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दिशा सालियान केस में नया मोड़: समीर वानखेड़े बने गवाह, वकील नीलेश ओझा बोले- उनके पास है अहम सबूत

Wed, 16 Sep 2026 10:47 PM IST
अमन तिवारी आईएएनएस, मुंबई
आईएएनएस, मुंबई Published by: अमन तिवारी Updated Wed, 16 Sep 2026 10:47 PM IST
सार

दिशा सालियान मामले में उनके पिता के वकील निलेश ओझा ने दावा किया है कि आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े चार संभावित गवाहों में शामिल हैं। उन्होंने वानखेड़े के पास कथित अहम डेटा होने की बात कही। यह दावा सीबीआई की नई जांच शुरू होने के बाद सामने आया है।

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Advocate Nilesh Ojha Sameer Wankhede is one of the witnesses in Disha Salian case
दिशा सालियान केस में नया मोड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। दिशा के पिता सतीश सालियान के वकील नीलेश ओझा ने बुधवार को बताया कि भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी समीर वानखेड़े इस मामले के चार गवाहों में शामिल हैं। यह खुलासा बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर के कुछ दिनों बाद हुआ है।

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एक समाचार एजेंसी से बातचीत में वकील नीलेश ओझा ने कहा कि वह अभी सभी गवाहों के नामों का खुलासा नहीं कर सकते, लेकिन समीर वानखेड़े शुरुआत से ही उनके गवाह रहे हैं, हालांकि इसे पहले उजागर नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि अपनी रिट याचिका संख्या 1612 में उन्होंने वानखेड़े को प्रतिवादी नंबर 9 बनाया है।
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ओझा ने दावा किया कि उन्हें एक परिचित अधिकारी के जरिए जानकारी मिली है कि इस केस से जुड़ी जांच के दौरान समीर वानखेड़े के हाथ कुछ बेहद अहम डेटा लगा था। इसमें विशेष रूप से आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया और अन्य लोगों के मोबाइल टावर लोकेशन का डेटा शामिल है, जो दिशा सालियान से जुड़े घटना स्थल पर उनकी मौजूदगी की पुष्टि करता है।
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समीर वानखेड़े का नाम पहले भी विवादों से जुड़ा रहा है। उन्होंने दो अक्टूबर 2021 को कॉर्डेलिया क्रूज जहाज पर तलाशी और जब्ती अभियान की अगुवाई की थी। उस दौरान सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान समेत 19 अन्य लोगों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया था।

ये भी पढ़ें: यूपीआई एमडीआर पर सियासत तेज: राहुल के हमलों पर सिंधिया का पलटवार, बोले- आम लोगों के लिए फ्री रहेगा यूपीआई


वकील ओझा ने एक दिन पहले यह दावा भी किया था कि उनकी कानूनी टीम सीबीआई को जो सबूत सौंपने जा रही है, वे एफआईआर में शामिल लोगों के लिए 'ताबूत में आखिरी कील' की तरह साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इन सबूतों में दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ा संदर्भ भी मौजूद है।

इसके साथ ही वकील ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद उनका 80 प्रतिशत काम पहले ही हो चुका है। हाई कोर्ट के आदेश में ही ऐसे 10 बिंदुओं का जिक्र है जो पुलिस की रिपोर्ट को गलत साबित करते हैं। इससे यह साफ जाहिर होता है कि यह आत्महत्या का नहीं, बल्कि किसी गंभीर साजिश का मामला है।

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