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कल्कि धाम में 1 नवंबर को होगी धर्म सभा
Moradabad
Updated Mon, 15 Sep 2014 05:32 AM IST
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मुरादाबाद। ऐचोड़ा कंबोह संभल स्थित कल्कि धाम में एक नवंबर को धर्म सभा होगी। देश विदेश से सभी धर्माें के संत अनुयायियों को आमंत्रित किया गया है। धर्म सभा में प्रमुख रूप से शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के साईं विरोध और लव जेहाद चिंतन मनन का मुख्य बिंदु होंगे। इस धर्म सभा के जरिए देश में साईं पूजा को बल मिलने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।
कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने रविवार को आरएसडी एकेडमी में इस धर्म सभा की जानकारी देते हुए कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास धर्म सभा की अध्यक्षता करेंगे। देश भर से सभी अखाड़ा प्रतिनिधि, रामानंदाचार्य, रामानुजाचार्य, जैन, बौद्ध मतावलंबी, कबीरपंथी, संत निरंकारी आदि अनुयायियों को आमंत्रित किया गया है। 1 नवंबर को प्रात: 10 बजे से शुरू होने वाली धर्म सभा में राष्ट्र के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के साथ ही प्रमुख रूप से साईं पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद की टिप्पणी मुख्य विषय होगा। धर्म सभा फैसला करेगी कि शंकराचार्य सही कह रहे हैं अथवा गलत। साईं पूजा करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ी है। घर-घर यह विवाद पहुंच चुका है। यह विवाद शंकराचार्य के पद के अनुरूप नहीं है।
कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने रविवार को आरएसडी एकेडमी में इस धर्म सभा की जानकारी देते हुए कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास धर्म सभा की अध्यक्षता करेंगे। देश भर से सभी अखाड़ा प्रतिनिधि, रामानंदाचार्य, रामानुजाचार्य, जैन, बौद्ध मतावलंबी, कबीरपंथी, संत निरंकारी आदि अनुयायियों को आमंत्रित किया गया है। 1 नवंबर को प्रात: 10 बजे से शुरू होने वाली धर्म सभा में राष्ट्र के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के साथ ही प्रमुख रूप से साईं पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद की टिप्पणी मुख्य विषय होगा। धर्म सभा फैसला करेगी कि शंकराचार्य सही कह रहे हैं अथवा गलत। साईं पूजा करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ी है। घर-घर यह विवाद पहुंच चुका है। यह विवाद शंकराचार्य के पद के अनुरूप नहीं है।
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