{"_id":"60ac03358ebc3e7fc91e0c57","slug":"cctv-camera-not-working-dictict-jail-lalitpur-news-jhs195583836","type":"story","status":"publish","title_hn":"कारागार के निरीक्षण में तीन सीसीटीवी कैमरे मिले खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कारागार के निरीक्षण में तीन सीसीटीवी कैमरे मिले खराब
विज्ञापन
ललितपुर। जिला मजिस्ट्रेट अन्नावि दिनेश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने रविवार को सुबह जिला कारागार का निरीक्षण किया। जिसमें उन्होंने कोविड से बचाव के संबंध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कारागार के तीन सीसीटीवी कैमरे खराब मिले।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि जिला कारागार में बंदियों की शासन द्वारा निर्धारित क्षमता 180 के सापेक्ष 469 बंदी निरुद्ध हैं, जिसमें विचाराधीन बंदी 327, सिद्धदोष बंदियों की संख्या 98, अल्पव्यस्क 10, महिला 27 एवं अन्य कारागारों से प्रशासनिक आधार पर 7 बंदी हैं। इस कारागार में कुल 469 बंदी निरीक्षण के समय पाए गए। बंदियों की संख्या देख कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए सतर्कता एवं सजगता बरतने के लिए निर्देशित किया गया।
जिला कारागार में लगे सुरक्षा व्यवस्था के संयंत्रों को देखा गया। यहां पर 30 सीसीटीवी में 27 क्रियाशील एवं तीन खराब पाए गए। इस पर अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि इसे दो दिन के भीतर सही कराकर अवगत कराएं। निरीक्षण के समय भोजन बनकर तैयार हो गया था। मौके पर अधीक्षक द्वारा अवगत कराया कि यदि कोई बंदी ज्यादा भोजन की मांग करता है, उसे एडजस्ट किया जाता है। निरीक्षण में कोविड-19 बचाव के लिए बंदियों की आइसोथर्मल चेकिंग, मास्क आवश्यक दवाओं एवं सैनेटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था पाई गई।
विज्ञापन
इसके उपरांत महिला बैरक का निरीक्षण किया गया। जहां शांति देवी द्वारा बताया गया कि उसे मुकदमे में गलत फंसा दिया गया है, उसके मुकदमे की पुन: जांच कराई जाए। पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रकरण में विचार करने का आश्वासन दिया गया। तलाशी के दौरान बंदियों के पास कोई निषिद्ध वस्तु नहीं पाई गई। निरीक्षण के समय अधीक्षक, जिला कारागार उदय प्रताप मिश्र, अधीक्षक जिला कारागार, सुरेशकुमार प्रभारी कारापाल, विजय कुमार द्विवेदी, चिकित्साधिकारी जिला कारागार उपस्थित रहे।
बीमार बंदी के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जन से की जाएगी बात
यहां पर कार्यदायी संस्था यूपीसीएल द्वारा एक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, जिसका कार्य आंशिक हुआ है। कार्य में कई प्रकार की कमियां पाई गईं, जिनके निराकरण के निर्देश दिए गए। उधर, चिकित्सालय में 20 बंदी चिकित्सारत पाए गए। चिकित्सारत बंदियों को बुलाकर उनका हालचाल पूछा गया। चिकित्सालय में बंदी राजा परमार द्वारा बताया गया कि उसका एक हाथ सुन्न हो गया है। बंदी को आश्वस्त किया गया कि मेडिकल कॉलेज झांसी के न्यूरो सर्जन से संपर्क करके उसका समुचित इलाज कराया जाएगा, साथ ही अधीक्षक जिला कारागार को निर्देशित किया गया कि न्यूरो सर्जन से संपर्क करके और समय लेकर अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि जिला कारागार में बंदियों की शासन द्वारा निर्धारित क्षमता 180 के सापेक्ष 469 बंदी निरुद्ध हैं, जिसमें विचाराधीन बंदी 327, सिद्धदोष बंदियों की संख्या 98, अल्पव्यस्क 10, महिला 27 एवं अन्य कारागारों से प्रशासनिक आधार पर 7 बंदी हैं। इस कारागार में कुल 469 बंदी निरीक्षण के समय पाए गए। बंदियों की संख्या देख कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए सतर्कता एवं सजगता बरतने के लिए निर्देशित किया गया।
विज्ञापन
जिला कारागार में लगे सुरक्षा व्यवस्था के संयंत्रों को देखा गया। यहां पर 30 सीसीटीवी में 27 क्रियाशील एवं तीन खराब पाए गए। इस पर अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि इसे दो दिन के भीतर सही कराकर अवगत कराएं। निरीक्षण के समय भोजन बनकर तैयार हो गया था। मौके पर अधीक्षक द्वारा अवगत कराया कि यदि कोई बंदी ज्यादा भोजन की मांग करता है, उसे एडजस्ट किया जाता है। निरीक्षण में कोविड-19 बचाव के लिए बंदियों की आइसोथर्मल चेकिंग, मास्क आवश्यक दवाओं एवं सैनेटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था पाई गई।
विज्ञापन
इसके उपरांत महिला बैरक का निरीक्षण किया गया। जहां शांति देवी द्वारा बताया गया कि उसे मुकदमे में गलत फंसा दिया गया है, उसके मुकदमे की पुन: जांच कराई जाए। पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रकरण में विचार करने का आश्वासन दिया गया। तलाशी के दौरान बंदियों के पास कोई निषिद्ध वस्तु नहीं पाई गई। निरीक्षण के समय अधीक्षक, जिला कारागार उदय प्रताप मिश्र, अधीक्षक जिला कारागार, सुरेशकुमार प्रभारी कारापाल, विजय कुमार द्विवेदी, चिकित्साधिकारी जिला कारागार उपस्थित रहे।
बीमार बंदी के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जन से की जाएगी बात
यहां पर कार्यदायी संस्था यूपीसीएल द्वारा एक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, जिसका कार्य आंशिक हुआ है। कार्य में कई प्रकार की कमियां पाई गईं, जिनके निराकरण के निर्देश दिए गए। उधर, चिकित्सालय में 20 बंदी चिकित्सारत पाए गए। चिकित्सारत बंदियों को बुलाकर उनका हालचाल पूछा गया। चिकित्सालय में बंदी राजा परमार द्वारा बताया गया कि उसका एक हाथ सुन्न हो गया है। बंदी को आश्वस्त किया गया कि मेडिकल कॉलेज झांसी के न्यूरो सर्जन से संपर्क करके उसका समुचित इलाज कराया जाएगा, साथ ही अधीक्षक जिला कारागार को निर्देशित किया गया कि न्यूरो सर्जन से संपर्क करके और समय लेकर अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।