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नीम के पेड़ से निकला सफेद पदार्थ, ग्रामीणों में कौतुहल
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मड़ावरा। तहसील मड़ावरा के ग्राम साढूमल में नीम के पुराने पेड़ से दूध जैसा सफेद तरल पदार्थ निकल रहा है, जो क्षेत्रवासियों में चर्चा का विषय बन गया है। गांव के लोग इसे आस्था से जोड़ रहे हैं और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। जबकि, वन विभाग इसे सामान्य घटना मान रहा है।
ग्राम साढूमल में श्री दुर्गा मंदिर के पास लाड़ले कुशवाहा के बाड़े में नीम का पेड़ लगा है। लाड़ले ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। इस पेड़ से तीन साल में इस तरह का तरल पदार्थ निकलता है, जो तीन बार निकल चुका है। पूर्व के वर्षों में जब गांव वालों ने पेड़ पर जल चढ़ाया था, तब नीम के पेड़ से पदार्थ निकलना बंद हुआ था। एक बार फिर से पदार्थ का निकलना शुरू हुआ है। गांव के लोगों में यह पेड़ आस्था का केंद्र बन गया है। इसे देखने के लिए सीमावर्ती मध्यप्रदेश के गांवों के लोग भी आ रहे हैं। लोग इसे आस्था मानकर पूजा अर्चना कर रहे हैं। वहीं, कुछ ग्रामीण इस द्रव्य को औषधि मानकर इसका सेवन भी कर रहे हैं। जिन पेड़ों से ऐसा द्रव्य निकलता है, उनके आसपास काफी नमी होती है। इसलिए इसे चमत्कार नहीं मानना चाहिए।
नीम के पेड़ से निकलने वाला इस तरह पदार्थ अक्सर निकलता रहता है। पुराने लागे इसे चर्म रोग और छय रोग की दवा के रूप में इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब इसका महत्व नहीं है।
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- एमआई खान, वन क्षेत्राधिकारी मड़ावरा
गांव में नीम के पेड़ से दूध जैसा पदार्थ निकल रहा है। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है।
- राजेश भोंडेले
जैसे ही नीम के पेड़ से दूध जैसा पदार्थ निकला, लोगो ने पूजा- अर्चना शुरू कर दी। लेकिन, कोई नहीं जानता है कि यह क्या है और इसका क्या महत्व है।
- रामपाल सिंह
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ग्राम साढूमल में श्री दुर्गा मंदिर के पास लाड़ले कुशवाहा के बाड़े में नीम का पेड़ लगा है। लाड़ले ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। इस पेड़ से तीन साल में इस तरह का तरल पदार्थ निकलता है, जो तीन बार निकल चुका है। पूर्व के वर्षों में जब गांव वालों ने पेड़ पर जल चढ़ाया था, तब नीम के पेड़ से पदार्थ निकलना बंद हुआ था। एक बार फिर से पदार्थ का निकलना शुरू हुआ है। गांव के लोगों में यह पेड़ आस्था का केंद्र बन गया है। इसे देखने के लिए सीमावर्ती मध्यप्रदेश के गांवों के लोग भी आ रहे हैं। लोग इसे आस्था मानकर पूजा अर्चना कर रहे हैं। वहीं, कुछ ग्रामीण इस द्रव्य को औषधि मानकर इसका सेवन भी कर रहे हैं। जिन पेड़ों से ऐसा द्रव्य निकलता है, उनके आसपास काफी नमी होती है। इसलिए इसे चमत्कार नहीं मानना चाहिए।
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नीम के पेड़ से निकलने वाला इस तरह पदार्थ अक्सर निकलता रहता है। पुराने लागे इसे चर्म रोग और छय रोग की दवा के रूप में इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब इसका महत्व नहीं है।
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- एमआई खान, वन क्षेत्राधिकारी मड़ावरा
गांव में नीम के पेड़ से दूध जैसा पदार्थ निकल रहा है। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है।
- राजेश भोंडेले
जैसे ही नीम के पेड़ से दूध जैसा पदार्थ निकला, लोगो ने पूजा- अर्चना शुरू कर दी। लेकिन, कोई नहीं जानता है कि यह क्या है और इसका क्या महत्व है।
- रामपाल सिंह