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उफनाई शारदा की चपेट में आए दर्जनों गांव
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 27 Jun 2015 06:08 PM IST
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बनबसा से शुक्रवार को छोड़ा गया पानी जिले में पहुंच गया है। इससे कई गांव और खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं। उधर उफनाई शारदा खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पलिया-नगला, इमलिया फार्म के रास्ते पर कई फुट पानी चल रहा है। निघासन क्षेत्र में बाढ़ का पानी आ जाने से निघासन-बैलहा संपर्क मार्ग कट गया है उस पर पानी चल रहा है। यहां आवागमन के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। तिकुनिया क्षेत्र में मोहाना नदी के उफनाने से नेपाल का आवागमन बंद हो गया है।
पलियाकलां। पहाड़ों और इलाके में दो दिनों तक हुई वर्षा के बाद उफान पर आई शारदा नदी यहां खतरे के निशान को पार कर करीब 80 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। इससे इलाके के दर्जनों गांवों का फसली इलाका बाढ़ के पानी में डूब गया है। तमाम गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। पलिया-नगला मार्ग, इमलिया फार्म मार्ग पर बाढ़ का कई-कई फुट पानी चल रहा है तो वहीं चीनी मिल के एमडीएफ प्लांट के पास भी बाढ़ का पानी भर गया है।
शनिवार को अपराह्न करीब तीन बजे शारदा नदी खतरे के निशान 153.620 से 154.700 पर बहकर करीब 80 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई थी। इससे इलाके जंगल नंबर सात, आजादनगर, बर्बाद नगर, श्रीनगर, सूरजनगर, मटहिया, कचनारा, दौलतापुर, इमलिया, मरौचा, खैरहना, नगला आदि दर्जनों गांवों का खेतिहर इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया है। इसमें कई गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। इमलिया फार्म के रास्ते पर करीब तीन से चार फुट बाढ़ का पानी चल रहा है और आवागमन ठप हो गया है। पलिया-नगला मार्ग पर भी कई फुट बाढ़ का पानी चल रहा है हालांकि इस पर अभी आवागमन बंद नहीं हुआ है। गनीमत है कि बनबसा से रिलीजिंग कम हो गई है। रिलीजिंग बढ़ी तो हालात खराब हो सकते हैं।
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महंगापुर। शारदा नदी की बाढ़ का पानी बाजपुर जाने वाले रास्ते पर दो से तीन फुट तक चल रहा है। इलाका बाढ़ के पानी चपेट में है और लोग बुरी तरह परेशान हैं।
मझगईं। शारदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ जाने से क्षेत्र के गांव नयापुरवा, लियाकतपुरवा, खालेपुरवा, दुबहा कुंवरपुरकलां गांव में दो फिट से उपर पानी चल रहा है और फसलें जलमग्न हो गईं हैं। ग्रामीणों के आने जाने वाले रास्ते बाढ़ के पानी की वजह से बंद हो गए हैं।
बैलहा-निघासन संपर्क मार्ग बंद, नाव से आवागमन
निघासन। शारदा नदी का जलस्तर बढने से बैलहा-निघासन संपर्क मार्ग बंद हो गया है। वहां रपटा पुल के पास लोगों ने नाव से आवागमन शुरू किया है। उफनाई शारदा की धार ठाकुरपुरवा और बैलहा संपर्क मार्ग पर बने रपटा पुल के पास बहतिया नाले में गिर रही है। करीब एक किलोमीटर तक सड़क पर पानी भर जाने के कारण लोगों को निकलने में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नाले के पास स्थित गन्ना और धान के खेतों में पानी भरने से फसल चौपट हो रही हैं। गांव वालों के आने-जाने के लिए वहां तीन नावों की व्यवस्था की है। बैलहा निवासी किसान नेता नरेंद्र सिंह भदौरिया, दिनेश आदि ने बताया कि नाविक पांच रुपये प्रति सवारी ले रहे हैं। प्रशासन ने वहां पर अब तक यहां नाव की व्यवस्था नहीं की है। बाढ़ के पानी में पौधों से भरी ट्रॉली फंसने के कारण वहीं पर खड़ी है। उधर झौवापुरवा और खमरिया जाने वाले मार्ग पर भी पानी भरने लगा है। रास्ते पर करीब एक फुट पानी भर गया है।
मोहाना नदी उफनाई, नेपाल का रास्ता बंद
तिकुनियां। बार्डर पर बह रही मोहाना नदी के उफनाने से नदी किनारे के खेतों में करीब चार से पांच फुट पानी भर गया है। नेपाल जाने वाले रामनगर-मुंजहा डामर मार्ग पर पानी का बहाव होने से नेपाली नागरिकों को काफी दिक्कत हो गई है। नदी का जलस्तर निरंतर बढने से गांव में पानी घुसने का डर पैदा हो गया है। इस नदी में नेपाल की करनाली नदी का पानी आने से नदी ने विकराल रूप ले लिया है। नदी का पानी गांव रामनगर मुजहा में भरने लगा है। कस्बे से रामनगर मुजहा होते हुए नेपाल जाने वाला मार्ग भी मोहाना नदी में आई बाढ़ के चलते बंद हो गया है। जिसके चलते नेपाल जाने वाले यात्रियों को पांच किलोमीटर घूमकर बनवीरपुर मार्ग से होकर नेपाल जाना पड़ रहा है। नदी का जलस्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है।
