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Pilibhit News: लाखों खर्च के बाद भी कूड़ा निस्तारण व्यवस्था बेपटरी, गांवों में गंदगी के ढेर
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ग्राम कुसमा में आर आर सी केंद्र पर खेलते बच्चे। संवाद
- फोटो : 1
पीलीभीत। ग्राम पंचायतों को गंदगी से मुक्त करने और कूड़े का स्थायी निस्तारण के लिए लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) प्रभावी साबित नहीं हो रहे है। इनके नियमित संचालन नहीं होने से गांवों में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। कूड़ा निस्तारण व्यवस्था बेपटरी होने से स्वच्छता अभियान को झटका लगा है। आरआरसी से गांवों की तस्वीर बदलने और कूड़े के बेहतर प्रबंधन का दावा किया गया था, लेकिन फिलहाल हकीकत इससे उलट है। ग्रामीणों के अनुसार, अधिकांश ग्राम पंचायतों में आरआरसी का नियमित संचालन नहीं हो रहा है। कहीं केंद्र बंद पड़े हैं तो कहीं उनका इस्तेमाल ही नहीं हो रहा। संवाद
कुसुमा में केंद्र नहीं, बच्चों को मिला खेलने का स्थान
बरखेड़ा ब्लॉक के गांव कुसुमा में तैयार कूड़ा निस्तारण केंद्र तो नहीं बन सका, लेकिन बच्चों के लिए खेल का स्थान जरूर बन गया। दोपहर के समय गांव के बच्चे धूप से बचकर इस स्थान पर ही खेलते हैं।
गाजीपुर मुगल के केंद्र पर लटक रहा ताला
ललौरीखेड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत गाजीपुर मुगल में इसका निर्माण कराया गया है, लेकिन इस कूड़ा निस्तारण केंद्र का संचालन ही नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण के बाद इसका संचालन नहीं हो सका है।
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दियोराजपुर में केंद्र खुद बना कूड़ा
बरखेड़ा ब्लॉक के ही गांव दियोराजपुर में ग्राम पंचायत को स्वच्छ बनाए जाने के लिए इसका निर्माण कराया गया, लेकिन इसका संचालन नहीं हो सका। आलम यह है कि सेंटर खुद ही कूड़ा सा लग रहा है।
कूड़े से पटा अमखिड़िया का केंद्र
अमरिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत अमखिड़िया में बना कूड़ा निस्तारण केंद्र भी बदहाल हो चुका है। कुछ एक बार यहां पर कूड़ा पहुंचाया गया, लेकिन इस कूड़े का आज-तक निस्तारण ही नहीं कराया गया। इससे वहां संक्रामक बीमारी फैलने का भी खतरा बना हुआ है।
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ग्राम पंचायतों में बने आरआरसी का संचालन कराए जाने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बाद भी जिन ग्राम पंचायतों में इनका संचालन नहीं किया जा रहा है। उन ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर संबंधित कर्मचारियों पर विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी। - रोहित भारती, डीपीआरओ।
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जिले में ब्लॉकों की संख्या सात
जिले में कुल ग्राम पंचायत 720
जिले में आरआरसी 715
पांच जगहों पर निर्माण कार्य की प्रक्रिया जारी है।
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आरआरसी बनने से उम्मीद थी कि गांव साफ रहेगा, लेकिन संचालन नहीं होने से स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - रिजवान वेग।
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सरकार ने सेंटर बनाने में लाखों रुपये खर्च किए हैं। अगर इसका उपयोग ही नहीं होगा तो निर्माण पर खर्च हुई रकम का क्या फायदा नियमित रूप से कूड़ा उठाने और निस्तारण की व्यवस्था होनी चाहिए।- राकेश कुमार।
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गांव में कई जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। बारिश के बाद गंदगी और बढ़ जाती है। आरआरसी सेंटर चालू कराकर कूड़े का वहीं निस्तारण कराया जाए तो काफी राहत मिलेगी। - शहनाज बेगम।
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कुसुमा में केंद्र नहीं, बच्चों को मिला खेलने का स्थान
बरखेड़ा ब्लॉक के गांव कुसुमा में तैयार कूड़ा निस्तारण केंद्र तो नहीं बन सका, लेकिन बच्चों के लिए खेल का स्थान जरूर बन गया। दोपहर के समय गांव के बच्चे धूप से बचकर इस स्थान पर ही खेलते हैं।
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गाजीपुर मुगल के केंद्र पर लटक रहा ताला
ललौरीखेड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत गाजीपुर मुगल में इसका निर्माण कराया गया है, लेकिन इस कूड़ा निस्तारण केंद्र का संचालन ही नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण के बाद इसका संचालन नहीं हो सका है।
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दियोराजपुर में केंद्र खुद बना कूड़ा
बरखेड़ा ब्लॉक के ही गांव दियोराजपुर में ग्राम पंचायत को स्वच्छ बनाए जाने के लिए इसका निर्माण कराया गया, लेकिन इसका संचालन नहीं हो सका। आलम यह है कि सेंटर खुद ही कूड़ा सा लग रहा है।
कूड़े से पटा अमखिड़िया का केंद्र
अमरिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत अमखिड़िया में बना कूड़ा निस्तारण केंद्र भी बदहाल हो चुका है। कुछ एक बार यहां पर कूड़ा पहुंचाया गया, लेकिन इस कूड़े का आज-तक निस्तारण ही नहीं कराया गया। इससे वहां संक्रामक बीमारी फैलने का भी खतरा बना हुआ है।
ग्राम पंचायतों में बने आरआरसी का संचालन कराए जाने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बाद भी जिन ग्राम पंचायतों में इनका संचालन नहीं किया जा रहा है। उन ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर संबंधित कर्मचारियों पर विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी। - रोहित भारती, डीपीआरओ।
जिले में ब्लॉकों की संख्या सात
जिले में कुल ग्राम पंचायत 720
जिले में आरआरसी 715
पांच जगहों पर निर्माण कार्य की प्रक्रिया जारी है।
आरआरसी बनने से उम्मीद थी कि गांव साफ रहेगा, लेकिन संचालन नहीं होने से स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - रिजवान वेग।
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सरकार ने सेंटर बनाने में लाखों रुपये खर्च किए हैं। अगर इसका उपयोग ही नहीं होगा तो निर्माण पर खर्च हुई रकम का क्या फायदा नियमित रूप से कूड़ा उठाने और निस्तारण की व्यवस्था होनी चाहिए।- राकेश कुमार।
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गांव में कई जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। बारिश के बाद गंदगी और बढ़ जाती है। आरआरसी सेंटर चालू कराकर कूड़े का वहीं निस्तारण कराया जाए तो काफी राहत मिलेगी। - शहनाज बेगम।

ग्राम कुसमा में आर आर सी केंद्र पर खेलते बच्चे। संवाद- फोटो : 1

ग्राम कुसमा में आर आर सी केंद्र पर खेलते बच्चे। संवाद- फोटो : 1

ग्राम कुसमा में आर आर सी केंद्र पर खेलते बच्चे। संवाद- फोटो : 1

ग्राम कुसमा में आर आर सी केंद्र पर खेलते बच्चे। संवाद- फोटो : 1

ग्राम कुसमा में आर आर सी केंद्र पर खेलते बच्चे। संवाद- फोटो : 1

ग्राम कुसमा में आर आर सी केंद्र पर खेलते बच्चे। संवाद- फोटो : 1

ग्राम कुसमा में आर आर सी केंद्र पर खेलते बच्चे। संवाद- फोटो : 1