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वन विभाग के कामों पर बैठी जांच, गठित हुई तीन टीमें
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:53 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। वन विभाग द्वारा मनरेगा के तहत कराए जा रहे कामों पर जांच बैठा दी गई है। सीडीओ ने जांच के लिए तीन टीमें गठित कर दी हैं। जिससे वन कर्मियों में खलबली मच गई है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष 2017-18 में चार परियोजना स्वीकृत करते हुए प्रथम किस्त स्वीकृत के रूप में धनराशि अवमुक्त की गई हैं। इसमें समस्याग्रस्त ग्रामों में मृदा एवं जल संरक्षण कार्य स्वीकृत राशि 30 लाख रुपये, ग्राम समाज की भूमि में अग्रिम मृदा कार्य सहित पौधरोपण कार्य स्वीकृत राशि 18 लाख रुपये, पौधरोपण अनुरक्षण द्वितीय वर्ष स्वीकृत राशि 40.72 रुपये, वर्ष 2018-19 में पौधरोपण के लिए अग्रिम मृदा कार्य स्वीकृत राशि 85.20 लाख रुपये है। इस तरह कुल 173.92 रुपये से परियोजनाएं पूरी होनी हैं। जिसकी प्रथम किस्त खर्च हो चुकी है और अब विभागीय अधिकारी द्वितीय किस्त की मांग रहे हैं। इसके मद्देनजर जांच टीमें गठित कर दी गई हैं। इनमें सहायक निदेशक मत्स्य बी लाल, सहायक अभियंता डीआरडीए भागीरथ चतुर्वेदी ब्लाक बिरधा एवं जखौरा, जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह, नेमीचंद्र जैन अन्वेशक तकनीकी डीआरडीए ब्लाक तालबेहट व बार, जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां अनूप कुमार द्विवेदी, अवर अभियंता डीआरडीए संदीप तिवारी ब्लाक महरौनी व मड़ावरा की जांच सौपी गई हैं। इस सूचना से विभागीय कर्मियों में हड़कंप मच गया है। मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण ने डीएफओ को लिखे पत्र में जांच अधिकारियों को मांगे गए अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
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ललितपुर। वन विभाग द्वारा मनरेगा के तहत कराए जा रहे कामों पर जांच बैठा दी गई है। सीडीओ ने जांच के लिए तीन टीमें गठित कर दी हैं। जिससे वन कर्मियों में खलबली मच गई है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष 2017-18 में चार परियोजना स्वीकृत करते हुए प्रथम किस्त स्वीकृत के रूप में धनराशि अवमुक्त की गई हैं। इसमें समस्याग्रस्त ग्रामों में मृदा एवं जल संरक्षण कार्य स्वीकृत राशि 30 लाख रुपये, ग्राम समाज की भूमि में अग्रिम मृदा कार्य सहित पौधरोपण कार्य स्वीकृत राशि 18 लाख रुपये, पौधरोपण अनुरक्षण द्वितीय वर्ष स्वीकृत राशि 40.72 रुपये, वर्ष 2018-19 में पौधरोपण के लिए अग्रिम मृदा कार्य स्वीकृत राशि 85.20 लाख रुपये है। इस तरह कुल 173.92 रुपये से परियोजनाएं पूरी होनी हैं। जिसकी प्रथम किस्त खर्च हो चुकी है और अब विभागीय अधिकारी द्वितीय किस्त की मांग रहे हैं। इसके मद्देनजर जांच टीमें गठित कर दी गई हैं। इनमें सहायक निदेशक मत्स्य बी लाल, सहायक अभियंता डीआरडीए भागीरथ चतुर्वेदी ब्लाक बिरधा एवं जखौरा, जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह, नेमीचंद्र जैन अन्वेशक तकनीकी डीआरडीए ब्लाक तालबेहट व बार, जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां अनूप कुमार द्विवेदी, अवर अभियंता डीआरडीए संदीप तिवारी ब्लाक महरौनी व मड़ावरा की जांच सौपी गई हैं। इस सूचना से विभागीय कर्मियों में हड़कंप मच गया है। मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण ने डीएफओ को लिखे पत्र में जांच अधिकारियों को मांगे गए अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
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