बड़ा खुलासा: सॉल्वर गैंग ने अलीगढ़ के होटल में बनाया था फर्जी प्रवेश पत्र, आरोपियों ने खोले कई बड़े राज
सॉल्वर गैंग का खुलासा होने पर पकड़े गए आरोपियों ने कई बड़े राज खोले हैं। आरोपियों ने बताया कि अलीगढ़ के होटल में सॉल्वर गैंग ने फर्जी प्रवेश पत्र बनाया था।
विस्तार
दरोगा भर्ती परीक्षा मेरठ समेत 15 जनपदों में 12 नवंबर से तीन दिसंबर तक होगी। सॉल्वर गैंग की जिलास्तर पर भी साठगांठ थी। कोचिंग सेंटरों में भी इस गैंग की पकड़ है। अलीगढ़ के होटल में सॉल्वर गैंग ने फर्जी प्रवेश पत्र बनाया था।
क्राइम ब्रांच की टीम सॉल्वर गैंग के सरगना को नहीं पकड़ पाई है। दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि कोचिंग सेंटर में तैयारी कर रहे युवकों को पहले आवेदन कराया और फिर उनको परीक्षा में नकल कराने का झांसा तक दिया गया। आशुतोष मणि ने बताया कि 13 नवंबर को गोरखपुर में सोहनपाल सिंह की जगह परीक्षा दी और फिर उनको अलीगढ़ स्थित मुस्कान होटल में बुलाया गया। वहां मानवेंद्र निवासी फिरोजाबाद समेत दर्जनों लोग थे। होटल में ही मानवेंद्र के नाम का फर्जी प्रवेश पत्र बनाया, जिस पर आशुतोष मणि की फोटो लगाई। परीक्षा देने के एवज में उसे 75 हजार रुपये सॉल्वर गैंग ने देना तय किया था। 20 हजार रुपये एडवांस दिए।
कोचिंग सेंटर के शिक्षक भी गैंग में शामिल
पुलिस के मुताबिक कोचिंग सेंटर के शिक्षक भी सॉल्वर गैंग में शामिल हैं। आशुतोष मणि भी कोचिंग सेंटर में पढ़ाता था।
सोहनपाल और मानवेंद्र का मिला फर्जी प्रवेश पत्र
आशुतोष मणि से मानवेंद्र और सोहनपाल के नाम के फर्जी प्रवेश पत्र बरामद हुए हैं। गैंग में फरार तीन साथी मानवेंद्र सिंह निवासी कोटकी फिरोजाबाद, अमित निवासी टूंडला फिरोजाबाद व अमित निवासी बिसनपुरा बेहटा पटना की तलाश में कई जगह दबिश दी। पुलिस अधिकारियों का मानना कि अगर गैंग का सरगना हाथ लग जाए, तो कई लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
यह भी पढ़ें: मर्डर की तस्वीरें: सराफ को दिनदहाड़े चाकू से गोदकर मार डाला, सामने आई अनैतिक संबंध की बात, खौफनाक है वारदात
अरविंद राणा के गैंग की भी जांच
एसपी क्राइम अनित कुमार ने बताया कि बागपत के अरविंद राणा के गैंग का भी पता लगाया जा रहा है। क्राइम ब्रांच की टीम अलीगढ़, गोरखपुर, लखनऊ, बिहार समेत कई जगहों पर जाएगी।
मुख्य परीक्षा अधिकारी की पकड़ में आया
रविवार शाम चार बजे की पाली में आईटीएम कॉलेज के गेट पर परीक्षार्थी मानवेंद्र के पहचान पत्र और प्रवेश पत्र की जांच की तो फोटो मिलान नहीं हो पाया। शक होने पर व्यक्ति से मुख्य परीक्षा अधिकारी एनएसईआईटी केंद्र शाहरुख अंसारी ने जांच की। ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मी शुभम गुप्ता, भूपेंदर व अरुण को बुलाया। उनके सामने पूछताछ की गई। व्यक्ति ने अपना नाम आशुतोष मणि त्रिपाठी बताया। उसने बताया कि 3500 रुपये देकर किराये की गाड़ी से उसे अलीगढ़ से परीक्षा देने के लिये भेजा गया था।
यह भी पढ़ें: वीभत्स हादसा: रिटायर्ड फौजी-पत्नी व बेटे की मौत, हाईवे पर 50 मीटर तक घिसटते गए तीनों लोग, देखिए तस्वीरें
दरोगा भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गैंग को लेकर पुलिस पहले से अलर्ट है। यह बड़ा गैंग है। जानी पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच व सर्विलांस की टीम लगा दी है। गैंग के सरगना और उससे जुड़े सभी लोगों की गिरफ्तारी के लिये पुलिस टीम लगी हुई है। - प्रभाकर चौधरी, एसएसपी