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कृषि विवि के पूर्व रजिस्ट्रार की अर्जी खारिज
Updated Thu, 05 Apr 2018 02:52 AM IST
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मेरठ। कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. चंद्रशेखर प्रसाद की जमानत अर्जी को स्पेशल सीजेएम त्रिभुवन नाथ ने गंभीर अपराध पाते हुए जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
कृषि विश्वविद्यालय में धोखाधड़ी व गबन के आरोप का मुकदमा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर दौराला थाना पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था। जिसमें देवेंद्र यादव को जेल भेज दिया गया था। विवेचना में कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त रजिस्ट्रार प्रो. चंद्रशेखर प्रसाद पुत्र किशन प्रसाद निवासी एटूजेड कॉलोनी मोदीपुरम को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने पूर्व रजिस्ट्रार को दो दिन पूर्व गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बुधवार को इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज त्रिभुवन नाथ की अदालत में की गयी। जहां जमानत अर्जी का अभियोजन अधिकारी की तरफ से विरोध करते हुए तर्क दिया गया कि यह एक गंभीर मामला है। इस मामले की रिपोर्ट इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश से दर्ज हुई थी। जिसकी सुनवाई के बाद अदालत ने गंभीर अपराध पाते हुए जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
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कृषि विश्वविद्यालय में धोखाधड़ी व गबन के आरोप का मुकदमा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर दौराला थाना पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था। जिसमें देवेंद्र यादव को जेल भेज दिया गया था। विवेचना में कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त रजिस्ट्रार प्रो. चंद्रशेखर प्रसाद पुत्र किशन प्रसाद निवासी एटूजेड कॉलोनी मोदीपुरम को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने पूर्व रजिस्ट्रार को दो दिन पूर्व गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बुधवार को इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज त्रिभुवन नाथ की अदालत में की गयी। जहां जमानत अर्जी का अभियोजन अधिकारी की तरफ से विरोध करते हुए तर्क दिया गया कि यह एक गंभीर मामला है। इस मामले की रिपोर्ट इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश से दर्ज हुई थी। जिसकी सुनवाई के बाद अदालत ने गंभीर अपराध पाते हुए जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
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