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सवर्ण आर्थिक आरक्षण का नहीं बन रहा प्रमाणपत्र
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केंद्र सरकार की तरफ से सवर्ण आर्थिक आरक्षण बिल पास करने के दो माह बाद भी तहसीलों से प्रमाण पत्र न बनने से अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे की तरफ से भर्ती विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद अभ्यर्थी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जनसेवा केंद्रों, तहसीलों का चक्कर काट रहे हैं। आला अधिकारी आदेश न मिलने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
केंद्र सरकार ने सात जनवरी 2019 को आर्थिक रुप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत सवर्ण आरक्षण बिल पास किया था। नियम के तहत सवर्ण आरक्षण के लिए वार्षिक आय आठ लाख तय की गई है। पात्र लोगों को सरकारी नौकरियों और शिक्षा के संस्थानों में 10 प्रतिशित आरक्षण की छूट दी जानी है। इसके लिए उप्र सरकार ने भी आरक्षण बिल को कैबिनेट से पास कर दिया था। लेकिन तहसीलों से इकोनामिक वीक सर्टिफिकेट (ईडब्ल्यूसी) जारी नहीं हो रहा है। इससे अभ्यर्थियों को चक्कर काटना पड़ रहा है। अभी हाल ही में रेलवे ने विभिन्न पदों के लिए विज्ञापन निकाला है। अभ्यर्थी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए जब तहसील, जनसेवा केंद्र पहुंच रहे हैं तो वहां से बैरंग लौटना पड़ रहा है। आला अधिकारी आदेश न मिलने की बात कह रहे हैं। पात्र अभ्यर्थियों को लाभ से वंचित होने की चिंता सताने लगी है।
सदर तहसील में प्रमाण पत्र बनवाने आए अभिषेक कुुमार यादव, मंजीत कुमार, आरती सिंह, सीता वर्मा का कहना है कि तहसील तथा जनसेेवा केंद्र से जब इकोनामिक वीक सर्टिफिकेट बनवाने जा रहे हैं तो आदेश न मिलने की बात कही जा रही है। जबकि रेलवे से निकले भर्ती विज्ञापन में इकोनामिक वीक सर्टिफिकेट जमा करना है। ऐसे में आरक्षण के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। इस संबंध में जनसेवा केंद्र के कोआर्डिनेटर अमिमेष मिश्र का कहना है कि इकोनामिक वीक सर्टिफिकेट जारी करने के मामले में शासन से आदेश ही नहीं मिला है।
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अपर जिलाधिकारी डीपी पाल का कहना है कि इकोनामिक वीक सर्टिफिकेट जारी करने के मामने में अभी शासनादेश नहीं मिला है।
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केंद्र सरकार ने सात जनवरी 2019 को आर्थिक रुप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत सवर्ण आरक्षण बिल पास किया था। नियम के तहत सवर्ण आरक्षण के लिए वार्षिक आय आठ लाख तय की गई है। पात्र लोगों को सरकारी नौकरियों और शिक्षा के संस्थानों में 10 प्रतिशित आरक्षण की छूट दी जानी है। इसके लिए उप्र सरकार ने भी आरक्षण बिल को कैबिनेट से पास कर दिया था। लेकिन तहसीलों से इकोनामिक वीक सर्टिफिकेट (ईडब्ल्यूसी) जारी नहीं हो रहा है। इससे अभ्यर्थियों को चक्कर काटना पड़ रहा है। अभी हाल ही में रेलवे ने विभिन्न पदों के लिए विज्ञापन निकाला है। अभ्यर्थी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए जब तहसील, जनसेवा केंद्र पहुंच रहे हैं तो वहां से बैरंग लौटना पड़ रहा है। आला अधिकारी आदेश न मिलने की बात कह रहे हैं। पात्र अभ्यर्थियों को लाभ से वंचित होने की चिंता सताने लगी है।
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सदर तहसील में प्रमाण पत्र बनवाने आए अभिषेक कुुमार यादव, मंजीत कुमार, आरती सिंह, सीता वर्मा का कहना है कि तहसील तथा जनसेेवा केंद्र से जब इकोनामिक वीक सर्टिफिकेट बनवाने जा रहे हैं तो आदेश न मिलने की बात कही जा रही है। जबकि रेलवे से निकले भर्ती विज्ञापन में इकोनामिक वीक सर्टिफिकेट जमा करना है। ऐसे में आरक्षण के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। इस संबंध में जनसेवा केंद्र के कोआर्डिनेटर अमिमेष मिश्र का कहना है कि इकोनामिक वीक सर्टिफिकेट जारी करने के मामले में शासन से आदेश ही नहीं मिला है।
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अपर जिलाधिकारी डीपी पाल का कहना है कि इकोनामिक वीक सर्टिफिकेट जारी करने के मामने में अभी शासनादेश नहीं मिला है।