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औषधीय आइला की सौ बोरी हुईं बरामद
अमर उजाला ब्यूरो महंगापुर।
Updated Thu, 23 Mar 2017 10:55 PM IST
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चाोरी
- फोटो : अमर उजाला
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- डीएफओ ने गठित की थी टीम, देर रात गदनियां बीट में बरामदगी
- एक लाख 50 हजार रुपए बताई जा रही कीमत
नार्थ खीरी फारेस्ट डिवीजन की गदनियां बीट के जंगल में चोरी से काटी गई औषधीय वनस्पति आइला के सौ बोरे बरामद हुए हैं। इसकी कीमत डेढ़ लाख रुपये से अधिक बताई जाती है। आइला चोरी से काटने की मिली सूचना मिलने पर डीएफओ नार्थ दिव्या ने देर रात टीम गठित कर मौके पर भेजी तो वहां से एक लाख 50 हजार रुपये मूल्य की आइला बरामद हुई है। बरामद आइला को सीज कर केस काट दिया गया है।
नार्थ खीरी फारेस्ट डिवीजन की गदनियां बीट में जंगल से कुछ लोगों ने औषधीय वनस्पति आइला चोरी से काट कर खेतों में एकत्र की थी। इसकी सूचना मिलने पर डीएफओ दिव्या ने टीम गठित की। टीम में निघासन के डिप्टी रेंजर भूपेंद्र सिंह और श्याम सुंदर शामिल थे। डीएफओ के निर्देश पर दोनों अधिकारी परसपुर वन दरोगा बांकेलाल और वनरक्षक चंद्रसेन को साथ लेकर मौके पर पहुंचे तो खेतों में 100 बोरों में भरी औषधीय आइला बरामद हुई। इसको सीज कर परसपुर चौकी भेजा गया है। डिप्टी रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि गदनियां गांव के पास खेतों में यह बोरियां बरामद हुई हैं। उन्होंने बताया कि आइला से शैंपू, साबुन, तेल आदि चीजों का निर्माण होता है। उधर डीएफओ दिव्या ने बताया कि आइला कटने की सूचना पर टीम भेजी थी। जिसने मौके से आइला बरामद की है, बरामद आइला को सीज करवाकर केस काट दिया गया है। बरामद आइला औषधीय की अनुमानित कीमत लगभग एक लाख 50 हजार रुपए है। इस कीमती औषधीय वनस्पति के कटान में वन विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता पाई जाती है तो जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- एक लाख 50 हजार रुपए बताई जा रही कीमत
नार्थ खीरी फारेस्ट डिवीजन की गदनियां बीट के जंगल में चोरी से काटी गई औषधीय वनस्पति आइला के सौ बोरे बरामद हुए हैं। इसकी कीमत डेढ़ लाख रुपये से अधिक बताई जाती है। आइला चोरी से काटने की मिली सूचना मिलने पर डीएफओ नार्थ दिव्या ने देर रात टीम गठित कर मौके पर भेजी तो वहां से एक लाख 50 हजार रुपये मूल्य की आइला बरामद हुई है। बरामद आइला को सीज कर केस काट दिया गया है।
नार्थ खीरी फारेस्ट डिवीजन की गदनियां बीट में जंगल से कुछ लोगों ने औषधीय वनस्पति आइला चोरी से काट कर खेतों में एकत्र की थी। इसकी सूचना मिलने पर डीएफओ दिव्या ने टीम गठित की। टीम में निघासन के डिप्टी रेंजर भूपेंद्र सिंह और श्याम सुंदर शामिल थे। डीएफओ के निर्देश पर दोनों अधिकारी परसपुर वन दरोगा बांकेलाल और वनरक्षक चंद्रसेन को साथ लेकर मौके पर पहुंचे तो खेतों में 100 बोरों में भरी औषधीय आइला बरामद हुई। इसको सीज कर परसपुर चौकी भेजा गया है। डिप्टी रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि गदनियां गांव के पास खेतों में यह बोरियां बरामद हुई हैं। उन्होंने बताया कि आइला से शैंपू, साबुन, तेल आदि चीजों का निर्माण होता है। उधर डीएफओ दिव्या ने बताया कि आइला कटने की सूचना पर टीम भेजी थी। जिसने मौके से आइला बरामद की है, बरामद आइला को सीज करवाकर केस काट दिया गया है। बरामद आइला औषधीय की अनुमानित कीमत लगभग एक लाख 50 हजार रुपए है। इस कीमती औषधीय वनस्पति के कटान में वन विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता पाई जाती है तो जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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