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पितृ विसर्जन आज : गंगा घाटों पर जमी है सिल्ट, सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं

Sun, 21 Sep 2025 01:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 21 Sep 2025 01:48 AM IST
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Pitru Visarjan today: Silt has accumulated on the Ganga Ghats, no security arrangements are in place
पितृ विसर्जन 21 सितंबर को है। शनिवार को गंगा घाटों पर नगर पालिका की तरफ से कोई प्रशासनिक तैयारियां नजर नहीं आईं। गंगा घाटों की सीढ़ियों पर बाढ़ के चलते जहां सिल्ट जमी है वहीं घाट के अगल-बगल माला-फूल तथा पूजा-पाठ की सामग्री पड़ी है। यह तर्पण के लिए आए श्रद्धालुओं के परेशानी का कारण बन सकता है।
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पितृ विसर्जन पर नगर में बरियाघाट, नारघाट, फतहां घाट, बाबाघाट, संकठाघाट सहित अन्य गंगाघाटों पर तर्पण के लिए काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटेगी। घाटों पर शाम तक सुरक्षा के भी कोई इंतजाम नजर नहीं आए। बैरिकेटिंग तक नहीं कराई गई है। नगर के बरियाघाट पर पितरों के तर्पण के लिए रविवार को भोर से ही हजारों की संख्या में लोग पहुंचेंगे।
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रामगया घाट पर भी हैं अव्यवस्थाएं
पितृ विसर्जन की पूर्व संध्या पर शनिवार को शिवपुर स्थित रामगया घाट पर भी अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। शिवपुर बाजार से लेकर घाट तक बिजली, पानी, शौचालय, साफ- सफाई व प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। शाम होते ही गंगा घाट की तरफ जाने वाला मार्ग अंधेरे में डूूब जाता है। गंगाघाट के किनारे शौचालय की व्यवस्था नदारद है। मात्र एक हैंडपंप के सहारे प्यास बुझाएंगे।
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वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम ने यहां किया था तर्पण


पितरों के तर्पण के लिए रामगया घाट एक बड़ा आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि त्रेता युग में वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम ने माता सीता व भाई लक्ष्मण के साथ अपने पितृगण के लिए यहां पर तर्पण किया था। इसे छोटी गया के नाम से भी जाना जाता है।
उसके बाद से ही यहां यह परंपरा चली आ रही है। पितृपक्ष में 16 दिनों से अश्विन की अमावस्या तक राम का घाट पर निरंतर श्राद्ध कर्म के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

अमावस्या के दिन यहां हजारों की संख्या में पितरों के पिंडदान के लिए जनपद सहित दूर-दराज के अन्य जनपदों से लोग पहुंचते हैं। आध्यात्मिक धर्मगुरु तीर्थ पुरोहित त्रियोगी नारायण मिश्र ने बताया कि शिवपुर स्थित राम गया घाट की महिमा का वर्णन शास्त्रों में भी किया गया है। कहा जाता है कि यहां पर पूर्वजों के पिंडदान करने पर मोछ की प्राप्ति होती है।
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