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Shahjahanpur News: ओवरब्रिज के नीचे शव रखी एंबुलेंस खड़ी कर एक घंटे तक लगाया जाम
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गांव ककरहा की जूली का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
पुवायां (शाहजहांपुर)। प्रसव के बाद महिला की मौत के मामले में डॉक्टरों पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को परिजनों और ग्रामीणों ने पुवायां-जेबा मार्ग पर ओवरब्रिज के नीचे शव रखी एंबुलेंस खड़ी कर करीब एक घंटे तक जाम लगाया। सीओ के समझाने और दो डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही जाम खोला गया।
गांव ककरहा उर्फ बेहटा जमीने जेबा निवासी किशनपाल की पत्नी जूली (22) को प्रसव पीड़ा होने पर आठ सितंबर को पुवायां के निजी अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन से मना करने के बावजूद डॉक्टर ने ऑपरेशन कर दिया। इसके बाद जूली की हालत बिगड़ गई। नौ सितंबर को बरेली ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
पोस्टमाॅर्टम के बाद परिजन शव लेकर एंबुलेंस से पुवायां पहुंचे। अस्पताल संचालक और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट की मांग को लेकर ओवरब्रिज के नीचे एंबुलेंस खड़ी कर जाम लगा दिया। बाद में सीओ प्रवीण मलिक के समझाने और रिपोर्ट की कॉपी मिलने के बाद जाम खोला गया। अस्पताल संचालक डॉ. फिरोज को कॉल कर पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ देर बाद जानकारी देने की बात कही, लेकिन बाद में अपना पक्ष नहीं दिया। संचालक और स्टाफ अस्पताल बंद कर चले गए हैं।
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दो डॉक्टरों पर दर्ज हुई रिपोर्ट
जूली के ससुर जोगराज ने तहरीर में आरोप लगाया कि रास्ते में चालक ने पुवायां-खुटार रोड स्थित चरक अस्पताल में दिखाने की सलाह दी। अस्पताल में जूली को भर्ती कर ऑपरेशन की बात कही गई। महिला डॉक्टर न होने के कारण उन्होंने ऑपरेशन कराने से मना किया, लेकिन आरोप है कि डॉ. फिरोज ने उनकी बात नहीं मानी और डॉ. केपी को बुलाकर ऑपरेशन कराया। परिजनों ने डॉ. केपी पर लापरवाही से ऑपरेशन करने का आरोप लगाया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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पुलिस को चकमा देकर पहुंचे जाम स्थल
परिजन और ग्रामीण शव को निजी अस्पताल के सामने रखकर जाम लगाने की तैयारी में थे। सूचना पर पुलिस जेबा के पास पहुंच गई और ट्रैक्टर-ट्रॉली से आ रहे लोगों को रोक लिया। इसके बाद ग्रामीण पुलिस को चकमा देकर ई-रिक्शा और बाइक से ओवरब्रिज के नीचे पहुंच गए और एंबुलेंस खड़ी कर जाम लगा दिया।
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एंबुलेंस से कूदने से महिला का पिता घायल
पुलिस एंबुलेंस को बाइपास से गांव भेजना चाहती थी, जबकि परिजन उसे कस्बे से होकर निजी अस्पताल ले जाना चाहते थे। भूड़ा मैनारी के पास पुलिस ने एंबुलेंस को बाइपास से ले जाने के लिए कहा तो जूली के पिता रामकिशन एंबुलेंस से सड़क पर कूद गए। इससे वह घायल हो गए। एंबुलेंस को बाइपास से ले जाने पर नाराज महिलाओं ने जाम स्थल पर एक सिपाही से हाथापाई की कोशिश भी की। पुलिस ने महिलाओं को समझाकर शांत कराया और सिपाही को मौके से हटा दिया।
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जूली के शव का किया अंतिम संस्कार, बच्चे की हालत गंभीर
जाम खोलने के बाद परिजन जूली के शव को घर ले गए। देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान पुलिस मौजूद रही। वहीं, शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में भर्ती जूली के पुत्र का इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर है।
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लोग जाम लगाना चाहते थे, इसलिए एंबुलेंस को बाइपास से निकलवाया गया था। एसीएमओ के संज्ञान में मामला लाने के बाद तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। लोगों को समझाकर जाम खुलवा दिया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां
