{"_id":"5a2d97e24f1c1b193e8b7e78","slug":"181512937442-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्यालयों में मनाया मानवाधिकार दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्यालयों में मनाया मानवाधिकार दिवस
Updated Mon, 11 Dec 2017 01:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विद्यालयों में मनाया मानवाधिकार दिवस
ललितपुर। रविवार को पनारी स्थित पहलवान गुरुदीन कालेज में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया गया। इस दौरान संस्थापक पारसनाथ यादव ने छात्राओं को बताया कि 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। इसके इतिहास की जानकारी देते हुए बताया कि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एक जुटता पर जोर दिया जाना चाहिए। प्रबंधक सूर्यनाथ यादव ने कहा कि देश में गरीबी सबसे बड़ी चुनौती है। मानवाधिकार दिवस मनाने का मुख्य लक्ष्य मानव जीवन से गरीबी का उन्मूलन और जीवन को अच्छी तरह से जीने में मदद करना है। इस दौरान एनसीसी 32 यूपी गर्ल्स बटालियन सीनियर विंग एवं जूनियर विंग की छात्राओं ने मानव अधिकार आयोग का प्रयास खुशहाल, और हर नागरिक यही आस पर ‘‘महिला और , मानव अधिकार और, राष्ट्रीय बाल अधिकार, मानवाधिकार और पर्यावरण संतुलन विषय पर निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर वंदना याज्ञिक, निरंजना चौबे, अलका यादव, दीपिका जैन, अनुष्का नायक, आकांक्षा दुबे, प्रवेश यादव, रत्ना याज्ञिक, प्रीति शुक्ला उपस्थित रहे।
वहीं, दीपचंद्र चौधरी महाविद्यालय में मानवाधिकार दिवस पर आयोजित सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें संस्थापक कमलेश चौधरी ने कहा कि भारतीय संविधान में वे सभी मानवाधिकार सम्मिलित है जो संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणा पत्र में घोषित किए गए हैं। प्रोफेसर भगवत नारायण शर्मा ने कहा कि मनुष्य से श्रेष्ठ इस संसार में कुछ भी नही है। इसलिए मानव के गौरव और उसके स्वाभिमानपूर्ण गरिमा को प्रतिक्षण सवंर्द्धित एवं संरक्षित करने के लिए रोजगार देने की जरूरत है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए ऐसे शैक्षिक आयोजन होते रहना आवश्यक है। इस मौके पर अभिषेक रावत, आदित्य मिश्रा, कपिल कछौरियां, हेमंत दुबे, राजेश सोनी मौजूद रहे।
विज्ञापन
ललितपुर। रविवार को पनारी स्थित पहलवान गुरुदीन कालेज में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया गया। इस दौरान संस्थापक पारसनाथ यादव ने छात्राओं को बताया कि 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। इसके इतिहास की जानकारी देते हुए बताया कि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एक जुटता पर जोर दिया जाना चाहिए। प्रबंधक सूर्यनाथ यादव ने कहा कि देश में गरीबी सबसे बड़ी चुनौती है। मानवाधिकार दिवस मनाने का मुख्य लक्ष्य मानव जीवन से गरीबी का उन्मूलन और जीवन को अच्छी तरह से जीने में मदद करना है। इस दौरान एनसीसी 32 यूपी गर्ल्स बटालियन सीनियर विंग एवं जूनियर विंग की छात्राओं ने मानव अधिकार आयोग का प्रयास खुशहाल, और हर नागरिक यही आस पर ‘‘महिला और , मानव अधिकार और, राष्ट्रीय बाल अधिकार, मानवाधिकार और पर्यावरण संतुलन विषय पर निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर वंदना याज्ञिक, निरंजना चौबे, अलका यादव, दीपिका जैन, अनुष्का नायक, आकांक्षा दुबे, प्रवेश यादव, रत्ना याज्ञिक, प्रीति शुक्ला उपस्थित रहे।
वहीं, दीपचंद्र चौधरी महाविद्यालय में मानवाधिकार दिवस पर आयोजित सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें संस्थापक कमलेश चौधरी ने कहा कि भारतीय संविधान में वे सभी मानवाधिकार सम्मिलित है जो संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणा पत्र में घोषित किए गए हैं। प्रोफेसर भगवत नारायण शर्मा ने कहा कि मनुष्य से श्रेष्ठ इस संसार में कुछ भी नही है। इसलिए मानव के गौरव और उसके स्वाभिमानपूर्ण गरिमा को प्रतिक्षण सवंर्द्धित एवं संरक्षित करने के लिए रोजगार देने की जरूरत है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए ऐसे शैक्षिक आयोजन होते रहना आवश्यक है। इस मौके पर अभिषेक रावत, आदित्य मिश्रा, कपिल कछौरियां, हेमंत दुबे, राजेश सोनी मौजूद रहे।
विज्ञापन