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सूखी पड़ी नहरें, धड़ल्ले से बालू खनन
बांकेगंज।
Updated Wed, 20 Jan 2016 05:01 PM IST
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कस्बा सहित ब्लाक क्षेत्र में इन दिनों सूखी पड़ी खीरी और सीतापुर ब्रांच
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नहरों में धड़ल्ले से अवैध बालू खनन हो रहा है। सूखी पड़ी नहरों में खनन कर
निकाली गई बालू के ढेर पटरी किनारे लगाकर खनन माफिया शासन-प्रशासन को आइना
दिख रहे हैं।
खीरी और सीतापुर ब्रांच नहरों का पानी बंद होते ही माफिया सक्रिय होकर खुलेआम बालू निकालने का धंधा शुरू कर देते हैं। आलम ये है कि माफिया नहर से खनन कर निकाली गई बालू ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर सड़क मार्ग से बेखौफ गोला बिक्री के लिए ले जाते है। नहरों किनारे गांवों खैरताली, गुलाब नगर, देवीपुर, दौलतपुर, हरिहरपुर, मोतीपुर, बांकेपुर आदि के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नहरों के सूखते ही माफिया सक्रिय होकर बालू निकालना शुरू कर देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि माफिया नहरों से बालू निकालकर उसके ऊंचे ढेर पटरियों पर लगा देते हैं। इसके बाद वे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए लगाए गए बालू के ढेर की बेखौफ दिन रात ढुलाई करते हैं। जिससे नहर की पटरियों में गहरे गड्ढे बन गए हैं, इससे लोगों को निकलने मेें परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और विभाग के जिम्मेदारों से नहरों में हो रहे अवैध बालू खनन को रोकने की मांग की है।
खीरी और सीतापुर ब्रांच नहरों का पानी बंद होते ही माफिया सक्रिय होकर खुलेआम बालू निकालने का धंधा शुरू कर देते हैं। आलम ये है कि माफिया नहर से खनन कर निकाली गई बालू ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर सड़क मार्ग से बेखौफ गोला बिक्री के लिए ले जाते है। नहरों किनारे गांवों खैरताली, गुलाब नगर, देवीपुर, दौलतपुर, हरिहरपुर, मोतीपुर, बांकेपुर आदि के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नहरों के सूखते ही माफिया सक्रिय होकर बालू निकालना शुरू कर देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि माफिया नहरों से बालू निकालकर उसके ऊंचे ढेर पटरियों पर लगा देते हैं। इसके बाद वे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए लगाए गए बालू के ढेर की बेखौफ दिन रात ढुलाई करते हैं। जिससे नहर की पटरियों में गहरे गड्ढे बन गए हैं, इससे लोगों को निकलने मेें परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और विभाग के जिम्मेदारों से नहरों में हो रहे अवैध बालू खनन को रोकने की मांग की है।