 27 अक्तूबर की रात मोहनगंज थाना क्षेत्र के बाबा का पुरवा मजरे फूला गांव स्थित बाबादास की कुटी मंदिर से चोर करोड़ों रुपये कीमत की राम, लक्ष्मण, भरत और सीता की मूर्तियां चोरी कर ले गए थे।
पुलिस न तो चोरों का पता लगा सकी और न ही मूर्तियां बरामद हुई। सेमरौता में हुई मूर्ति चोरी की दूसरी घटना से भक्तों में रोष है। लोगों का कहना है कि मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करनी चाहिए।
एसपी अमेठी हीरालाल का कहना है कि मंदिर से मूर्ति चोरी की यह दूसरी घटना संज्ञान में आई है। इससे पहले मोहनगंज थाना क्षेत्र में मूर्ति चोरी हुई थी।
सेमरौता से चोरी गई मूर्तियों की कीमत के बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। मूर्तियों को शीघ्र बरामद कर घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।