फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   दामन बेदाग नहीं रख पा रहे नपा के ईओ

दामन बेदाग नहीं रख पा रहे नपा के ईओ

Mon, 16 Oct 2017 01:19 AM IST
Updated Mon, 16 Oct 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
दामन बेदाग नहीं रख पा रहे नपा के ईओ
दामन बेदाग नहीं रख पा रहे नपा के ईओ
विज्ञापन

तत्कालीन ईओ सामुदायिक केंद्र के निर्माण में फंसे तो वर्तमान रानीबाग प्रकरण में घिरे
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
नगर पालिका परिषद ललितपुर के अधिशासी अधिकारी अपने दामन को बेदाग नहीं रख पा रहे हैं। वर्तमान वर्तमान ईओ पालिका के दूसरे ऐसे अधिकारी हैं, जिन पर जांच की आंच आई है। डीएम द्वारा गठित की गई चार सदस्यीय कमेटी ने उनकी भूमिका रानीबाग की जमीन प्रकरण में संदेहास्पद पाई है तो इससे पहले नियुक्त रहे अधिशासी अधिकारी सामुदायिक केंद्र के निर्माण में अनियमितता बरते जाने के मामले में फंस गए थे।
नगर पालिका परिषद आम जन मानस को बुनियादी जरूरतें मुहैया कराता है। इसमें सड़क, बिजली, सामुदायिक भवन आदि शामिल हैं। पालिका इस पर हर साल लाखों रुपये व्यय करती है। तत्कालीन ईओ राकेश कुमार के कार्यकाल में लक्ष्मीनारायण मंदिर हनुमान धारा परिसर में सामुदायिक केंद्र का निर्माण कार्य कराया गया, जिसकी शिकायत मंडलायुक्त झांसी से हुई थी। जिस पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने अपर जिलाधिकारी से इसकी पड़ताल कराई। इसके उपरांत डीएम ने जांच रिपोर्ट के आधार पर अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार सहित संबंधित फर्म, निवर्तमान पालिकाध्यक्ष, अवर अभियंता पर रिकवरी निकाल दी थी। यह मामला उछलने पर अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार नगर पालिका छोड़ वापस कानपुर यूनिवर्सिटी पहुंच गए हैं। अब उनके स्थान पर अवनींद्र कुमार ने नगर पालिका परिषद में अधिशासी अधिकारी के तौर पर ज्वाइन किया है जो पूर्व में भी तैनात रह चुके हैं। हाल ही में रानीबाग भूमि का प्रकरण प्रकाश में आया है। इस मामले में डीएम मानवेंद्र सिंह ने चार सदस्यीय कमेटी गठित मामले की पड़ताल कराई। नामित कमेटी ने अधिशासी अधिकारी की भूमिका को संदेह की दृष्टि में रखा है। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि अभिलेखों के परीक्षण से स्पष्ट है कि पूरे प्रकरण में केवल एक व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की मंशा से पूरी व्यवस्था जगदीश शरण आदि के पक्ष में खड़ी हो गई। सभी का उद्देश्य यह था कि किसी प्रकार जगदीश शरण आदि को प्रश्नगत भूमि पर भौमिक अधिकार दे दिए जाए। यह पूरी प्रक्रिया अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद की आख्या 12 जनवरी 12 से प्रारंभ होकर सोलह मार्च 2016 को पूर्ण हुई। उधर, अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार का कहना है कि जो भी आख्या प्रस्तुत की गई है वह पालिका के अभिलेखों के आधार है। उन्होंने कुछ भी गलत होने से साफ इंकार किया है।
विज्ञापन


रिकवरी ठंडे बस्ते में
सामुदायिक केंद्र निर्माण में रिकवरी तो निकाल दी गई है, लेकिन कार्रवाई अंजाम तक नहीं पहुंच सकी है। कारण, कमेटी ने जिन्हें दोषी ठहराया है, उन्हें कितनी राशि जमा करनी है यह अभी तक तय नहीं हो पाया है, जिससे पूरा मामला ठंडे बस्ते में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed