{"_id":"5c44de9abdec227367365edb","slug":"151548017306-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीद मेजर जगदीशपाल गुर्जर द्वार का लोकार्पण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद मेजर जगदीशपाल गुर्जर द्वार का लोकार्पण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बहसूमा। ब्रिगेडियर आलोक कुमार त्यागी एवं कर्नल संजीव कौशिक ने बहसूमा क्षेत्र के गांव करीमपुर के गणेशपुर रजवाहे के समीप नवनिर्मित मेजर शहीद जगदीशपाल गुर्जर मुख्य द्वार का रविवार को फीता काटकर लोकार्पण किया। इसके बाद गांव स्थित मेजर शहीद जगदीशपाल गुर्जर प्राथमिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
गांव करीमपुर स्थित मेजर शहीद जगदीशपाल गुर्जर की 48वीं पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को ब्रिगेडियर आलोक कुमार त्यागी व कर्नल संजीव कौशिक ने गणेशपुर रजवाहे के निकट नवनिर्मित मुख्य द्वार का लोकार्पण किया। इसके बाद वे गांव स्थित मेजर शहीद जगदीशपाल गुर्जर प्राथमिक स्कूल में आयोजित उनकी स्मृति कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने स्कूल में घुसते ही करीमपुर गांव की भौगोलिक स्थिति की जानकारी ली। पूर्व सहकारिता मंत्री जगवीर सिंह ने उन्हें बताया कि गांव की आबादी करीब दो हजार है। उन्होंने स्कूल में आयुर्वेदिक अस्पताल एवं प्राथमिक स्कूल को इंटर कॉलेज बनाने की मांग की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर त्यागी ने कहा कि सेना की दो माहर यूनिट सबसे शक्तिशाली मानी जाती है। इसी यूनिट की ओर से 20 जनवरी 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में बाडमेर सेक्टर में दुश्मनों से लड़ते हुए मेजर जगदीशपाल शहीद हो गए थे। उन्होंने गांव के युवाओं से कहा कि फौज में जाने से ही देश सेवा नहीं होती है। किसी भी क्षेत्र में मेहनत एवं ईमानदारी से कार्य करने को भी देश सेवा ही कहते हैं। कार्यक्रम के संयोजक शहीद जगदीशपाल गुर्जर के पुत्र जितेंद्र पाल सिंह व पूर्व मंत्री जगवीर सिंह गुर्जर ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर शहीद मेजर जगदीशपाल सिंह के भाई हेम सिंह, महीपाल सिंह, प्रधान रजनीश सिंह, प्रधान जयवीर तखावली, प्रेम प्रमुख, जिपं सदस्य अजीत भड़ाना, मेकचंद, इकतारे, कैलाशी, छत्रपाल सिंह आदि रहे। यहां शहीद मेजर की पुत्रवधू सिंधु देवी व पुत्री मधु ने बुके भेंटकर स्वागत किया।
मुख्य बातें
ब्रिगेडियर आलोक कुमार त्यागी एवं संजीव कौशिक ने फीता काटा
विज्ञापन
बहसूमा। ब्रिगेडियर आलोक कुमार त्यागी एवं कर्नल संजीव कौशिक ने बहसूमा क्षेत्र के गांव करीमपुर के गणेशपुर रजवाहे के समीप नवनिर्मित मेजर शहीद जगदीशपाल गुर्जर मुख्य द्वार का रविवार को फीता काटकर लोकार्पण किया। इसके बाद गांव स्थित मेजर शहीद जगदीशपाल गुर्जर प्राथमिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
गांव करीमपुर स्थित मेजर शहीद जगदीशपाल गुर्जर की 48वीं पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को ब्रिगेडियर आलोक कुमार त्यागी व कर्नल संजीव कौशिक ने गणेशपुर रजवाहे के निकट नवनिर्मित मुख्य द्वार का लोकार्पण किया। इसके बाद वे गांव स्थित मेजर शहीद जगदीशपाल गुर्जर प्राथमिक स्कूल में आयोजित उनकी स्मृति कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने स्कूल में घुसते ही करीमपुर गांव की भौगोलिक स्थिति की जानकारी ली। पूर्व सहकारिता मंत्री जगवीर सिंह ने उन्हें बताया कि गांव की आबादी करीब दो हजार है। उन्होंने स्कूल में आयुर्वेदिक अस्पताल एवं प्राथमिक स्कूल को इंटर कॉलेज बनाने की मांग की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर त्यागी ने कहा कि सेना की दो माहर यूनिट सबसे शक्तिशाली मानी जाती है। इसी यूनिट की ओर से 20 जनवरी 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में बाडमेर सेक्टर में दुश्मनों से लड़ते हुए मेजर जगदीशपाल शहीद हो गए थे। उन्होंने गांव के युवाओं से कहा कि फौज में जाने से ही देश सेवा नहीं होती है। किसी भी क्षेत्र में मेहनत एवं ईमानदारी से कार्य करने को भी देश सेवा ही कहते हैं। कार्यक्रम के संयोजक शहीद जगदीशपाल गुर्जर के पुत्र जितेंद्र पाल सिंह व पूर्व मंत्री जगवीर सिंह गुर्जर ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर शहीद मेजर जगदीशपाल सिंह के भाई हेम सिंह, महीपाल सिंह, प्रधान रजनीश सिंह, प्रधान जयवीर तखावली, प्रेम प्रमुख, जिपं सदस्य अजीत भड़ाना, मेकचंद, इकतारे, कैलाशी, छत्रपाल सिंह आदि रहे। यहां शहीद मेजर की पुत्रवधू सिंधु देवी व पुत्री मधु ने बुके भेंटकर स्वागत किया।
विज्ञापन
मुख्य बातें
ब्रिगेडियर आलोक कुमार त्यागी एवं संजीव कौशिक ने फीता काटा