{"_id":"dc53c882feab98d04c1da5bb28ea69d3","slug":"sentenced-to-two-years-in-gangestr-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंगेस्टर में दो वर्ष की सजा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गैंगेस्टर में दो वर्ष की सजा
ब्यूरो
Updated Tue, 01 Mar 2016 01:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) लोकेश राय की अदालत ने गैंगेस्टर एक्ट में दोषी पाए जाने पर एक युवक को दो वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी किया।
दो वर्ष पहले 10 फरवरी 2014 को तत्कालीन तालबेहट थानाध्यक्ष ऋषभ कुमार सिंह मय हमराही कांस्टेबल प्रताप सिंह और रामशरण के साथ शांति व्यवस्था को भ्रमण पर थे। उन्हें जानकारी मिली कि ग्राम नत्थी खेड़ा निवासी भागीरथ कुशवाहा शातिर किस्म का अपराधी है, गांव में भय व आतंक फैलाते हुए घूम रहा है।
पता चला कि इसका संगठित गिरोह है और वह गैंग का लीडर है। इसके गिरोह में मप्र के जिला विदिशा के मंडी बामौरा निवासी सक्रिय सदस्य शाहिद भी है, जिसपर भोपाल के कमला नगर थाने में गंभीर अपराध दर्ज है। भागीरथ पर भी कई गंभीर अपराधों के केस तालबेहट थाने में दर्ज हैं। वह वाहन चोरी व अन्य अनैतिक अपराध कर धन कमाते हैं और गैंग के सदस्यों से अपराध कराते हैं। इनके खिलाफ कोई भी न्यायालय में गवाही नहीं देता है।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष की तहरीर पर थाना तालबेहट में भागीरथ के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई। जिसका अनुमोदन जिला मजिस्ट्रेट द्वारा किया गया था। पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है।
सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश (उत्तर प्रदेश गिरोह एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम/ त्वरित न्यायालय) लोकेश राय ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, गवाहों व दलीलों के आधार पर निर्णय देते हुए अभियुक्त भागीरथ को दो वर्ष कैद की सजा व पांच हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की पैरवी अभियोजन अधिकारी डीके मिश्रा ने की।
विज्ञापन
दो वर्ष पहले 10 फरवरी 2014 को तत्कालीन तालबेहट थानाध्यक्ष ऋषभ कुमार सिंह मय हमराही कांस्टेबल प्रताप सिंह और रामशरण के साथ शांति व्यवस्था को भ्रमण पर थे। उन्हें जानकारी मिली कि ग्राम नत्थी खेड़ा निवासी भागीरथ कुशवाहा शातिर किस्म का अपराधी है, गांव में भय व आतंक फैलाते हुए घूम रहा है।
विज्ञापन
पता चला कि इसका संगठित गिरोह है और वह गैंग का लीडर है। इसके गिरोह में मप्र के जिला विदिशा के मंडी बामौरा निवासी सक्रिय सदस्य शाहिद भी है, जिसपर भोपाल के कमला नगर थाने में गंभीर अपराध दर्ज है। भागीरथ पर भी कई गंभीर अपराधों के केस तालबेहट थाने में दर्ज हैं। वह वाहन चोरी व अन्य अनैतिक अपराध कर धन कमाते हैं और गैंग के सदस्यों से अपराध कराते हैं। इनके खिलाफ कोई भी न्यायालय में गवाही नहीं देता है।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष की तहरीर पर थाना तालबेहट में भागीरथ के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई। जिसका अनुमोदन जिला मजिस्ट्रेट द्वारा किया गया था। पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है।
सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश (उत्तर प्रदेश गिरोह एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम/ त्वरित न्यायालय) लोकेश राय ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, गवाहों व दलीलों के आधार पर निर्णय देते हुए अभियुक्त भागीरथ को दो वर्ष कैद की सजा व पांच हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की पैरवी अभियोजन अधिकारी डीके मिश्रा ने की।