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फोटो- 18-56-24
Updated Sat, 08 Dec 2018 11:38 PM IST
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मेन- हत्यारों ने छीन लिया घर का सहारा
लखनऊ के होटल में युवक की हत्या से पूरे बसावन में कोहराम
परिवार के पालन पोषण के लिए पढ़ाई के साथ-साथ कर रहा था नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो
कटरागुलाबसिंह। लखनऊ के होटल सारा ग्रैंड में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्य करने वाला युवक कृष्ण प्रताप सिंह पिता की मौत के बाद घर का सहारा बना हुआ था। इंटर की पढ़ाई के साथ-साथ वह नौकरी करके अपने परिवार का पालन पोषण भी कर रहा था। उसकी हत्या की खबर मिलते ही उसके घर जेठवारा थाना क्षेत्र के पूरे बसावन में कोहराम मच गया। परिजन लखनऊ के लिए रवाना हो गए। देर रात शव घर पहुंचते ही परिजन रोने-बिलखने लगे। पूरे गांव में गम का माहौल व्याप्त रहा।
कृष्ण प्रताप सिंह उर्फ हिमांशु कटरागुलाबसिंह के एक कॉलेज से इंटर की पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता दिनेश प्रताप सिंह लखनऊ के एक होटल में गार्ड थे। वर्ष 2015 में लखनऊ में ही उनकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। हालांकि परिवारवालों ने उनकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया था। कृष्ण प्रताप का छोटा भाई रुद्र प्रताप (15) व छोटी बहन मांडवी (8) दोनों ही पढ़ाई कर रहे हैं। पिता की मौत के बाद घर का खर्चा चलाने के लिए कृष्ण प्रताप ने होटल में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी कर ली थी। लखनऊ में कृष्ण प्रताप की हत्या किए जाने की खबर जब घर पहुंची तो कोहराम मच गया। आधी रात को ही परिवार के लोग लखनऊ के लिए रवाना हो गए। घटना के बाद मां कुसुम सिंह, भाई रुद्र प्रताप सिंह व बहन मांडवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बड़े पिता अशोक सिंह ने बताया कि कृष्ण प्रताप की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।
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मेन- हत्यारों ने छीन लिया घर का सहारा
लखनऊ के होटल में युवक की हत्या से पूरे बसावन में कोहराम
परिवार के पालन पोषण के लिए पढ़ाई के साथ-साथ कर रहा था नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो
कटरागुलाबसिंह। लखनऊ के होटल सारा ग्रैंड में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्य करने वाला युवक कृष्ण प्रताप सिंह पिता की मौत के बाद घर का सहारा बना हुआ था। इंटर की पढ़ाई के साथ-साथ वह नौकरी करके अपने परिवार का पालन पोषण भी कर रहा था। उसकी हत्या की खबर मिलते ही उसके घर जेठवारा थाना क्षेत्र के पूरे बसावन में कोहराम मच गया। परिजन लखनऊ के लिए रवाना हो गए। देर रात शव घर पहुंचते ही परिजन रोने-बिलखने लगे। पूरे गांव में गम का माहौल व्याप्त रहा।
कृष्ण प्रताप सिंह उर्फ हिमांशु कटरागुलाबसिंह के एक कॉलेज से इंटर की पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता दिनेश प्रताप सिंह लखनऊ के एक होटल में गार्ड थे। वर्ष 2015 में लखनऊ में ही उनकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। हालांकि परिवारवालों ने उनकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया था। कृष्ण प्रताप का छोटा भाई रुद्र प्रताप (15) व छोटी बहन मांडवी (8) दोनों ही पढ़ाई कर रहे हैं। पिता की मौत के बाद घर का खर्चा चलाने के लिए कृष्ण प्रताप ने होटल में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी कर ली थी। लखनऊ में कृष्ण प्रताप की हत्या किए जाने की खबर जब घर पहुंची तो कोहराम मच गया। आधी रात को ही परिवार के लोग लखनऊ के लिए रवाना हो गए। घटना के बाद मां कुसुम सिंह, भाई रुद्र प्रताप सिंह व बहन मांडवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बड़े पिता अशोक सिंह ने बताया कि कृष्ण प्रताप की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।
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