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मामला जानकारी में आया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए शुक्रवार को टीम भेजी जाएगी। टीम की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. विवेक मिश्रा, सीएमओ
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गांव ककरहा उर्फ बेहटा जमीने जेबा निवासी किशनपाल की पत्नी जूली (22) को प्रसव पीड़ा होने पर आठ सितंबर को पुवायां के निजी अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन से मना करने के बावजूद डॉक्टर ने ऑपरेशन कर दिया। इसके बाद जूली की हालत बिगड़ गई। नौ सितंबर को बरेली ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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पोस्टमाॅर्टम के बाद परिजन शव लेकर एंबुलेंस से पुवायां पहुंचे। अस्पताल संचालक और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट की मांग को लेकर ओवरब्रिज के नीचे एंबुलेंस खड़ी कर जाम लगा दिया। बाद में सीओ प्रवीण मलिक के समझाने और रिपोर्ट की कॉपी मिलने के बाद जाम खोला गया। अस्पताल संचालक डॉ. फिरोज को कॉल कर पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ देर बाद जानकारी देने की बात कही, लेकिन बाद में अपना पक्ष नहीं दिया। संचालक और स्टाफ अस्पताल बंद कर चले गए हैं।
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दो डॉक्टरों पर दर्ज हुई रिपोर्ट
जूली के ससुर जोगराज ने तहरीर में आरोप लगाया कि रास्ते में चालक ने पुवायां-खुटार रोड स्थित चरक अस्पताल में दिखाने की सलाह दी। अस्पताल में जूली को भर्ती कर ऑपरेशन की बात कही गई। महिला डॉक्टर न होने के कारण उन्होंने ऑपरेशन कराने से मना किया, लेकिन आरोप है कि डॉ. फिरोज ने उनकी बात नहीं मानी और डॉ. केपी को बुलाकर ऑपरेशन कराया। परिजनों ने डॉ. केपी पर लापरवाही से ऑपरेशन करने का आरोप लगाया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुलिस को चकमा देकर पहुंचे जाम स्थल
परिजन और ग्रामीण शव को निजी अस्पताल के सामने रखकर जाम लगाने की तैयारी में थे। सूचना पर पुलिस जेबा के पास पहुंच गई और ट्रैक्टर-ट्रॉली से आ रहे लोगों को रोक लिया। इसके बाद ग्रामीण पुलिस को चकमा देकर ई-रिक्शा और बाइक से ओवरब्रिज के नीचे पहुंच गए और एंबुलेंस खड़ी कर जाम लगा दिया।
एंबुलेंस से कूदने से महिला का पिता घायल
पुलिस एंबुलेंस को बाइपास से गांव भेजना चाहती थी, जबकि परिजन उसे कस्बे से होकर निजी अस्पताल ले जाना चाहते थे। भूड़ा मैनारी के पास पुलिस ने एंबुलेंस को बाइपास से ले जाने के लिए कहा तो जूली के पिता रामकिशन एंबुलेंस से सड़क पर कूद गए। इससे वह घायल हो गए। एंबुलेंस को बाइपास से ले जाने पर नाराज महिलाओं ने जाम स्थल पर एक सिपाही से हाथापाई की कोशिश भी की। पुलिस ने महिलाओं को समझाकर शांत कराया और सिपाही को मौके से हटा दिया।
जूली के शव का किया अंतिम संस्कार, बच्चे की हालत गंभीर
जाम खोलने के बाद परिजन जूली के शव को घर ले गए। देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान पुलिस मौजूद रही। वहीं, शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में भर्ती जूली के पुत्र का इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर है।
लोग जाम लगाना चाहते थे, इसलिए एंबुलेंस को बाइपास से निकलवाया गया था। एसीएमओ के संज्ञान में मामला लाने के बाद तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। लोगों को समझाकर जाम खुलवा दिया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां
मामला जानकारी में आया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए शुक्रवार को टीम भेजी जाएगी। टीम की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. विवेक मिश्रा, सीएमओ

गांव ककरहा की जूली का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन

गांव ककरहा की जूली का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन

गांव ककरहा की जूली का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन

गांव ककरहा की जूली का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन