फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   पिसनारी बाग पर अवैध कब्जा कर नाले का अस्तित्व खतरे में

पिसनारी बाग पर अवैध कब्जा कर नाले का अस्तित्व खतरे में

Fri, 31 May 2019 02:13 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 31 May 2019 02:13 AM IST
विज्ञापन
पिसनारी बाग पर अवैध कब्जा कर नाले का अस्तित्व खतरे में
नाला पर अवैध कब्जा की होगी जांच
विज्ञापन

ललितपुर। शहर के मोहल्ला पिसनारी बाग में अवैध कब्जों की वजह से नाले का अस्तित्व खतरे में आ गया है। मकानों का निर्माण नाले की ओर छज्जा निकालकर किया जा रहा है। यहां कई मकानों के नक्शे ही पास नहीं हैं। कुछ लोग यहां पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बना रहे हैं। लेकिन, इसमें भी मानक के विपरीत निर्माण व अवैध कब्जा करने की होड़ लगी है। इसी होड़ के कारण चार दिन पूर्व निर्माण के दौरान छज्जा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने अवैध निर्माण की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
मोहल्ला पिसनारी बाग में सरसधाम आश्रम से पहले सड़क के दूसरे तरफ सामने वाली लाइन में अंदर की ओर वर्षों पुराना सरकारी नाला बना निकला है। इस नाले में सैकड़ों प्लॉट व मकानों के पानी की निकासी होती है। वर्तमान में नाले के दोनों किनारों पर मकानों का निर्माण हो रहा है, जबकि कई मकानों का निर्माण हो चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी कई मकानों का निर्माण किया जा रहा है। नाले के किनारे बने अधिकांश मकानों के स्वामियों द्वारा मकानों के पीछे की ओर अवैध रूप से नाले की ओर चार से पांच फिट का छज्जा व शौचालयों का निर्माण कर लिया है, जबकि निर्माणाधीन कई मकानों में नाले की ओर छज्जों का निर्माण कराया जा रहा है।
विज्ञापन

इसी निर्माण के दौरान पिछले दिनों प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे मकान का छज्जा गिरने से ग्राम घिसौली निवासी कमल यादव के पुत्र व राजमिस्त्री की मौत हो गई थी। घटना स्थल का निरीक्षण करने गए अधिकारियों ने देखा कि यहां नाले पर अवैध कब्जा कर मकान बनाए जा रहे हैं। अधिकांश मकानों में नाले के पीछे की ओर चार से पांच फिट चौड़े छज्जे और छतों का निर्माण किया गया है। इसी नाले पर कुछ भवनों का निर्माण तो इस प्रकार किया गया है, जहां नाले के दोनों किनारे बने मकानों के छज्जे आपस में जोड़ लिए गए हैं, ऐसे में यहां आपस में जुड़े भवनों की छत के नीचे से नाला निकला हुआ है और ऊपर भवन का निर्माण कर लिया गया है। ऐसे यहां एक- दो मकान नहीं, बल्कि कई मकान हैं। इस तरह से अवैध निर्माण कर नाले के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया गया है। दो मौतों के बाद सक्रिय हुए अधिकारियों ने यहां अवैध निर्माण की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित कर दी है। टीम में तहसीलदार सदर राजेंद्र बहादुर और नियत प्राधिकरण के अवर अभियंता एसके प्रजापति शामिल हैं। टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मोहल्ला पिसनारी बाग में नाले के पास बिना नक्शा पास कराए और अवैध रूप से किए जा रहे निर्माण की जांच के लिए उपजिलाधिकारी ने दो सदस्यीय टीम बनाई है। इसकी जांच की जा रही है। जिन मकानों के नक्शे पास नहीं हैं या मानक के अनुरुप निर्माण नहीं है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नाले पर अतिक्रमण का मामला नगर पालिका के अंतर्गत आता है।
- एसके प्रजापति, अवर अभियंता नियत प्राधिकरण

नाले पर भवन निर्माण के दौरान किए जा रहे पक्के अवैध अतिक्रमण हटाए जाने के लिए रणनीति बनाई जा रही है। शीघ्र ही अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा।
डॉ. संजय मिश्रा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed