{"_id":"678020f80b38973eff065b7c","slug":"progress-of-e-farmer-registry-very-poor-50th-position-in-the-state-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-127318-2025-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: ई-फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति काफी खराब, प्रदेश में 50वां स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: ई-फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति काफी खराब, प्रदेश में 50वां स्थान
विज्ञापन
- डीएम ने दिए हर जन सुविधा केंद्र पर तीस-तीस फार्मर रजिस्ट्री कराने के निर्देश
- फार्मर रजिस्ट्री कराने में लापरवाही पर जन सुविधा केंद्र पर हो सकती है कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। प्रदेश में ई-फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति में जनपद 50वें स्थान आया है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जन सुविधा केंद्रों पर दिन में सुबह और शाम दो चरणों में ई-फार्मर रजिस्ट्री कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ई-फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में लापरवाही बरती गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फाॅर एग्रीकल्चर के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य अभियान चलाकर पूर्ण करने के निर्देश 20 नवंबर को जिलाधिकारी ने निर्देश दिए गए थे। लेकिन जनपद में ई-फार्मर रजिस्ट्री के कार्य की प्रगति संतोषजनक न होने के कारण जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी जन सुविधा केंद्रों को प्रतिदिन सुबह पांच से दोपहर बारह बजे और शाम पांच से रात्रि बारह बजे तक खोलकर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी जनसुविधा केंद्र अपना कंप्यूटर, लैपटॉप मय नेटवर्क एवं थंब इंप्रेशन डिवाइस के साथ तैयार रखें और स्वयं उपस्थित रहकर फार्म रजिस्ट्री कार्य में पूर्ण योगदान दें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जन सुविधा केंद्र प्रतिदिन कम से कम तीस फार्मर रजिस्ट्री का कार्य अवश्य कराएं।
प्रत्येक जनसुविधा केंद्र पर उपजिलाधिकारी द्वारा तैनात किए गए राजस्व या कृषि विभाग कार्मिक फार्मर रजिस्ट्री कार्य में सहयोग नहीं देते हैं तो ब्लॉक फार्मर रजिस्ट्री ग्रुप के माध्यम से या अन्य माध्यम से जिला प्रभारी, जन सुविधा केंद्र या सीधे ब्लॉक नोडल अधिकारी तहसीलदार को सूचित कर सकते हैं। जन सुविधा केंद्रों तक किसानों को ले जाने की जिम्मेदारी तैनात कार्मिक की होगी। यदि जन सुविधा केंद्र संचालक द्वारा फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित कार्य नहीं किया जाता है या लापरवाही की जाती है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकतानुसार जनसुविधा केंद्र भी बंद कराया जा सकता है। इसके साथ ही जनसुविधा केंद्र संचालक पर सरकारी कार्य में बाधा डालने एवं कार्य में सहयोग न करने के आरोप में आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- फार्मर रजिस्ट्री कराने में लापरवाही पर जन सुविधा केंद्र पर हो सकती है कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। प्रदेश में ई-फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति में जनपद 50वें स्थान आया है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जन सुविधा केंद्रों पर दिन में सुबह और शाम दो चरणों में ई-फार्मर रजिस्ट्री कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ई-फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में लापरवाही बरती गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फाॅर एग्रीकल्चर के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य अभियान चलाकर पूर्ण करने के निर्देश 20 नवंबर को जिलाधिकारी ने निर्देश दिए गए थे। लेकिन जनपद में ई-फार्मर रजिस्ट्री के कार्य की प्रगति संतोषजनक न होने के कारण जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी जन सुविधा केंद्रों को प्रतिदिन सुबह पांच से दोपहर बारह बजे और शाम पांच से रात्रि बारह बजे तक खोलकर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी जनसुविधा केंद्र अपना कंप्यूटर, लैपटॉप मय नेटवर्क एवं थंब इंप्रेशन डिवाइस के साथ तैयार रखें और स्वयं उपस्थित रहकर फार्म रजिस्ट्री कार्य में पूर्ण योगदान दें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जन सुविधा केंद्र प्रतिदिन कम से कम तीस फार्मर रजिस्ट्री का कार्य अवश्य कराएं।
विज्ञापन
प्रत्येक जनसुविधा केंद्र पर उपजिलाधिकारी द्वारा तैनात किए गए राजस्व या कृषि विभाग कार्मिक फार्मर रजिस्ट्री कार्य में सहयोग नहीं देते हैं तो ब्लॉक फार्मर रजिस्ट्री ग्रुप के माध्यम से या अन्य माध्यम से जिला प्रभारी, जन सुविधा केंद्र या सीधे ब्लॉक नोडल अधिकारी तहसीलदार को सूचित कर सकते हैं। जन सुविधा केंद्रों तक किसानों को ले जाने की जिम्मेदारी तैनात कार्मिक की होगी। यदि जन सुविधा केंद्र संचालक द्वारा फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित कार्य नहीं किया जाता है या लापरवाही की जाती है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकतानुसार जनसुविधा केंद्र भी बंद कराया जा सकता है। इसके साथ ही जनसुविधा केंद्र संचालक पर सरकारी कार्य में बाधा डालने एवं कार्य में सहयोग न करने के आरोप में आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
विज्ञापन