एसडीएम ने किया बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा
एसडीएम शादाब असलम ने पलिया क्षेत्र कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ पूरी स्थिति का जायजा लेते हुए हालात से निपटने के लिए चर्चा की।
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पलियाकलां। पहाड़ों और इलाके में दो दिनों तक हुई वर्षा के बाद उफान पर आई शारदा नदी यहां खतरे के निशान को पार कर करीब 80 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। इससे इलाके के दर्जनों गांवों का फसली इलाका बाढ़ के पानी में डूब गया है। तमाम गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। पलिया-नगला मार्ग, इमलिया फार्म मार्ग पर बाढ़ का कई-कई फुट पानी चल रहा है तो वहीं चीनी मिल के एमडीएफ प्लांट के पास भी बाढ़ का पानी भर गया है।
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शनिवार को अपराह्न करीब तीन बजे शारदा नदी खतरे के निशान 153.620 से 154.700 पर बहकर करीब 80 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई थी। इससे इलाके जंगल नंबर सात, आजादनगर, बर्बाद नगर, श्रीनगर, सूरजनगर, मटहिया, कचनारा, दौलतापुर, इमलिया, मरौचा, खैरहना, नगला आदि दर्जनों गांवों का खेतिहर इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया है। इसमें कई गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। इमलिया फार्म के रास्ते पर करीब तीन से चार फुट बाढ़ का पानी चल रहा है और आवागमन ठप हो गया है। पलिया-नगला मार्ग पर भी कई फुट बाढ़ का पानी चल रहा है हालांकि इस पर अभी आवागमन बंद नहीं हुआ है। गनीमत है कि बनबसा से रिलीजिंग कम हो गई है। रिलीजिंग बढ़ी तो हालात खराब हो सकते हैं।
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महंगापुर। शारदा नदी की बाढ़ का पानी बाजपुर जाने वाले रास्ते पर दो से तीन फुट तक चल रहा है। इलाका बाढ़ के पानी चपेट में है और लोग बुरी तरह परेशान हैं।
मझगईं। शारदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ जाने से क्षेत्र के गांव नयापुरवा, लियाकतपुरवा, खालेपुरवा, दुबहा कुंवरपुरकलां गांव में दो फिट से उपर पानी चल रहा है और फसलें जलमग्न हो गईं हैं। ग्रामीणों के आने जाने वाले रास्ते बाढ़ के पानी की वजह से बंद हो गए हैं।
बैलहा-निघासन संपर्क मार्ग बंद, नाव से आवागमन
निघासन। शारदा नदी का जलस्तर बढने से बैलहा-निघासन संपर्क मार्ग बंद हो गया है। वहां रपटा पुल के पास लोगों ने नाव से आवागमन शुरू किया है। उफनाई शारदा की धार ठाकुरपुरवा और बैलहा संपर्क मार्ग पर बने रपटा पुल के पास बहतिया नाले में गिर रही है। करीब एक किलोमीटर तक सड़क पर पानी भर जाने के कारण लोगों को निकलने में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नाले के पास स्थित गन्ना और धान के खेतों में पानी भरने से फसल चौपट हो रही हैं। गांव वालों के आने-जाने के लिए वहां तीन नावों की व्यवस्था की है। बैलहा निवासी किसान नेता नरेंद्र सिंह भदौरिया, दिनेश आदि ने बताया कि नाविक पांच रुपये प्रति सवारी ले रहे हैं। प्रशासन ने वहां पर अब तक यहां नाव की व्यवस्था नहीं की है। बाढ़ के पानी में पौधों से भरी ट्रॉली फंसने के कारण वहीं पर खड़ी है। उधर झौवापुरवा और खमरिया जाने वाले मार्ग पर भी पानी भरने लगा है। रास्ते पर करीब एक फुट पानी भर गया है।
मोहाना नदी उफनाई, नेपाल का रास्ता बंद
तिकुनियां। बार्डर पर बह रही मोहाना नदी के उफनाने से नदी किनारे के खेतों में करीब चार से पांच फुट पानी भर गया है। नेपाल जाने वाले रामनगर-मुंजहा डामर मार्ग पर पानी का बहाव होने से नेपाली नागरिकों को काफी दिक्कत हो गई है। नदी का जलस्तर निरंतर बढने से गांव में पानी घुसने का डर पैदा हो गया है। इस नदी में नेपाल की करनाली नदी का पानी आने से नदी ने विकराल रूप ले लिया है। नदी का पानी गांव रामनगर मुजहा में भरने लगा है। कस्बे से रामनगर मुजहा होते हुए नेपाल जाने वाला मार्ग भी मोहाना नदी में आई बाढ़ के चलते बंद हो गया है। जिसके चलते नेपाल जाने वाले यात्रियों को पांच किलोमीटर घूमकर बनवीरपुर मार्ग से होकर नेपाल जाना पड़ रहा है। नदी का जलस्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है।
एसडीएम ने किया बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा
एसडीएम शादाब असलम ने पलिया क्षेत्र कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ पूरी स्थिति का जायजा लेते हुए हालात से निपटने के लिए चर्चा की।