फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Three thousand pregnant women did not receive the payment under the Janani Suraksha Yojana.

Pilibhit News: तीन हजार प्रसूताओं को नहीं मिला जननी सुरक्षा योजना का भुगतान

Fri, 10 Oct 2025 12:34 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Fri, 10 Oct 2025 12:34 AM IST
विज्ञापन
Three thousand pregnant women did not receive the payment under the Janani Suraksha Yojana.
पीलीभीत। संस्थागत प्रसव के बाद महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के भुगतान में जिला पिछड़ गया है। शिशु जन्म से दो दिन के अंदर महिलाओं को मिलने वाली धनराशि दो माह बाद तक नही मिल सकी है। इससे प्रसूताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जेएसवाई भुगतान अटकने की वजह एनएचएम बजट की कमी और भुगतान पोर्टल की फीडिंग में दिक्कत बताई जा रही है। उधर, जिले में एनएचएम के संविदा कर्मियों का एक मााह का वेतन भी अटका है।
विज्ञापन


जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं को प्रसव के बाद 1400 और शहरी को 1000 रुपये की धनराशि ऑनलाइन खाते में भेजी जाती है। यह भुगतान स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रसव के 24 से 48 घंटे के बीच होने का प्राविधान है। इससे प्रसव के बाद प्रसूता के खानपान व पौष्टिक आहार में कोई कमी न आए। वहीं जिले में एनएचएम की ओर से स्वास्थ्य विभाग को दो माह से धनराशि आवंटित न किए जाने से प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का भुगतान नहीं किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों अनुसार एक अप्रैल से 25 अगस्त तक जिले के एमसीएच विंग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 8333 संस्थागत प्रसव हुए। इसमें जेएसवाई योजना का कुल भुगतान 63 प्रतिशत रहा। 3017 महिलाओं को अब तक जेएसवाई की धनराशि का भुगतान नहीं हो सका है। महिलाओं को धनराशि का इंतजार है।
विज्ञापन

जिला महिला अस्पताल की प्रसूताओं का भुगतान प्रतिशत रहा 64
जिला महिला अस्पताल में वित्तीय वर्ष 2025-26 में अगस्त तक पांच माह में 2585 शिशु जन्मे हैं। इनमें से 1232 प्रसूताओं को जेएसवाई का भुगतान नहीं किया गया है। इससे कुल जेएसवाई भुगतान प्रतिशत जिला महिला अस्पताल का 64 प्रतिशत रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पोर्टल की फीडिंग में फंस रही धनराशि
बताया जा रहा है कि भुगतान में पोर्टल की फीडिंग भी बाधा बन रहा है। इस वजह से आशा कार्यकर्ताओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आशा वर्कर्स यूनियन की महामंत्री राखी ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को अगस्त से मानदेय नहीं मिला है। प्रोत्साहन राशि भी कई महीने से नहीं मिली है। पोर्टल में दिक्कत बताई जा रही है। जिले में आशा की संख्या 13 सौ से अधिक है।


वर्जन
जेएसवाई भुगतान को लेकर जिला बरेली मंडल में सबसे आगे है। एनएचएम से वित्तीय भुगतान नहीं होने के चलते कुछ प्रतिशत भुगतान रुका हुआ है, जोकि जल्द हो जाएगा।
डॉ. आलोक कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed